
रांची (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। झारखंड की राजधानी रांची में बेखौफ अपराधियों की ताबड़तोड़ फायरिंग के बाद पुलिस ने ऐसा शिकंजा कसा कि वारदात के महज 12 घंटे के भीतर कथित अपराधियों तक पहुंच गई। हजारीबाग के एके इंटरनेशनल होटल में फायरिंग और रांची के कांके थाना क्षेत्र में कोयला कारोबारी के घर पर गोलियां चलाए जाने की घटनाओं के बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू की। इसी अभियान के दौरान धुर्वा थाना क्षेत्र के सीठियो इलाके में रिंग रोड के पास पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में सौरभ कुमार नामक आरोपी को गोली लगने की सूचना है, जबकि राहुल दुबे गिरोह से जुड़े बताए जा रहे पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है।
कारोबारी के घर फायरिंग से दहशत, पुलिस ने बनाई विशेष टीम
मामला कांके थाना क्षेत्र के प्रेमनगर का है, जहां रहने वाले कोयला कारोबारी संजय करमाली के घर पर बीती रात अपराधियों ने कथित तौर पर अंधाधुंध फायरिंग की। अचानक हुई गोलीबारी से इलाके में दहशत फैल गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल विशेष टीम गठित कर संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस की कार्रवाई आगे बढ़ी और संदिग्धों को घेरने की कोशिश की गई।
सीठियो में आमना-सामना, जवाबी फायरिंग में आरोपी घायल
पुलिस की कार्रवाई धुर्वा थाना क्षेत्र के सीठियो स्थित रिंग रोड के पास मुठभेड़ तक पहुंच गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में सौरभ कुमार घायल हो गया। उसे गोली लगने की सूचना है। वहीं, पुलिस ने राहुल दुबे गिरोह से कथित रूप से जुड़े पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। घटनास्थल पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और कई थानों के प्रभारियों के पहुंचने की भी जानकारी सामने आई है। हटिया डीएसपी नीरज कुमार भी मौके पर मौजूद बताए गए हैं।
चार से अधिक पिस्टल और कारतूस बरामद होने का दावा
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से चार से अधिक पिस्टल, कई राउंड जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई कई मोटरसाइकिल बरामद किए जाने की जानकारी दी है। बरामद हथियारों की जांच से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि इनका इस्तेमाल किन-किन घटनाओं में हुआ था। हालांकि, हथियारों और अन्य बरामद सामान का विस्तृत आधिकारिक ब्योरा सामने आने पर ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
रंगदारी और पुरानी गोलीबारी से भी जुड़ रहे तार?
शुरुआती पूछताछ के आधार पर पुलिस को आशंका है कि गिरफ्तार आरोपी क्षेत्र में रंगदारी और दहशत फैलाने की कई घटनाओं में शामिल रहे हैं। कुछ दिन पहले बुढ़मू थाना क्षेत्र के छापर बालू घाट पर हुई गोलीबारी में भी इसी गिरोह के सदस्यों की कथित संलिप्तता की बात सामने आई है। पुलिस अब इन घटनाओं के बीच संभावित संबंधों की जांच कर रही है।
फिलहाल छापेमारी जारी है। पुलिस की जांच का अगला फोकस यह पता लगाना होगा कि फायरिंग के पीछे रंगदारी का विवाद था या कोई दूसरी वजह, गिरोह के नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है तथा बरामद हथियारों का इस्तेमाल किन वारदातों में किया गया। मामले में आगे की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ होगी।
