निचलौल में युवक, फरेंदा में बुजुर्ग महिला और सदर में दंपती की गई जान, डीएम ने तत्काल सहायता के दिए निर्देश

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में लगातार हो रही तेज बारिश और आंधी ने रविवार को तीन परिवारों पर कहर बरपा दिया। अलग-अलग स्थानों पर पेड़ गिरने और कच्चा-खपरैल मकान ढहने से चार लोगों की मौत हो गई। हादसों की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया। राजस्व टीमों ने मौके पर पहुंच कर क्षति का आकलन शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने सभी पीड़ित परिवारों को नियमानुसार तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार निचलौल तहसील के शीतलापुर गांव निवासी पन्ने कुमार प्रजापति (30) शनिवार को सिंदुरिया के पास कंचनपुर में थे। इसी दौरान तेज आंधी के बीच पेड़ गिरने से वह उसकी चपेट में आ गए। हादसे में उनकी मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
फरेंदा तहसील के जीगीनहा गांव में तेज बारिश के बीच एक खपरैल मकान अचानक भर-भराकर गिर गया। हादसे में कुशमी (69) मलबे में दब गईं। आस-पास के लोगों ने मलबा हटाकर उन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। सदर तहसील के चंदन चाफी गांव में भी तेज आंधी जानलेवा साबित हुई। यहां पेड़ गिरने से गौरी शंकर (45) और उनकी 42 वर्षीय पत्नी उसकी चपेट में आ गईं। हादसे में दोनों की मौत हो गई। एक साथ पति-पत्नी की मौत से गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
जिले में अलग-अलग घटनाओं में हुई जनहानि की जानकारी के बाद जिलाधिकारी गौरव सिंह सोंगरवाल ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल घटना स्थलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घटना में जनहानि और संपत्ति के नुकसान का वास्तविक आकलन किया जाए। पीड़ित परिवारों को नियमानुसार राज्य आपदा मोचक निधि से अनुमन्य आर्थिक सहायता शीघ्र उपलब्ध कराई जाए।
डीएम के निर्देश पर राजस्व एवं प्रशासनिक टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच कर राहत एवं आवश्यक कार्रवाई में जुटी हैं। प्रशासन की ओर से खराब मौसम को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने और तेज आंधी के दौरान पेड़, बिजली के खंभों तथा जर्जर भवनों के आस-पास नहीं रहने की अपील की गई है।