आठ बैठकों में सुलझा भरण-पोषण विवाद, दंपति ने फिर साथ रहने का लिया संकल्प
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। आपसी विवादों को बातचीत और समझौते के माध्यम से सुलझाने की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मऊ ने सराहनीय पहल की है। ‘मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0’ अभियान के तहत एक बुजुर्ग दंपति के भरण-पोषण संबंधी विवाद का 81 दिनों में सौहार्दपूर्ण समाधान कराया गया। विवाद सुलझने के बाद दंपति ने फिर से साथ रहने का संकल्प लिया।यह पहल माननीय सर्वोच्च न्यायालय के तत्वावधान में संचालित अभियान तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (यूपीएसएलएसए) के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मऊ के अध्यक्ष संजय कुमार यादव के नेतृत्व में पूरी की गई। अधिवक्ता मध्यस्थ कंचनलता ने इस मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभाई और दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर विवाद के समाधान का रास्ता निकाला।प्राप्त जानकारी के अनुसार, 24 जुलाई 2026 से 13 अक्टूबर 2026 के बीच लगभग आठ मध्यस्थता बैठकों का आयोजन किया गया। इन बैठकों में दोनों पक्षों की बात सुनते हुए आपसी सहमति बनाने का प्रयास किया गया। अंततः विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकला और बुजुर्ग दंपति ने फिर से एक साथ रहने का निर्णय लिया।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आमजन से अपील की गई है कि आपसी विवादों को सुलझाने के लिए मध्यस्थता का विकल्प अपनाएं। इससे पक्षकारों के बीच संवाद और सहमति के आधार पर विवादों का समाधान संभव है।मध्यस्थता एवं निःशुल्क विधिक सहायता से संबंधित जानकारी के लिए जिला न्यायालय परिसर स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय, मऊ में संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा निःशुल्क विधिक सहायता हेल्पलाइन नंबर 15100 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
