फसल क्षति के आकलन और मुआवजे की मांग को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। हाल ही में आए तूफान और तेज हवाओं के कारण तहसील बरहज क्षेत्र के विभिन्न गांवों में किसानों की धान सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में खड़ी फसलें गिर जाने से किसानों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय समानता दल सहित विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सोमवार को उप जिलाधिकारी बरहज को ज्ञापन सौंपा।इस दौरान राष्ट्रीय समानता दल के प्रदेश अध्यक्ष संजयदीप कुशवाहा ने कहा कि किसान पहले से ही महंगाई, खाद-बीज की बढ़ती कीमतों और खेती की लागत से परेशान हैं। ऐसे में प्राकृतिक आपदा ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। प्रशासन को तत्काल गांव-गांव में फसल क्षति का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा उपलब्ध कराना चाहिए, ताकि कोई भी किसान राहत से वंचित न रहे।खेमयू सीपीआई के प्रदेश सचिव विनोद सिंह ने कहा कि फसलों की बर्बादी केवल किसानों का व्यक्तिगत नुकसान नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है। सरकार और प्रशासन को आपदा प्रभावित किसानों को समय से आर्थिक सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।सीपीआई देवरिया के जिला सचिव अरविंद कुशवाहा ने राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम गठित कर निष्पक्ष सर्वेक्षण कराने तथा वास्तविक नुकसान के आधार पर क्षतिपूर्ति देने की मांग की। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के पात्र किसानों को भी जल्द बीमा लाभ दिलाने पर जोर दिया।राष्ट्रीय समानता दल के जिला प्रवक्ता श्रवण कुमार पटेल ने कहा कि सर्वेक्षण और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। प्रभावित खेतों का स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाए और राहत राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में समयबद्ध तरीके से भेजी जाए।प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम से तहसील क्षेत्र के सभी प्रभावित गांवों में तत्काल फसल क्षति का आकलन कराकर नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग की। इस दौरान राजेंद्र पाल, मुस्तफा, वीरेंद्र यादव, रामरेखा पटेल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।