
60 घंटे की गिनती, आखिरी दौर में पलटा खेल! दरभंगा में भाजपा को झटका, राजद के अनिल झा की बड़ी जीत
✍️ दरभंगा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बिहार विधान परिषद की दरभंगा स्नातक निर्वाचन सीट पर मतगणना के नतीजे ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी। जिस मुकाबले में भाजपा प्रत्याशी और मौजूदा विधान पार्षद सर्वेश कुमार सिंह लंबे समय तक बढ़त बनाए हुए थे, वहां आखिरकार बाजी राजद प्रत्याशी अनिल कुमार झा के हाथ लगी। करीब 60 घंटे तक चली मतगणना के बाद अनिल झा ने सर्वेश कुमार को 4,010 मतों से पराजित कर जीत दर्ज की। इस नतीजे ने एक बार फिर साबित किया कि वरीयता आधारित चुनाव में शुरुआती बढ़त ही जीत की गारंटी नहीं होती।
मतगणना के दौरान सर्वेश कुमार अधिकांश समय अपने प्रतिद्वंद्वियों से आगे चल रहे थे। पहली वरीयता के मतों की गिनती पूरी होने के बाद भी उनकी स्थिति मजबूत दिखाई दे रही थी। लेकिन निर्धारित जीत का कोटा पूरा नहीं होने के कारण मतगणना एलिमिनेशन प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ी। कम मत पाने वाले प्रत्याशियों के बाहर होने के साथ उनके मतपत्रों पर दर्ज अगली वरीयता के मतों का हस्तांतरण शुरू हुआ और मुकाबले की तस्वीर बदलने लगी।

अंतिम तीन प्रत्याशियों के बीच मुकाबला पहुंचने पर भी सर्वेश कुमार 1,046 मतों से आगे बताए जा रहे थे। इसके बाद जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी मोहम्मद इम्तियाज के मतपत्रों पर दर्ज दूसरी वरीयता के मतों की गणना और हस्तांतरण हुआ। इसी प्रक्रिया के बाद अनिल झा ने बढ़त हासिल कर ली और अंततः 4,010 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। लंबे समय तक आगे रहने के बावजूद सर्वेश कुमार को मिली हार इस चुनाव का सबसे चर्चित पहलू बन गई।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में वरीयता आधारित मतदान के कारण मतगणना का अंतिम दौर बेहद अहम होता है। जब कोई प्रत्याशी आवश्यक कोटा हासिल नहीं कर पाता, तो सबसे कम मत पाने वाले प्रत्याशी को क्रमशः बाहर किया जाता है। उसके मतपत्रों पर दर्ज अगली वरीयता के अनुसार पात्र प्रत्याशियों को मत हस्तांतरित किए जाते हैं। इसी गणित ने दरभंगा में चुनावी मुकाबले का रुख पलट दिया।
सर्वेश कुमार का राजनीतिक सफर भी इस चुनाव में चर्चा का विषय रहा। वर्ष 2020 के चुनाव में उन्होंने भाजपा से अलग होकर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरने का फैसला किया था। उस चुनाव में उन्होंने जदयू प्रत्याशी दिलीप चौधरी को हराकर पहली बार विधान परिषद में जगह बनाई थी। इस बार वह भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे, लेकिन वरीयता मतों की अंतिम गणना में पिछड़ गए।
करीब 60 घंटे तक चली मतगणना के बाद आए परिणाम ने दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सियासत में नया अध्याय जोड़ दिया है। अनिल कुमार झा की जीत राजद के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जबकि लंबे समय तक बढ़त बनाए रखने के बाद सर्वेश कुमार की हार ने वरीयता आधारित चुनाव की जटिलता को फिर सामने ला दिया। इस मुकाबले में निर्णायक साबित हुए दूसरी वरीयता के मतों ने नतीजे की पूरी कहानी बदल दी।
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