— डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’
आदित्य मति खोजि-खोजि,
गूगल-ऊगल में सर्च करत,
झूठ और साँच का भेद सबै,
कवित्त रचना लिखावतो।
सीता-राम, राधा-कृष्ण,
शिव-शिवा, शंकर-सती,
देव-दनुज, नर और नारी,
सबकी महिमा बतावतो।
तुलसीकृत रामचरित मानस,
गीता, भागवत और महाभारत,
वाल्मीकि, व्यास, सूर, केशव—
कविन लिखि गाथा सुनावतो।
आदित्य कवि कहत है सबलों,
हृदय की यह पावन प्रीति,
संसार की अगम्य-गम्य प्रतीति,
जन-गण मानस को दिखावतो।
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के Gorakhpur जनपद में पेट्रोल-डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित…
क्वालिटी से समझौता नहीं होगा, गोलघर–कलेक्ट्रेट चौराहे के कार्यों की जांच के आदेश गोरखपुर (राष्ट्र…
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के Deoria जनपद के बरहज विधानसभा क्षेत्र में उस…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के Maharajganj में आयोजित एक वैचारिक विमर्श में यह…
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम हेट स्पीच : डिजिटल युग में कानून, लोकतंत्र और सामाजिक संतुलन…
बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के Ballia जनपद के माल्देपुर क्षेत्र में बुधवार को…