मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के थाना कोपागंज परिसर में प्रभारी निरीक्षक द्वारा थाना स्थानीय पर तैनात सभी अधिकारी एवं कर्मचारीगण की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा पूर्व में आयोजित बैठक में दिए गए आदेशों एवं निर्देशों की विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रभारी निरीक्षक रविंद्रनाथ राय ने सभी पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया कि उच्चाधिकारियों द्वारा जारी किए गए आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित करें, उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनें और उनका त्वरित निस्तारण करें। साथ ही अपने कर्तव्यों का ईमानदारी, निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें।
बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने-अपने दायित्वों के प्रति सजग रहने तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी गई।
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के कोपागंज ब्लाक के ग्राम चेलारामपूरा में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब हाई टेंशन विद्युत तार से निकली चिंगारी से गेहूं की खड़ी फसल में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और करीब एक बीघा फसल जलकर राख हो गई।
बताया जाता है कि खेत के ऊपर से गुजर रहे हाई टेंशन तार से अचानक चिंगारी निकली, जो सूखी फसल पर गिरते ही आग में बदल गई। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलने लगी, जिससे आसपास के किसानों में हड़कंप मच गया। आग की चपेट में आकर किसान राजनाथ, रामप्रेश, हरिकेश व राजकुमार यादव पुत्र श्यामलाल यादव की करीब एक बीघा गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने एकजुट होकर पानी और अन्य संसाधनों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। ग्रामीणों की तत्परता से आग को आगे फैलने से रोक लिया गया, जिससे बड़ी घटना टल गई।
घटना में किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने तथा जर्जर विद्युत तारों की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
बस्ती (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की संस्तुति पर जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्रा द्वारा गुरुवार रात्रि को भाजपा बस्ती के जिला पदाधिकारियों एवं जिला कार्यसमिति सदस्यों की घोषणा की गई। इसमें वैश्व समाज के वरिष्ठ भाजपा नेता राधेश्याम कमलापुरी को जनपद बस्ती का जिला कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया।
शुक्रवार को भाजपा मंडल गौर के बभनान बाजार में जिला कार्यसमिति सदस्य संतोष शुक्ला के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने मिठाई खिलाकर, माला व अंगवस्त्र पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया और हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष गौर राजेश कमलापुरी, मंडल अध्यक्ष परसा मनोज पाठक, दुर्गा प्रसाद दूबे, राजेश कसौधन ‘गुरुजी’, नामित सभासद रविन्द्र कसौधन, सभासद मंशाराम, राम प्रगट सिंह, डॉ. अरविन्द कमलापुरी, प्रेम मोदनवाल, दीपक जायसवाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के मधुबन तहसील क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान तीन अस्पतालों को सील करते हुए संबंधित लोगों पर कार्रवाई की गई।
तहसील क्षेत्र में लंबे समय से बिना पंजीकरण या समाप्त लाइसेंस के कई अस्पताल और नर्सिंग होम संचालित होने की शिकायतें मिल रही थीं। प्रशासन ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त टीम के साथ कार्रवाई की।
एसडीएम सत्यप्रकाश के नेतृत्व में सीओ अंजनी कुमार पाण्डेय, एसीएमओ डॉ. आर. एन. सिंह और डॉ. एच. एन. मौर्य की टीम ने मर्यादपुर क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान लखनौर रोड स्थित पुष्पा अस्पताल, मर्यादपुर का आरूषि नर्सिंग होम तथा कटघराशंकर स्थित श्रीकृष्णा अस्पताल को अवैध रूप से संचालित पाए जाने पर सील कर दिया गया।
