फगवाड़ा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में छात्रों के प्रदर्शन और हिंसक झड़प के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) पर करीब 15 घंटे से अधिक समय से बाधित यातायात को बहाल कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन विश्वविद्यालय और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। तनाव को देखते हुए इलाके में इंटरनेट सेवाएं भी बंद की गई हैं।
मामला उस समय गरमा गया जब छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में एक बाहरी व्यक्ति द्वारा छात्रा से कथित दुष्कर्म किए जाने के दावे को लेकर प्रदर्शन शुरू किया। रविवार को प्रदर्शन के दौरान परिसर में तोड़फोड़ हुई और बाद में छात्रों ने NH-44 के एक हिस्से को भी जाम कर दिया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
CM भगवंत मान ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
मामले पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार पंजाब के DGP गौरव यादव को स्वयं LPU पहुंचकर घटनाक्रम की जानकारी लेने और मौके की स्थिति का आकलन करने को कहा गया है।
रात में खुला NH-44, सुबह भी भारी पुलिस बल तैनात
जालंधर के पुलिस आयुक्त सतिंदर सिंह के मुताबिक रविवार और सोमवार की मध्यरात्रि के दौरान NH-44 पर यातायात बहाल कर दिया गया। सोमवार सुबह भी विश्वविद्यालय के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे। सुरक्षा व्यवस्था के बीच कई छात्र अपने घरों के लिए रवाना होते दिखाई दिए।
प्रदर्शन के दौरान झड़प और पथराव
अधिकारियों के मुताबिक छात्र रविवार सुबह करीब आठ बजे से राजमार्ग पर प्रदर्शन कर रहे थे। शाम को पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाने की कोशिश की। इसी दौरान कुछ छात्रों द्वारा पुलिसकर्मियों पर पानी की बोतलें फेंके जाने के बाद स्थिति बिगड़ गई और झड़प हुई।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया। इसके बाद कुछ छात्र परिसर की ओर लौट गए। अधिकारियों का कहना है कि परिसर पहुंचने के बाद कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए और पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचा।
हालात को नियंत्रित करने के लिए ADGP एम.एफ. फारूकी के नेतृत्व में देर रात बड़ी संख्या में पुलिस बल विश्वविद्यालय परिसर में पहुंचा। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में पुलिस ने फ्लैग मार्च भी किया।
2 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती
ADGP के अनुसार कानून-व्यवस्था बनाए रखने और विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 2,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। प्रशासन की ओर से छात्रों और अन्य लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
कथित दुष्कर्म मामले की SIT जांच
छात्रों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है। मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है। हालांकि, पुलिस ने अभी कथित घटना की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है।
वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में दुष्कर्म की घटना होने के दावे को अफवाह बताया है। ऐसे में घटना की वास्तविक स्थिति SIT की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
10 दिन तक कक्षाएं स्थगित, परीक्षाएं भी टलीं
तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए LPU प्रशासन ने सोमवार से नियमित कक्षाएं 10 दिनों के लिए स्थगित कर दी हैं। मिड-टर्म परीक्षाएं भी अगले आदेश तक टाल दी गई हैं। विश्वविद्यालय ने छात्रों को माता-पिता या अभिभावकों से सलाह लेकर घर जाने की अनुमति दी है।
परिसर में रहने वाले छात्रों को हॉस्टल अथवा अपने आवास में रहने और अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है।
इंटरनेट सेवाएं बंद, सोशल मीडिया पर नजर
तनाव के बीच इलाके में इंटरनेट सेवाएं भी बंद की गई हैं। अधिकारियों के अनुसार इसका उद्देश्य सोशल मीडिया पर अफवाहों और अपुष्ट सूचनाओं के प्रसार को रोकना है। प्रदर्शन से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें कथित तौर पर परिसर में तोड़फोड़ और कुछ वस्तुओं में आग लगाए जाने के दृश्य दिखाई देते हैं। इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
चितकारा यूनिवर्सिटी के बाद LPU में प्रदर्शन
LPU में हुए प्रदर्शन से एक दिन पहले पटियाला स्थित चितकारा विश्वविद्यालय में भी अपुष्ट सूचनाओं को लेकर छात्रों के प्रदर्शन की खबर सामने आई थी। वहां प्रदर्शनकारियों द्वारा एक पुलिस वाहन को आग लगाए जाने की घटना की जानकारी सामने आई थी।
फिलहाल LPU परिसर और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल मौजूद है। NH-44 पर यातायात सामान्य कर दिया गया है और पुलिस के अनुसार स्थिति नियंत्रण में है। कथित दुष्कर्म मामले की सच्चाई अब SIT की जांच के बाद ही सामने आएगी।