
2027 में भाजपा होगी 300 पार – केशव प्रसाद मौर्य
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा अभी से चढ़ने लगा है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने चुनावी भविष्यवाणी करते हुए विपक्ष पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में 300 से अधिक सीटें जीतकर एक बार फिर प्रदेश की सत्ता में वापसी करेगी। इतना ही नहीं, उन्होंने 2029 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा की सरकार बनने का भरोसा जताया। राहुल गांधी और अखिलेश यादव को निशाने पर लेते हुए मौर्य ने कहा कि अगले 30 वर्षों तक राहुल गांधी प्रधानमंत्री और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगे। उनके इस बयान ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
कांग्रेस-सपा पर ‘बांटो और राज करो’ का आरोप
केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की राजनीति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि दोनों दल ‘बांटो और राज करो’ की नीति पर चलते हैं। उनके मुताबिक, विपक्षी पार्टियां समाज को बांटकर राजनीतिक लाभ हासिल करना चाहती हैं। उन्होंने रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम को भी फ्लॉप करार दिया। मौर्य का दावा था कि सत्ता परिवर्तन और सत्ता की अदला-बदली की बातें करने वाले नेताओं को वहां जनता का अपेक्षित समर्थन नहीं मिला।
वोट चोरी के आरोपों पर विपक्ष को घेरा
विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले वोट चोरी के मुद्दे पर भी उप मुख्यमंत्री ने पलटवार किया। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के दौर की घटनाओं का जिक्र करते हुए सरदार पटेल का वोट चोरी किए जाने तथा राजनारायण से जुड़े चुनावी प्रसंग का हवाला दिया। इन उदाहरणों के जरिए उन्होंने विपक्ष के आरोपों पर सवाल खड़े किए। हालांकि, इन ऐतिहासिक दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। मौर्य ने कहा कि भाजपा जनता के आशीर्वाद से चुनाव जीतती है और पार्टी न तो वोट चोरी करती है और न ही ऐसा करेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि आगामी चुनाव में मतदाता कमल के निशान पर बटन दबाकर भाजपा को फिर सत्ता सौंपेंगे। उनके मुताबिक, भाजपा सरकार में गरीबों के कल्याण के लिए चल रही योजनाएं आगे भी जारी रहेंगी।
अखिलेश पर तीखा हमला, जांच को लेकर भी बड़ा संदेश
सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए मौर्य ने दावा किया कि वह एक महीने के भीतर राजनीतिक रूप से दिखाई देना बंद कर देंगे। उनके इस बयान को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज होने की संभावना है। उन्होंने यह भी कहा कि गलत काम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के निर्माण में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए जांच एजेंसी की कार्रवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
2027 की लड़ाई के लिए अभी से सियासी संदेश
केशव मौर्य के बयानों से साफ है कि भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर आक्रामक राजनीतिक तेवर अपनाने शुरू कर दिए हैं। एक ओर उन्होंने 300 से अधिक सीटों का लक्ष्य सामने रखा, तो दूसरी ओर कांग्रेस और सपा के शीर्ष नेताओं को सीधे निशाने पर लिया। अब निगाहें विपक्ष की प्रतिक्रिया और आने वाले दिनों में तेज होने वाली चुनावी बयानबाजी पर रहेंगी। बड़ा सवाल यही है कि 2027 में जनता किसके दावों पर मुहर लगाएगी—भाजपा के आत्मविश्वास पर या विपक्ष की चुनौती पर? नोट: नेताओं के राजनीतिक दावे और आरोप संबंधित वक्तव्य के आधार पर प्रस्तुत किए गए हैं। इन्हें चुनाव परिणाम या स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य न माना जाए।