छापेमारी के दौरान अस्पतालों में ऑपरेशन कक्ष, बेड, मेडिकल स्टोर सहित अन्य उपकरण भी पाए गए। साथ ही पुष्पा अस्पताल से दो महिलाओं और श्रीकृष्णा अस्पताल से एक महिला नर्स को पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में लिया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति संचालित अस्पतालों और क्लिनिक के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध अस्पताल संचालकों में हड़कंप की स्थिति देखी गई।
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ अभिभावकों का गुस्सा खुलकर सामने आया। वरिष्ठ अधिवक्ता उदय प्रताप राय के नेतृत्व में दर्जनों अभिभावकों और समाजसेवियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया।
गूंजे नारे, प्रशासन को चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान “जिला प्रशासन होश में आओ” और “अभिभावक एकता जिंदाबाद” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। अभिभावकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित सात सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। नवागत पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने पुलिस लाइन सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर जनपद की कानून व्यवस्था की समीक्षा की।
बेहतर पुलिसिंग पर दिया जोर
बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी, प्रभारी निरीक्षक, थानाध्यक्ष एवं शाखा प्रभारी उपस्थित रहे। एसपी ने जनविश्वास बनाए रखने और गुणवत्ता पूर्ण पुलिसिंग पर विशेष जोर दिया।
जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश
एसपी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनशिकायतों और IGRS प्रार्थना पत्रों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने को कहा।
छोटी घटनाओं पर भी रखें नजर
उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी घटनाओं को भी गंभीरता से लिया जाए और आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाए। किसी भी गंभीर घटना पर तत्काल मौके का निरीक्षण कर उच्चाधिकारियों को सूचित किया जाए।
सोशल मीडिया पर सतर्कता जरूरी
एसपी ने सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखने और अफवाहों का तत्काल खंडन करने के निर्देश दिए।
महिला सुरक्षा और यातायात पर फोकस
बैठक में महिला सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और पुलिस-जन संवाद को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
ईमानदारी से कर्तव्य निभाने की अपील
एसपी कमलेश बहादुर ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ईमानदारी और तत्परता से करने के निर्देश दिए।
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत कोल्हुई पुलिस ने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है।
LPG को लेकर फैलाई भ्रामक जानकारी
पुलिस के अनुसार, करैला अजगरहां भरोंईया टोला निवासी अरशद शेख रब्बानी ने सोशल मीडिया पर एलपीजी गैस को लेकर भ्रामक और असत्य जानकारी प्रसारित की थी। इससे आम लोगों में भ्रम और डर का माहौल बन गया।
आपत्तिजनक टिप्पणियों से बढ़ी चिंता
अभियुक्त द्वारा सोशल मीडिया पर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणियां भी की गई थीं, जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका पैदा हो गई थी।
सूचना मिलते ही कोल्हुई पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युवक को गिरफ्तार कर लिया।
सोशल मीडिया अकाउंट की भी जांच
थानाध्यक्ष के अनुसार, अभियुक्त के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच की जा रही है।
पुलिस की सख्ती से मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी साझा करने से बचें।
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नौतनवां पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने नकली सोना बेचकर लोगों को ठगने वाले एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है।
आभूषण दुकान पर की थी ठगी
जानकारी के अनुसार, 31 मार्च 2026 को एक ज्वेलरी दुकान पर एक पुरुष और महिला ने आभूषण को असली सोना बताकर करीब ₹40,000 में बेच दिया। बाद में जांच में वह नकली निकला।
