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नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रिश्वतखोरी के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अपनी बैंक सिक्योरिटी एंड फ्रॉड ब्रांच (BS&FB) में तैनात एक कांस्टेबल और एक वकील को गिरफ्तार किया है। दोनों पर कथित तौर पर छह लाख रुपये की रिश्वत के लेन-देन में शामिल होने का आरोप है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
सीबीआई के अनुसार, उसे ऐसी सूचना मिली थी कि BS&FB में तैनात कांस्टेबल (GD) जय कुमार सिंह ने एक कथित बिचौलिए के साथ मिलकर कोलकाता के कारोबारी राम चंद्र डागा और उनके बेटे बसंत डागा को एक मामले में फंसाने की धमकी देते हुए 20 लाख रुपये की अवैध रकम मांगी थी।
आरोप है कि कांस्टेबल ने कारोबारी और अन्य लोगों की कथित गतिविधियों से जुड़ी जानकारी होने का दावा किया था। इसी सिलसिले में उसने कारोबारी के वकील से भी संपर्क किया। इसके बाद वकील हाल में दिल्ली पहुंचा था और मामले को कथित तौर पर आपसी सहमति से सुलझाने की कोशिश की जा रही थी।
जांच एजेंसी का आरोप है कि पश्चिम बंगाल का रहने वाला कथित बिचौलिया भी पूरे मामले से परिचित था और रिश्वत की रकम में अपना हिस्सा मिलने की उम्मीद कर रहा था।
अधिकारियों के मुताबिक, पिछले सप्ताह दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के एक मॉल में हुई मुलाकात के दौरान कथित रिश्वत की रकम 20 लाख रुपये से घटाकर छह लाख रुपये तय की गई। सीबीआई को संभावित रिश्वत लेन-देन की जानकारी मिलने के बाद एजेंसी ने संबंधित गतिविधियों पर निगरानी शुरू कर दी थी।
इसके बाद रविवार को सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई की टीम ने कार्रवाई की। टीम ने कथित लेन-देन के दौरान मौके पर छापा मारा और कांस्टेबल जय कुमार सिंह तथा कारोबारी के वकील को गिरफ्तार कर लिया।
सीबीआई की इस कार्रवाई से जांच एजेंसी के भीतर ही कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। फिलहाल एजेंसी मामले में आगे की जांच कर रही है और कथित बिचौलिए की भूमिका समेत रिश्वतखोरी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।