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घने कोहरे ने रोकी विमानों की उड़ान, 3 फ्लाइट डायवर्ट; घाटों से सड़कों तक छाई सफेद चादर

वाराणसी (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। धर्मनगरी काशी में नवंबर की शुरुआत के साथ ही मौसम ने ऐसी करवट ली कि लोग हैरान रह गए। दो दिनों तक बारिश, फिर तेज धूप और शाम को दोबारा बूंदाबांदी के बाद सोमवार सुबह पूरा बनारस घने कोहरे और सफेद धुंध की चादर में लिपटा नजर आया। सड़कों से लेकर गंगा के घाटों तक छाई धुंध ने ठंड का एहसास बढ़ा दिया। सबसे बड़ा असर बाबतपुर एयरपोर्ट पर देखने को मिला, जहां कम दृश्यता के कारण दो घरेलू और एक अंतरराष्ट्रीय विमान को डायवर्ट करना पड़ा। नवंबर के दूसरे दिन ही दिसंबर जैसी सुबह देखकर शहरवासी भी मौसम के इस बदले मिजाज की चर्चा करते नजर आए।

बारिश के बाद छाया घना कोहरा, थम गई रफ्तार

पिछले कुछ दिनों से वाराणसी और आसपास के इलाकों में हो रही छिटपुट बारिश और बादलों के कारण वातावरण में नमी बढ़ गई थी। इसके बाद आसमान साफ होने और रात के तापमान में गिरावट से सुबह घना कोहरा छा गया। इसका असर सुबह घर से निकलने वाले लोगों, स्कूली बच्चों, मॉर्निंग वॉक करने वालों और वाहन चालकों पर पड़ा। कई जगहों पर दृश्यता इतनी कम रही कि चालकों को हेडलाइट और फॉग लाइट जलाकर धीमी रफ्तार से आगे बढ़ना पड़ा।

गंगा के घाटों पर धुंध का पहरा, बदला काशी का नजारा

दशाश्वमेध, अस्सी और नमो घाट समेत गंगा किनारे के प्रमुख स्थानों पर सुबह सफेद धुंध का असर दिखाई दिया। आम दिनों में श्रद्धालुओं और पर्यटकों से गुलजार रहने वाले घाटों का नजारा भी बदला हुआ नजर आया। सुबह की सैर पर निकले लोग मौसम के इस अप्रत्याशित बदलाव पर चर्चा करते दिखे। ठंड बढ़ने के साथ ही लोगों की दिनचर्या और पहनावे में भी बदलाव नजर आने लगा। हाफ टी-शर्ट की जगह गर्म कपड़ों ने लेनी शुरू कर दी, वहीं चाय की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ दिखाई दी।

कम दृश्यता से विमान सेवाएं प्रभावित, तीन उड़ानें डायवर्ट

कोहरे का सबसे गंभीर असर लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, बाबतपुर पर देखने को मिला। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दृश्यता कम होने से तीन विमानों को अपने गंतव्य पर उतरने में परेशानी हुई।
बेंगलुरु से सुबह 4:30 बजे उड़ान भरने वाला इंडिगो का विमान 6E 6558 लगभग 6:40 बजे वाराणसी हवाई क्षेत्र में पहुंचा। लैंडिंग की अनुमति नहीं मिलने पर करीब 20 मिनट तक हवा में चक्कर लगाने के बाद उसे लखनऊ डायवर्ट कर दिया गया। दिल्ली से सुबह 5:25 बजे रवाना हुआ इंडिगो का विमान 6E 6246 भी लगभग 6:50 बजे वाराणसी पहुंचा, लेकिन कम दृश्यता के कारण उसे भी लखनऊ भेजना पड़ा।
वहीं, काठमांडू से आया बुद्ध एयर का अंतरराष्ट्रीय विमान U4 161 सुबह करीब 7:04 बजे वाराणसी के आसमान में पहुंचा। लगभग 50 मिनट तक चक्कर लगाने के बाद विमान को वापस काठमांडू डायवर्ट कर दिया गया।

आगे और बढ़ सकती है ठंड

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सुबह 8:15 बजे तक दृश्यता लगभग 250 मीटर दर्ज की गई थी। इतनी कम दृश्यता में विमानों की सुरक्षित लैंडिंग प्रभावित हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में सुबह और रात के तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। ऐसे में काशीवासियों को सुबह के समय कोहरे और बढ़ती ठंड के लिए तैयार रहने की जरूरत है। वाहन चालकों को सावधानी बरतने और यात्रा से पहले विमान की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी जाती है।