सभी जिलों में कंप्यूटर सहायकों की लॉग-इन आईडी तत्काल बंद करने के निर्देश

पीलीभीत प्रकरण के बाद निर्वाचन विभाग सख्त, मामले में शामिल आउटसोर्स कंप्यूटर सहायक की सेवा समाप्त करने का आदेश; डीईओ और ईआरओ की तय होगी जवाबदेही
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से जुड़े डिजिटल कामकाज की सुरक्षा को लेकर निर्वाचन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। जनपद पीलीभीत में ECINET पोर्टल पर कंप्यूटर सहायकों की लॉग-इन आईडी के कथित दुरुपयोग से संबंधित शिकायतों और सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश ने प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) को तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) कार्यालयों में तैनात कंप्यूटर सहायकों यानी मतदाता पंजीकरण केंद्र के ऑपरेटरों की लॉग-इन आईडी निष्क्रिय कराई जाएगी।
पीलीभीत प्रकरण के बाद प्रदेशव्यापी कदम
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से 31 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पीलीभीत से मिली शिकायतों के बाद यह निर्णय लिया गया है। निर्देशों का उद्देश्य ECINET पोर्टल पर अनधिकृत गतिविधियों की आशंका को रोकना और मतदाता पंजीकरण से संबंधित कार्यों की सुरक्षा, पारदर्शिता तथा विश्वसनीयता बनाए रखना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सभी जिलों में बंद होंगी ऑपरेटरों की आईडी
निर्देश के मुताबिक, प्रत्येक जिला निर्वाचन अधिकारी अपने जिले के सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित करेंगे। जिले के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता पंजीकरण केंद्र के ऑपरेटरों की लॉग-इन आईडी निष्क्रिय कराई जाएगी। आईडी बंद होने के बाद संबंधित कंप्यूटर सहायक अपने लॉग-इन के जरिए ECINET पोर्टल पर कोई गतिविधि नहीं कर सकेंगे।
ईआरओ से पुष्टि, डीईओ करेंगे सत्यापन
निर्वाचन विभाग ने केवल आईडी निष्क्रिय करने तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी है। सभी लॉग-इन आईडी निष्क्रिय होने के बाद संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों से इसकी पुष्टि प्राप्त की जाएगी। इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी स्वयं जिले के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में की गई कार्रवाई का सत्यापन करेंगे। अनुपालन आख्या तत्काल मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को भेजना अनिवार्य होगा।
इस व्यवस्था के जरिए विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि निर्देशों का पालन कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि सभी संबंधित केंद्रों पर वास्तव में कार्रवाई पूरी हो।
पीलीभीत के संबंधित कंप्यूटर सहायक की सेवा समाप्त करने का आदेश
प्रेस विज्ञप्ति में एक और महत्वपूर्ण कार्रवाई का उल्लेख किया गया है। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 127-पीलीभीत के प्रकरण में संलिप्त आउटसोर्स कंप्यूटर सहायक की सेवा तत्काल समाप्त करने का निर्देश संबंधित फर्म को दे दिया गया है। हालांकि, विज्ञप्ति में कथित दुरुपयोग की विस्तृत प्रकृति और संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध आगे की कार्रवाई का विवरण नहीं दिया गया है।
मतदाता सूची की शुचिता पर विभाग का जोर
निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची से संबंधित कार्यों में सुरक्षा, पारदर्शिता और शुचिता सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशों का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
पीलीभीत प्रकरण के बाद उठाए गए इस कदम से मतदाता पंजीकरण की डिजिटल प्रक्रिया में लॉग-इन सुरक्षा और अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया है। अब सभी जिलों में आईडी निष्क्रिय करने और अनुपालन रिपोर्ट भेजने की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
