
महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन, 700 से अधिक प्रतिनिधि और 20 औषधि कंपनियां होंगी शामिल
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के समन्वय से स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की संभावनाओं को तलाशने के लिए देशभर के विशेषज्ञ गोरखपुर में जुटेंगे। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के गुरु गोरक्षनाथ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आयुर्वेद कॉलेज) में 4 से 6 नवंबर तक तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन ‘दीर्घायु-2026’ का आयोजन किया जाएगा। इसमें 700 से अधिक चिकित्सक, शिक्षाविद्, शोधार्थी और आयुर्वेद विशेषज्ञ भाग लेंगे। वहीं, 20 औषधि निर्माण कंपनियां अपने उत्पादों और अनुसंधान संबंधी उपलब्धियों का प्रदर्शन करेंगी।भारतीय ज्ञान परंपरा (आईकेएस) सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन के तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आयोजन की समीक्षा के लिए हुई बैठक में आयुर्वेद कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गिरिधर वेदांतम ने आयोजन समिति के सदस्यों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सम्मेलन का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. भूपेश कुमार गोयल के मार्गदर्शन में होगा।सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के उपमहानिदेशक डॉ. श्रीकांत नारायणम मुख्य अतिथि के रूप में करेंगे। महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. केआरसी रेड्डी और मध्य प्रदेश के एमपी बिरला चिकित्सालय समूह, सतना के चिकित्सा निदेशक डॉ. संजय माहेश्वरी विशिष्ट अतिथि होंगे। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. भूपेश कुमार गोयल करेंगे। इसके बाद विशेषज्ञों के व्याख्यान और विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए चिकित्सकीय प्रकरण प्रस्तुतीकरण सत्र आयोजित होगा।सम्मेलन के दूसरे दिन आयुर्वेद और वृद्धावस्था चिकित्सा के संबंध, नवीन शोध तथा उपचार की संभावनाओं पर वैज्ञानिक सत्र होंगे। इनमें विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञ अपने शोध और अनुभव साझा करेंगे। तीन समानांतर सत्रों में शोधपत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। शाम को ‘अभिव्यक्ति-2026’ के तहत सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें गीत, संगीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी।आयोजन के अंतिम दिन 6 नवंबर को धन्वंतरि जयंती के अवसर पर भगवान धन्वंतरि का यज्ञ किया जाएगा। आयुष मंत्रालय के राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान आयोग के सदस्य डॉ. कमलेश कुमार द्विवेदी का पाथेय उद्बोधन होगा। समापन समारोह में उत्कृष्ट शोधपत्र प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत करने के साथ आयोजन में सहयोग देने वाले प्रायोजकों और सहयोगियों को सम्मानित किया जाएगा।आयोजकों के अनुसार सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य आयुर्वेद एवं वृद्धावस्था चिकित्सा के क्षेत्र में वैज्ञानिक शोध, चिकित्सकीय अनुभव और उपचार पद्धतियों का आदान-प्रदान करना है। इसके माध्यम से बढ़ती उम्र में सक्रिय, स्वस्थ और सम्मानजनक जीवन की अवधारणा को प्रोत्साहित करने के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के बीच बेहतर समन्वय की संभावनाओं पर भी विमर्श किया जाएगा।
