जननीजन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयशी
जो भी कहूँ जितना भी कहूँ,बेहतर से बेहतर शब्द चुनू,महिला शक्ति की महिमा में,श्रद्धारूपिणी की गरिमा में। जन्म के समय वो महिला थी,जिसने थाम लिया था हाथों में,डाक्टर, नर्स, दाई…
प्रयास हमें बहुत कुछ सिखा जाते हैं
— डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ छोटी-छोटी बूंदें जब निरंतर बरसती हैं,तो तालाब और पोखरे सब भर जाते हैं।नदियों का पानी धारा बन बहता है,और आखिर समुद्र में जा मिलता…
सच देखो, सच सुनो, सच बोलो: सकारात्मक सोच और सादा जीवन का संदेश
आज के दौर में जब भ्रम, दिखावा और नकारात्मकता तेजी से बढ़ रही है, तब “सच देखो सच सुनो सच बोलो” का संदेश हमें जीवन की वास्तविक दिशा दिखाता है।…
✍️ प्रेम का रंग – त्याग, सहिष्णुता और ईमानदारी की प्रेरक कविता
प्रेम का रंग चढ़ता चला गया,यूँ लगा कि दुनिया हमारी है,त्याग का यत्न जब सीखा तोऐसा लगा कि जन्नत हमारी है।जीवन का साथ निभाता चला गया,समस्याएँ भी सुलझाता चला गया,दहशतगर्दी…
फागुन–चैत की बज उठी शहनाई: वसंत, होली और आम्रकुंज की अमराई का काव्य उत्सव
भारतीय ऋतुओं में वसंत ऋतु केवल मौसम नहीं, बल्कि जीवन में नवचेतना का उत्सव है। फागुन–चैत के आते ही खेत-खलिहान, बाग-बगीचे, वन-उपवन और जन-मन—सब उल्लास से भर उठते हैं। इसी…
सच और झूठ का विकल्प
✍️ डॉ० कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ सच बोलना मानव की मूल प्रवृत्ति है,सच से ही जीवन में पवित्रता सृजित है।झूठ सुनकर जब मन व्यथित हो जाता है,तो झूठ कहने से…
निर्विकार प्रेम कविता: भक्ति, धर्म और ईश्वर का सार
— डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ प्रेम केवल भावना नहीं, यह भक्ति का स्वरूप है,प्रेम पूजा है, जहां न स्वार्थ है, न अहंकार का रूप है।जब प्रेम निस्वार्थ बन जाए,…
संत से पूछिए क्रोध क्या होता है
✍️ डाॅ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ जीत–हार का तजुर्बा अजीब होता है,जीत पर सारी दुनिया गले लगाती है,हार के बाद तो नज़दीक नहीं आती,बल्कि अनावश्यक मुँह चिढ़ाती है। असफलता पर…
सुप्रभात तो एक बहाना है: आस्था, धैर्य और जीवन दर्शन पर प्रेरक कविता
लेखक: डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र, ‘आदित्य’ सुप्रभात तो एक बहाना हैजब सूर्य की कृपा होती है, सूर्य कीकिरणें प्रकाश देती हैं, भगवान कीकृपा से ही उसके दर्शन हो सकते हैंऔर…
आत्मविश्वास व परोपकार
• डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ दर्पण का काम ही है सबको सबकीसूरत दिखाना चाहे अच्छी हो या नहीं,कितना निरपेक्ष है दर्पण का सिद्धांत,कितना लाजवाब है दर्पण का किरदार। दर्पण…