कई दुकानों को बना चुका था शिकार
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी ने अन्य दुकानों पर भी इसी तरह की ठगी की वारदात को अंजाम दिया था।
पुलिस ने दबोचा आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर गौसिया इंटर कॉलेज के पास से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से सशक्त बनाने के उद्देश्य से “AI for All” कार्यशाला का आयोजन 15 अप्रैल 2026 से किया जाएगा। इस कार्यशाला के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 2 अप्रैल से शुरू हो चुकी है।
इन संस्थानों के सहयोग से आयोजन
यह कार्यशाला महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर के संयुक्त सहयोग से आयोजित की जा रही है।
विद्यार्थियों को दिए गए निर्देश
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध सभी कॉलेजों के विद्यार्थियों को अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने के निर्देश दिए गए हैं।
9 अप्रैल तक कर सकेंगे रजिस्ट्रेशन
इच्छुक विद्यार्थी 9 अप्रैल 2026 दोपहर 12 बजे तक पंजीकरण कर सकते हैं। प्रशिक्षण 15 अप्रैल से शुरू होगा और यह 21 घंटे का कार्यक्रम 60 दिनों में पूरा किया जाएगा।
पूरी तरह निःशुल्क प्रशिक्षण
इस कार्यशाला की खास बात यह है कि यह पूरी तरह निःशुल्क है, जिससे ज्यादा से ज्यादा छात्र इसका लाभ उठा सकें।
इस्लामाबाद/काबुल (राष्ट्र की परम्परा)। पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर तनाव के बीच अफगानिस्तान की सेना ने बड़ी सैन्य कार्रवाई करते हुए डूरंड लाइन पार कर पाकिस्तानी ठिकानों पर हमला किया है।
सर्जिकल स्ट्राइक में सैन्य अड्डे निशाने पर
जानकारी के अनुसार, अफगान सेना ने खोस्त-खुर्रम बॉर्डर के पास पाकिस्तानी सैन्य अड्डों और वाहनों को निशाना बनाते हुए आग के हवाले कर दिया। इस हमले को सर्जिकल स्ट्राइक के तौर पर देखा जा रहा है।
आर्टिलरी और टैंकों से हमला
सूत्रों के मुताबिक, अफगान सेना ने आर्टिलरी और टैंकों का इस्तेमाल करते हुए लगातार गोलाबारी की। देर रात तक सीमा पर फायरिंग जारी रही, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
3 सैनिकों की मौत, कई घायल
इस हमले में पाकिस्तान के 3 सैनिकों की मौत की खबर है, जबकि करीब 12 अन्य घायल बताए जा रहे हैं। हालांकि आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
इससे पहले अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर कुनार प्रांत में नागरिक इलाकों पर गोलीबारी का आरोप लगाया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत और कई लोग घायल हुए थे।
तनाव की बड़ी वजह क्या है?
दोनों देशों के बीच तनाव की मुख्य वजह पाकिस्तान का यह आरोप है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार, टीटीपी जैसे उग्रवादी संगठनों को पनाह दे रही है। वहीं अफगानिस्तान इन आरोपों को खारिज करता रहा है।
लगातार बिगड़ते रिश्ते
हाल के समय में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रिश्तों में तेजी से गिरावट आई है और सीमा पर हिंसक झड़पों की घटनाएं बढ़ी हैं।
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के भिटौली थाना क्षेत्र में गुरुवार को हुए भीषण सड़क हादसे ने इलाके को दहला दिया। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 730 पर तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक और साइकिल सवार को टक्कर मार दी, जिससे दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
टक्कर के बाद बाइक में लगी आग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भीषण था कि टक्कर के बाद मोटरसाइकिल में आग लग गई और वह पूरी तरह जलकर खाक हो गई।
महिला की हालत गंभीर
हादसे में भोला (38) निवासी धर्मपुर बड़ा टोला और सूर्यभान (62) निवासी छातीराम की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, भोला की पत्नी सुमन (35) गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अनियंत्रित स्कॉर्पियो ने मारी टक्कर
