रेलवे में बदलाव पर अमित शाह का कांग्रेस पर निशाना, बोले- आंकड़ों के साथ चर्चा करे विपक्ष

साबरमती स्टेशन से देश की पहली एलएनजी ट्रेन को दिखाई हरी झंडी, 1,500 करोड़ से अधिक की रेल परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास

अहमदाबाद (राष्ट्र की परम्परा)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को गुजरात के साबरमती स्टेशन से देश की पहली एलएनजी ट्रेन को हरी झंडी दिखाते हुए केंद्र सरकार के कार्यकाल में रेलवे के आधुनिकीकरण और विस्तार को लेकर कई दावे किए। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक बहस तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर होनी चाहिए।
शाह ने कहा कि 2014 के बाद रेलवे में माल ढुलाई, यात्री सुविधाओं, विद्युतीकरण और सुरक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। उन्होंने कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, रैपिड रेल और आधुनिक रेलवे स्टेशनों जैसी परियोजनाओं को गति मिली है। उनके मुताबिक, हाइड्रोजन ट्रेन की दिशा में काम ने भी भारत को इस तकनीक पर आगे बढ़ने वाले चुनिंदा देशों की श्रेणी में पहुंचाया है।
कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए शाह ने कहा कि विपक्ष को केवल आरोप लगाने के बजाय तथ्यों और आंकड़ों के साथ चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस के पूर्ववर्ती शासनकाल पर घोटालों और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई ठोस आरोप सामने नहीं आया है।
उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश में लंबे समय तक एक ही परिवार का राजनीतिक प्रभाव रहा, जबकि मोदी सरकार ने रेलवे समेत विभिन्न क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया।
1,500 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की सौगात
कार्यक्रम के दौरान शाह ने साबरमती स्टेशन से डब्ल्यूएजी-12 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव को भी रवाना किया। इसके साथ ही उन्होंने 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास किया।
इन परियोजनाओं में रेलवे लाइनों का दोहरीकरण, कवच ट्रेन सुरक्षा प्रणाली, स्वचालित सिग्नल व्यवस्था और डब्ल्यूएजी-12 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के रखरखाव के लिए शेड का निर्माण शामिल है।
शाह ने कहा कि मुंबई-वडोदरा मार्ग पर लंबी डबल-स्टैक कंटेनर ट्रेन का परीक्षण भी सफल रहा है। डबल-स्टैक कंटेनर ट्रेन में माल ढोने वाले कंटेनरों को दो स्तरों पर रखकर परिवहन किया जाता है, जिससे माल ढुलाई की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलती है।
रेलवे विद्युतीकरण और डीजल खपत पर जोर
अमित शाह ने रेलवे में विद्युतीकरण की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि 2010-11 में जहां सालाना करीब 75 किलोमीटर रेल लाइन का विद्युतीकरण होता था, वहीं 2023-24 में यह गति बढ़कर 7,188 किलोमीटर तक पहुंच गई।
उन्होंने दावा किया कि भारतीय रेलवे का लगभग 99.6 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हो चुका है और शेष हिस्से को भी जल्द पूरा करने का लक्ष्य है। उन्होंने चीन, स्पेन, फ्रांस और ब्रिटेन में रेलवे विद्युतीकरण के आंकड़ों का भी उल्लेख किया।
शाह के अनुसार, 2015-16 में रेलवे में डीजल की खपत करीब 293 करोड़ लीटर थी, जो 2024-25 तक घटकर लगभग 108 करोड़ लीटर रह गई। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2030 तक डीजल पर रेलवे की निर्भरता समाप्त करना है, जिससे ईंधन आयात पर होने वाले विदेशी मुद्रा खर्च में कमी आएगी।
सुरक्षा और स्वदेशी उत्पादन का भी किया उल्लेख
शाह ने कहा कि रेलवे सुरक्षा के बजट में वृद्धि के साथ लोकोमोटिव उत्पादन क्षमता में भी विस्तार हुआ है। उन्होंने दावा किया कि रेलगाड़ियों में बड़ी संख्या में जैव-शौचालय लगाए गए हैं और एलएचबी कोचों का बड़ा हिस्सा देश में ही तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने इन बदलावों को मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उठाए गए कदमों से जोड़ते हुए कहा कि रेलवे अब आधुनिक तकनीक और स्वदेशी निर्माण क्षमता के साथ आगे बढ़ रहा है।
गुजरात के रेलवे बजट में बड़ा इजाफा
गुजरात के लिए रेलवे बजट का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि 2009-14 के दौरान राज्य के लिए रेलवे बजट में औसत आवंटन करीब 589 करोड़ रुपये था, जो 2026-27 में बढ़कर 17,366 करोड़ रुपये हो गया है।
कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी सहित रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।