Category: लखनऊ

तनावग्रस्त न रहें

कुछ मित्र ऐसे अवश्य होते हैं,चाहे पास रहें अथवा दूर रहें,बात कर सकें या नहीं कर सकें,पर हमेशा महत्व पूर्ण होते हैं। सात सत्य बातें महत्वपूर्ण हैं,दर्पण कभी झूठ नहीं…

लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 हेतु सातवें चरण के 13 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों तथा 01 विधानसभा उप निर्वाचन क्षेत्र का मतदान सकुशल सम्पन्न

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के प्रेस कान्फ्रेंस हॉल में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि 13 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र 63-महराजगंज,…

सीप्ज की 51वीं वर्षगांठ पर भव्य रक्तदान शिविर संपन्न 2637 बोतल रक्त जमा

मुंबई(राष्ट्र की परम्परा)भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के सहयोग से विश्व प्रसिद्ध आभूषण केंद्र, सीप्ज-सेज, के 51वीं वर्षगांठ पर महा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। भारत रत्नम…

अर्थ–अनर्थ

किसी का पद उसकी श्रेष्ठतानिश्चित नहीं कर सकता है,पर उसका आचार व्यवहार हीउसकी श्रेष्ठता तय करता है। प्रशंसा सभी को प्रिय होती है,पर कोई नहीं समझ पाता है,कि यह महान…

विचारों पर नियंत्रण

अगर हमें यह साधारण सा एहसासहो जाय कि गुज़रा हुआ वक्त दुबाराफिर नहीं आता है तो हमारा आपकासारा भावी जीवन सार्थक हो जाता है. अहंकार भारी भरकम होना पड़ता है,पर…

जीवन का सत्कर्म पुण्य देता है

समय, सत्ता, संपत्ति और शरीरकभी हमारा साथ दें या नहीं दें,अच्छा स्वभाव, समझ, सत्संग,संबंध व सत्कर्म सदा साथ देते हैं। कर्म फल से तो स्वयं ईश्वर भी,अपने को मुक्त नहीं…

नादानों से रिश्ता रखो

जो दिल से दूसरों का सम्मान करते हैं,वह अपने सम्मान का ख़याल रखते हैं,जो झुक कर किसी का मान करते हैं,वो उसे झुकाकर खुद इज़्ज़त पाते हैं। जो किसी से…

पुलिस पिटाई से मौत मामले में तत्काल गिरफ्तारी, एक करोड़ मुआवजे की मांग

आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सरकार से की मांग मुख्य सचिव तथा डीजीपी को लिखा पत्र लखनऊ(राष्ट्र की परम्परा) पुलिस की बर्बरता से देवरिया के बरहज थाना क्षेत्र…

बुद्धम् शरणम् गच्छामि

बुद्धं शरणम् गच्छामि,मैं बुद्ध की शरण लेता हूँ,धम्मं शरणम् गच्छामि,मैं धर्म की शरण लेता हूँ,संघं शरणम् गच्छामि,मैं संघ की शरण लेता हूँ,एस धम्मो सनातनो,अर्थात यही सनातन धर्म है। प्रबुद्ध बुद्ध…

फ़िल्मों की संस्कारहीनता

क्या क्या दिखलाया जाता भोलीभाली भारतवर्ष की हमारी जनता को,हिंसा खुलेआम नंगापन, छल कपट,नीचा दिखलाना भाई का भाई को। जो सिखलाया था हमारे पुरखों ने,पैसों की लिये भूल रहे संस्कार…

दुनिया का दस्तूर

पिता तो साक्षात वट वृक्ष होते हैं,अंदर से नर्म प्रत्यक्ष सख़्त होते हैं,अब जब नहीं हैं वह इस संसार में,बस स्मृतियाँ आती हैं मेरे ज़ेहन में। ज़िंदगी का जोड़ घटाना…

अशोक वाटिका में हनुमान

मेरे राम को भजने वाले,क्यों न सामने आते हो।प्रभू मुद्रिका लाने वाले,तुम छिपके कहाँ बैठे हो।माता मैं बजरंगबली हूँ,प्रभू राम का सेवक हूँ,हनूमान है नाम हमारा,अशोक वाटिका में आया हूँ।श्रीराम…

सत्य की राह सुनसान

भाग्य जब चमकता है,तभी तो काम करता है,कर्म पर ही सब निर्भर है,भाग्य भी कर्म पर निर्भर है। वक्त कब बदल जाता है,कोई नहीं जान सकता है, भाग्य कब साथ…

पक्ष-विपक्ष दुश्मन बन बैठे

जल में रहकर मगरमच्छ से बैर,उन शैतानों के भी होते हैं दो पैर,बिना किसी प्रतिबंध वे घूम रहे हैं,छोटी बड़ी मछलियाँ निगल रहे हैं। कोई गली मोहल्ले में तो कोईपूरे…

स्वार्थलिप्त सब

न्यायालय, पुलिस और अस्पताललोकतंत्र में जनता के सेवक होते हैं,यह तथ्य मगर दीगर है कि यही सबधन बल से अधिक प्रभावित होते हैं। न्यायपालिका, विधायिका औरभारत की कार्यपालिका तीनों ही,लोकतंत्र…