
हाटा-देवरिया मार्ग की धीमी प्रगति पर डीएम नाराज, अधिकारियों को लगाई फटकार
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने गुरुवार सुबह करीब 8 बजे जिले की दो प्रमुख सड़क निर्माण परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर निर्माण की प्रगति, सड़क की चौड़ाई और गुणवत्ता की जांच की। हाटा-देवरिया मार्ग पर काम की धीमी रफ्तार और कुछ तकनीकी कमियां मिलने पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों व अभियंताओं के प्रति नाराजगी जताते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
हाटा-देवरिया मार्ग की परियोजना पर अब तक करीब 55 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। निरीक्षण के दौरान पेड़ों की मार्किंग नहीं होने, विद्युत पोल शिफ्टिंग में देरी समेत अन्य कमियां सामने आईं। जिलाधिकारी ने इन बिंदुओं पर अधिकारियों से जवाब लिया और स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए निर्धारित समय में परियोजना पूरी कराने को कहा।
करीब 74.47 करोड़ रुपये की लागत वाली यह सड़क परियोजना मार्च 2026 में शुरू हुई थी और इसे मई 2027 तक पूरा किया जाना निर्धारित है।
इसके बाद जिलाधिकारी ने देवरिया-कसया बाईपास मार्ग के पीपरपाती, पिंडरा, रावतपुर, बैकुंठपुर और मधवापुर होकर जाने वाले हिस्से के सुदृढ़ीकरण कार्य का जायजा लिया। यहां करीब 50 प्रतिशत कार्य पूरा पाया गया और निर्माण की प्रगति संतोषजनक मिली। लगभग 9.61 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना की शुरुआत मई 2026 में हुई थी, जबकि इसे जून 2027 तक पूरा किया जाना है।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने दोनों परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति परखने के लिए मौके पर सड़क की खुदाई कराकर निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता देखी। साथ ही सड़क की चौड़ाई की माप भी कराई। हाटा-देवरिया मार्ग पर प्रगति और गुणवत्ता को लेकर उन्होंने विशेष रूप से सुधार के निर्देश दिए, जबकि देवरिया-कसया बाईपास मार्ग के कार्य को संतोषजनक बताया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों और अभियंताओं को दोनों परियोजनाओं पर नियमित निगरानी रखने तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी अनिल कुमार जाटव, डीएसटीओ अरुण कुमार सिंह, एडीएसटीओ आनंद चौरसिया समेत अवर अभियंता, सहायक अभियंता और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
