घर पर करें ये 5 एक्सरसाइज, फिटनेस बनाए रखने में मिलेगी मदद

लेखक: अमरेश रावत
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बदलते मौसम के साथ सुबह की ठंडी हवा, बढ़ती सुस्ती और शारीरिक गतिविधियों में कमी का असर हमारी फिटनेस पर भी पड़ने लगता है। कई लोग ठंड के कारण मॉर्निंग वॉक और जिम जाना कम कर देते हैं। नतीजा यह होता है कि शरीर में अकड़न महसूस होने लगती है, दिनभर आलस बना रहता है और वजन बढ़ने की आशंका भी बढ़ जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि फिट रहने के लिए हर दिन जिम जाना या महंगे उपकरण खरीदना जरूरी नहीं है?
कुछ आसान एक्सरसाइज की मदद से घर पर ही शरीर को सक्रिय रखा जा सकता है। स्क्वैट्स, पुश-अप्स, प्लैंक, सूर्य नमस्कार और जंपिंग जैक्स जैसे अभ्यास मांसपेशियों को मजबूत बनाने, शरीर की सहनशक्ति बढ़ाने और कैलोरी खर्च करने में मदद कर सकते हैं। नियमित व्यायाम के साथ संतुलित खानपान और पर्याप्त नींद अपनाई जाए, तो वजन को नियंत्रित रखने में भी सहायता मिल सकती है।
आइए जानते हैं इन पांच एक्सरसाइज को करने का सही तरीका, इनके फायदे और शुरुआत करने वालों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
- स्क्वैट्स: पैरों और जांघों को बनाएं मजबूत
स्क्वैट्स शरीर के निचले हिस्से की मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाली प्रभावी एक्सरसाइज है। इसके नियमित अभ्यास से जांघों, कूल्हों और पैरों की ताकत बढ़ाने में मदद मिलती है। यह रोजमर्रा के काम, जैसे कुर्सी पर बैठने और उठने की क्षमता को बेहतर बनाने में भी उपयोगी है।
स्क्वैट्स करने की सही विधि
सबसे पहले पैरों को कंधों की चौड़ाई के बराबर खोलकर सीधे खड़े हो जाएं।
दोनों हाथों को सामने की ओर रखें, ताकि शरीर का संतुलन बना रहे।
अब धीरे-धीरे घुटनों को मोड़ते हुए कूल्हों को पीछे की ओर ले जाएं, जैसे आप कुर्सी पर बैठ रहे हों।
अपनी पीठ को सहज स्थिति में रखें और ध्यान दें कि घुटने पैरों की दिशा में रहें।
अपनी क्षमता के अनुसार नीचे जाएं और फिर एड़ियों पर दबाव देते हुए वापस खड़े हो जाएं।
कितनी बार करें? शुरुआत में 8-12 स्क्वैट्स के 2 सेट करें। अभ्यास आसान लगने पर धीरे-धीरे संख्या बढ़ा सकते हैं।
फायदा: पैरों की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और शरीर की सक्रियता बढ़ती है। इससे कैलोरी खर्च करने में भी मदद मिल सकती है। - पुश-अप्स: मजबूत बनाएं छाती, कंधे और बाजू
अगर आप बिना किसी उपकरण के ऊपरी शरीर की ताकत बढ़ाना चाहते हैं, तो पुश-अप्स अच्छा विकल्प हैं। इस अभ्यास में छाती, कंधों, बाजुओं और पेट की मांसपेशियां काम करती हैं। हालांकि शुरुआत में सामान्य पुश-अप्स कठिन लग सकते हैं, इसलिए आसान तरीके से अभ्यास शुरू करना बेहतर है।
पुश-अप्स करने की सही विधि
सबसे पहले पेट के बल जमीन पर आ जाएं और दोनों हथेलियों को कंधों के नीचे रखें।
पैरों को पीछे की ओर सीधा रखें और शरीर को सिर से एड़ी तक एक सीध में बनाए रखें।
अब कोहनियों को मोड़ते हुए छाती को धीरे-धीरे जमीन की ओर लाएं।
इसके बाद हथेलियों से जमीन पर दबाव डालते हुए शरीर को वापस ऊपर उठाएं।
पूरे अभ्यास के दौरान कमर को न तो बहुत नीचे झुकाएं और न ही कूल्हों को ज्यादा ऊपर उठाएं।