जानकारी के मुताबिक, स्कॉर्पियो (UP 53 DZ 9708) ने पहले बाइक सवार को टक्कर मारी और फिर साइकिल सवार को भी अपनी चपेट में ले लिया।
आगरा (राष्ट्र की परम्परा)। आवास विकास क्षेत्र स्थित अंजलि धाम में हनुमान जन्मोत्सव इस वर्ष बेहद भव्य और अनोखे रूप में मनाया गया। पूरे क्षेत्र में “जय श्री राम” और “जय बजरंगबली” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
भव्य शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब
शोभायात्रा का शुभारंभ सीताराम मंदिर, नगला अजीता (सेक्टर-8) से सांय 5 बजे हुआ। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। शोभायात्रा में 50 से अधिक आकर्षक झांकियां शामिल रहीं, जिनमें भगवान श्रीराम और हनुमान जी के विभिन्न स्वरूप दर्शाए गए।
भजन-कीर्तन और पुष्प वर्षा से स्वागत
ढोल-नगाड़ों और भजन-कीर्तन के बीच श्रद्धालु नाचते-गाते आगे बढ़ते रहे। मार्ग में जगह-जगह लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत करते हुए पुष्प वर्षा की।
अखाड़ों के करतब बने आकर्षण का केंद्र
अन्य शहरों से आए एक दर्जन अखाड़ों ने अपने हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन प्रस्तुतियों को लोगों ने खूब सराहा।
अंजलि धाम के मंच पर “बाबा हनुमान” के जन्म की जीवंत और भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई। इस अनोखे दृश्य को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
सुरक्षा व्यवस्था के बीच सफल समापन
शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए सेक्टर-7 स्थित मैदान में संपन्न हुई। आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया।
गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में कई स्थानीय गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। आयोजकों ने सभी के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आस्था, एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं।
नागरिक देवो भव:भ्रष्टाचार-मुक्त भारत की ओर एक निर्णायक यात्रा- आम नागरिक के लिए सरकार का मतलब संसद या मंत्रालय नहीं,उसका स्थानीय सरकारी तहसील कार्यालय, नगर निगम,पुलिस स्टेशन, सरकारी अस्पताल ही सरकार का चेहरा होता है-समग्र विश्लेषण
गोंदिया – वैश्विक स्तरपर भारत की सभ्यता और संस्कृति का मूल मंत्र सदियों से अतिथि देवो भव रहा है, जिसने न केवल सामाजिक मूल्यों को आकार दिया,बल्कि भारत की वैश्विक पहचान भी स्थापित की।किंतु आज के परिवर्तित समय में यह आवश्यकता महसूस की जा रही है कि इस मंत्र को एक व्यापक और अधिक समकालीन रूप देते हुए नागरिक देवो भव के रूप में स्थापित किया जाए। यह केवल एक नारा नहीं,बल्कि शासन व्यवस्था में मूलभूत परिवर्तन का दर्शन है। जब तक शासन के केंद्र में नागरिक नहीं होगा,तब तक विकास की कोई भी परिकल्पना अधूरी ही रहेगी। यह मंत्र केवल एक नारा नहीं, बल्कि शासन व्यवस्था के मूल चरित्र में आमूल-चूल परिवर्तन का आह्वान है। 2 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री द्वारा कर्मयोगी साधना सप्ताह के दौरान दिया गया संदेश इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है।वर्तमान समय में जब भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में 2047 का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है तब भ्रष्टाचार इस यात्रा का सबसे बड़ा अवरोध बनकर सामने आता है।इसलिए यह समय की मांग है कि जैसे नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए समय सीमा 31 मार्च 2026 निर्धारित की गई और लक्ष्य को प्राप्त कर लिया गया,वैसे ही भ्रष्टाचार के समूल नाश के लिए भी एक ठोस और समयबद्ध रणनीति अपनाई जाए। जिसकी मांग मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र गृह मंत्री श्री अमित शाह जी से हर आर्टिकल के माध्यम से करते रहता हूं आज फिर इस आर्टिकल के माध्यम से निवेदन कर रहा हूं।भ्रष्टाचार केवल आर्थिक अपराध नहीं है,यह सामाजिक विश्वास का हनन है। यह उस तंत्र को खोखला करता है, जिसपर लोकतंत्र टिका होता है। विकसित भारत के मार्ग में सबसे बड़ा अवरोध यदि हम ईमानदारी से आत्ममंथन करें,तो पाएंगे कि भारत के विकास के मार्ग में सबसे बड़ा रोड़ा भ्रष्टाचार है। यह केवल आर्थिक क्षति नहीं पहुंचाता, बल्कि सामाजिक विश्वास, प्रशासनिक पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों को भी कमजोर करता है।