कितनी बार करें? शुरुआत में 5-8 पुश-अप्स के 1-2 सेट पर्याप्त हो सकते हैं। कठिनाई होने पर दीवार या मजबूत ऊंची सतह के सहारे पुश-अप्स करें।
फायदा: छाती, कंधों और बाजुओं की ताकत बढ़ाने के साथ शरीर के ऊपरी हिस्से को मजबूत बनाने में मदद मिलती है। - प्लैंक: पेट और कमर की मांसपेशियों को दें मजबूती
प्लैंक एक प्रभावी कोर एक्सरसाइज है, जो पेट, पीठ और कमर के आसपास की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करती है। इस अभ्यास में शरीर को एक निश्चित स्थिति में रोककर रखना होता है। इससे संतुलन और शारीरिक स्थिरता बेहतर करने में सहायता मिलती है।
ध्यान रखें कि केवल प्लैंक करने से पेट की चर्बी किसी एक जगह से कम नहीं होती। पेट का फैट घटाने के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित भोजन और समय के साथ कैलोरी संतुलन पर ध्यान देना जरूरी है।
प्लैंक करने की सही विधि
पेट के बल लेटकर दोनों कोहनियों को कंधों के ठीक नीचे रखें।
पैरों की उंगलियों को जमीन पर टिकाएं और शरीर को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं।
सिर, पीठ, कूल्हों और पैरों को लगभग एक सीध में रखें।
पेट की मांसपेशियों को हल्का कसकर रखें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें।
निर्धारित समय पूरा होने पर धीरे-धीरे शरीर को नीचे ले आएं।
कितनी देर करें? शुरुआत में 10-20 सेकंड तक प्लैंक करें। धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाकर 30-60 सेकंड तक पहुंच सकते हैं। कमर में दर्द होने पर जबरदस्ती अभ्यास न करें।
फायदा: कोर मसल्स मजबूत होती हैं और शरीर की स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलती है। - सूर्य नमस्कार: एक अभ्यास में पूरे शरीर की स्ट्रेचिंग
सर्दियों में सुबह के समय सूर्य नमस्कार करना शरीर को सक्रिय करने का अच्छा तरीका हो सकता है। यह योग अभ्यास कई मुद्राओं का क्रम है, जिसमें शरीर को आगे झुकाने, पीछे की ओर खिंचाव देने और अलग-अलग स्थितियों में संतुलन बनाने की जरूरत होती है।
सूर्य नमस्कार से लचीलेपन, शारीरिक सक्रियता और मांसपेशियों की सहनशक्ति को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। नए लोगों को इसे धीरे-धीरे सीखना चाहिए।
सूर्य नमस्कार करने की विधि
सबसे पहले योग मैट पर सीधे खड़े हो जाएं और दोनों पैरों को आरामदायक स्थिति में रखें।
दोनों हथेलियों को छाती के सामने जोड़कर सामान्य सांस लें।
सांस लेते हुए हाथों को ऊपर उठाएं और अपनी क्षमता के अनुसार हल्का पीछे की ओर झुकें।
सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे झुकें। जरूरत पड़ने पर घुटनों को थोड़ा मोड़ सकते हैं।
इसके बाद पैरों को पीछे ले जाकर क्रमशः अपनी क्षमता के अनुसार प्लैंक और अन्य योग मुद्राएं करें।
अभ्यास के अगले चरणों में नियंत्रित तरीके से आगे बढ़ते हुए दोबारा खड़े होने की स्थिति में लौट आएं।
सूर्य नमस्कार के पारंपरिक क्रम में कई मुद्राएं होती हैं। शुरुआत में किसी प्रशिक्षित योग शिक्षक की सहायता से सही क्रम और सांस लेने का तरीका सीखना बेहतर रहेगा।
कितने राउंड करें? शुरुआत में 2-4 राउंड पर्याप्त हैं। अभ्यास और सहनशक्ति बढ़ने पर धीरे-धीरे राउंड बढ़ाएं। हर व्यक्ति के लिए 8-12 राउंड करना जरूरी नहीं है।