भ्रष्टाचार एक ऐसी दीमक है, जो व्यवस्था को भीतर से खोखला कर देती है। चाहे वह एक छोटे स्तर का कर्मचारी हो या उच्च पदस्थ अधिकारी जब तक काम निकालने की मानसिकता और जुगाड़ संस्कृति समाज में बनी रहेगी, तब तक भ्रष्टाचार का पूर्ण उन्मूलन संभव नहीं।जब एक आम नागरिक सरकारी दफ्तर में जाता है,तो वह केवल एक सेवा की अपेक्षा नहीं करता,बल्कि वह न्याय,पारदर्शिता और सम्मान की भी उम्मीद करता है। यदि उसे वहां भ्रष्टाचार,उपेक्षा या अपमान का सामना करना पड़ता है,तो उसका विश्वास न केवल उस संस्था से,बल्कि पूरे शासन तंत्र से उठने लगता है।यही कारण है कि नागरिक देवो भव की अवधारणा अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है,क्योंकि यह शासन के हर स्तर पर यह सुनिश्चित करती है कि नागरिक सर्वोपरि है और उसकी सेवा ही सर्वोच्च कर्तव्य है।
साथियों बात अगर हम नागरिक देवो भव की संकल्पना को समझने की करें तो इसका का अर्थ है,हर नागरिक को सर्वोच्च प्राथमिकता देना।यह सोच प्रशासन को पावर-सेंट्रिक से पीपल-सेंट्रिक बनाती है।इस अवधारणा के अंतर्गत:सरकारी पद केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम बनता है,अधिकारी और कर्मचारी अपने रुतबे को त्यागकर सेवाभाव को अपनाते हैं, हर निर्णय में नागरिक के हित को सर्वोपरि रखा जाता हैयदि चपरासी से लेकर मंत्री तक हर व्यक्ति इस भावना को आत्मसात कर ले, तो भ्रष्टाचार का स्वतः ही अंत हो सकता है।व्यक्तिगत परिवर्तन से संस्थागत परिवर्तन तक पीएम ने अपने संबोधन में एक अत्यंत महत्वपूर्ण बात कही हमारा व्यक्तिगत परिवर्तन ही संस्थागत परिवर्तन का आधार बन सकता है।यह विचार अत्यंत गहरा है। जब एक व्यक्ति अपने कर्तव्यों के प्रति ईमानदार होता है, तो उसका प्रभाव पूरे संस्थान पर पड़ता है।एक ईमानदार क्लर्क पूरी फाइल प्रक्रिया को पारदर्शी बना सकता है,एक जिम्मेदार अधिकारी पूरे विभाग की कार्यशैली बदल सकता हैएक संवेदनशील मंत्री नीति निर्माण को जनहितकारी बना सकता है,इस प्रकार,इंडिविजुअल ट्रांसफॉर्मेशन ही इंस्टिट्यूशनल ट्रांसफॉर्मेशन का आधार बनता है।स्थानीय प्रशासन: सरकार का वास्तविक चेहरा आम नागरिक के लिए सरकार का मतलब संसद या मंत्रालय नहीं होता, बल्कि उसका स्थानीय सरकारी कार्यालय ही सरकार का चेहरा होता है।तहसील कार्यालय नगर निगम,पुलिस स्टेशन,सरकारी अस्पताल यही वे स्थान हैं, जहां नागरिक सीधे सरकार से जुड़ता है। यदि यहां का व्यवहार सकारात्मक, पारदर्शी और संवेदनशील होगा, तो लोकतंत्र में विश्वास स्वतः ही मजबूत होगा। लेकिन यदि यहां भ्रष्टाचार, देरी और असंवेदन शीलता होगी, तो जनता का विश्वास डगमगा जाएगा।कर्तव्य- प्रधान प्रशासन: अधिकार से अधिक जिम्मेदारीपीएम ने प्रशासनिक संस्कृति में एक महत्वपूर्ण बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया, अधिकार से अधिक कर्तव्य पर ध्यान केंद्रित करना।भारतीय संविधान भी यही सिखाता है कि अधिकार, कर्तव्यों के निर्वहन से ही प्राप्त होते हैं।जब कोई अधिकारी हर निर्णय से पहले यह सोचता है कि:यह निर्णय जनता के लिए कितना लाभकारी है? इससे कितने लोगों का जीवन प्रभावित होगा?तो उसके निर्णय स्वतः ही अधिक प्रभावी और सटीक रूप से अति जनहितकारी बन जाते हैं।
साथियों बात अगर हरशासकीय कर्मचारी द्वारा इस भाव की संकल्पना को समझने की करें तो,हम आज आवश्यकता है कि चपरासी से लेकर उच्चतम अधिकारी तक,संत्री से लेकर मंत्री तक,हर शासकीय कर्मचारी इस भावना को अपने भीतर आत्मसत करे। पद का अहंकार छोड़कर सेवा का भाव अपनाना ही इस परिवर्तन की कुंजी है। जब एक अधिकारी अपने पद को अधिकार के रूप में नहीं, बल्कि जिम्मेदारी के रूप में देखेगा, तभी वास्तविक परिवर्तन संभव होगा।यह व्यक्तिगत परिवर्तन ही संस्थागत परिवर्तन का आधार बनता है। यदि हर व्यक्ति यह सोचने लगे कि उसके एक निर्णय से कितने लोगों का जीवन प्रभावित होगा,तो वह निर्णय अधिक जिम्मेदार और पारदर्शी होगा।