फायदा: शरीर के अलग-अलग हिस्सों में खिंचाव आता है, लचीलापन बढ़ता है और नियमित गतिविधि से फिटनेस बनाए रखने में मदद मिलती है। - जंपिंग जैक्स: शरीर को सक्रिय करने वाली कार्डियो एक्सरसाइज
अगर आप कम समय में शरीर को सक्रिय करना चाहते हैं, तो जंपिंग जैक्स एक आसान कार्डियो विकल्प है। इसमें हाथों और पैरों को एक साथ खोलने और बंद करने की गतिविधि होती है। इससे हृदय गति बढ़ती है और कैलोरी खर्च करने में मदद मिलती है।
हालांकि, घुटनों, टखनों या जोड़ों में परेशानी होने पर तेज उछलने वाली एक्सरसाइज हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं होती।
जंपिंग जैक्स करने की सही विधि
सबसे पहले पैरों को पास रखकर सीधे खड़े हो जाएं और हाथों को शरीर के बगल में रखें।
हल्की छलांग लगाते हुए दोनों पैरों को बाहर की ओर फैलाएं और हाथों को सिर के ऊपर ले जाएं।
अगली छलांग में पैरों को वापस पास लाएं और हाथों को नीचे कर लें।
इस प्रक्रिया को अपनी क्षमता के अनुसार लगातार दोहराएं।
जमीन पर उतरते समय घुटनों को हल्का मोड़ें, ताकि झटका कम लगे।
कितनी देर करें? शुरुआत में 20-30 सेकंड के 2-3 राउंड करें। बीच में आराम लें। अभ्यास बढ़ने पर समय धीरे-धीरे बढ़ा सकते हैं।
आसान विकल्प: यदि छलांग लगाने में परेशानी हो, तो बिना उछले एक-एक पैर को बगल में ले जाएं और साथ में हाथ ऊपर-नीचे करें।
फायदा: हृदय संबंधी फिटनेस बेहतर करने, शरीर को सक्रिय रखने और ऊर्जा खर्च बढ़ाने में मदद मिलती है।
घर पर फिट रहने के लिए अपनाएं ये 5 जरूरी नियम - वर्कआउट से पहले वार्म-अप करें: सीधे कठिन व्यायाम शुरू न करें। 5-10 मिनट तक कमरे में चलें, कंधे घुमाएं और हल्की गतिविधियां करें।
- नियमितता को प्राथमिकता दें: शुरुआत में 10-15 मिनट का अभ्यास भी उपयोगी हो सकता है। अपनी क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे अवधि बढ़ाएं।
- खानपान पर रखें ध्यान: दाल, सब्जियां, फल, साबुत अनाज और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों को संतुलित मात्रा में शामिल करें। मीठे पेय और बार-बार तला-भुना खाने से बचें।
- पर्याप्त पानी और नींद लें: ठंड में प्यास कम लग सकती है, लेकिन शरीर को पर्याप्त पानी चाहिए। साथ ही रोजाना पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करें।
- शरीर के संकेतों को समझें: व्यायाम के दौरान सीने में दर्द, चक्कर, असामान्य सांस फूलना या तेज दर्द हो, तो तुरंत रुकें। पुरानी बीमारी, जोड़ों की समस्या या लंबे समय से निष्क्रिय रहने की स्थिति में कठिन व्यायाम शुरू करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लें।
निष्कर्ष
बदलते मौसम में फिट रहने के लिए जिम जाना ही एकमात्र रास्ता नहीं है। स्क्वैट्स, पुश-अप्स, प्लैंक, सूर्य नमस्कार और जंपिंग जैक्स को अपनी क्षमता के अनुसार दिनचर्या में शामिल करके घर पर भी सक्रिय रहा जा सकता है। नियमित अभ्यास, संतुलित खानपान और अच्छी नींद वजन को नियंत्रित रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
याद रखें, फिटनेस का असली मंत्र एक दिन में बहुत ज्यादा व्यायाम करना नहीं, बल्कि हर दिन अपनी सेहत के लिए थोड़ा समय निकालना है। आज से ही छोटी शुरुआत करें और धीरे-धीरे इसे अपनी आदत बनाएं।