साथियों बात अगर हम वर्तमान समय में भारत की करें तो, भारत एक आकांक्षी समाज के रूप में उभर रहा है, जहां हर नागरिक के अपने सपने हैं, अपने लक्ष्य हैं। इन सपनों को साकार करने की जिम्मेदारी केवल नागरिक की नहीं, बल्कि पूरे शासन तंत्र की भी है। जब सरकार और नागरिक के बीच विश्वास का संबंध मजबूत होता है, तभी विकास की गति तेज होती है।इसके लिए यह आवश्यक है कि प्रशासनिक व्यवस्था अधिकसंवेदनशील उत्तरदायी और पारदर्शी बने। नागरिक देवो भव का सिद्धांत इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो शासन को नागरिक- केंद्रित बनाता है।इस संदर्भ में क्षमता निर्माण आयोग (कैपेसिटी बिल्डिंग कमिशन) और आईगोट मिशन कर्मयोगी जैसी पहलें अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इनका उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं है,बल्कि एक नई कार्यसंस्कृति का निर्माण करना है, जहां हर सरकारी कर्मचारी एक कर्मयोगी के रूप में कार्य करे। कर्मयोगी वह होता है,जो अपने कर्तव्य को पूजा मानता है और बिना किसी स्वार्थ के सेवा करता है। जब यह भावना प्रशासन में विकसित होती है,तो वह केवल कार्य निष्पादन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वह समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनती है।प्रशासनिक सुधारों के लिए यह भी आवश्यक है कि विभागों के बीच समन्वय और संवाद को बढ़ावा दिया जाए। अक्सर देखा जाता है कि विभिन्न विभागों के बीच संवादहीनता के कारण योजनाएं प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पातीं। इससे न केवल संसाधनों की बर्बादी होती है, बल्कि नागरिकों को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है। यदि सभी विभाग एक साझा दृष्टिकोण और समझ के साथ कार्य करें, तो शासन अधिक प्रभावी और सटीक रूप से परिणामोन्मुखी बन सकता है।
साथियों बात अगर हम भ्रष्टाचार को जीरो टॉलरेंस की नीति को समझने की करें तो, भ्रष्टाचार के उन्मूलन के लिए केवल नीतियां बनाना पर्याप्त नहीं है,बल्कि उन्हें प्रभावी रूप से लागू करना भी आवश्यक है।इसके लिए एक सशक्त निगरानी तंत्र, पारदर्शी प्रक्रिया और समयबद्ध कार्रवाई अनिवार्य है। यदि किसी भ्रष्टाचार के मामले की जांच वर्षों तक लंबित रहती है, तो यह न केवल न्याय में देरी है,बल्कि यह भ्रष्टाचार को बढ़ावा भी देता है।इसलिए यह आवश्यक है कि प्रत्येक मामले की जांच के लिए एक निश्चित समयसीमा तय की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
साथियों बात अगर हम भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करने के लिए स्रोतों की करें तो,तकनीक का उपयोग भी भ्रष्टाचार को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। डिजिटल गवर्नेंस, ऑनलाइन सेवाएं,और पारदर्शी डेटा प्रणाली से न केवल प्रक्रियाएं सरल होती हैं, बल्कि मानव हस्तक्षेप भी कम होता है, जिससे भ्रष्टाचार की संभावनाएं घटती हैं। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण जैसी योजनाओं ने यह साबित किया है कि यदि सही तरीके से तकनीक का उपयोग किया जाए, तो बिचौलियों की भूमिका समाप्त की जा सकती है और लाभ सीधे नागरिकों तक पहुंचाया जा सकता है।
साथियों बात अगर हम नागरिक देवो भव के क्रियान्वयन की करें तो इसकी भावना को केवल सरकारी कर्मचारियों तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि इसे समाज के हर वर्ग तक फैलाना होगा।जब नागरिक स्वयं भी अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक होंगे और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएंगे,तभी यह आंदोलन व्यापक रूप ले सकेगा। इसके लिए जन जागरूकता अभियान, शिक्षा और सामाजिक सहभागिता अत्यंत आवश्यक हैं। सफलता का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत यह भी है कि दूसरों को छोटा दिखाने के बजाय स्वयं को बेहतर बनाया जाए। यही सिद्धांत शासन व्यवस्था पर भी लागू होता है। यदि हम अपने तंत्र को अधिक सक्षम, पारदर्शी और संवेदनशील बनाते हैं, तो भ्रष्टाचार स्वतः ही समाप्त होने लगेगा। इसके लिए निरंतर सुधार,नवाचार और सीखने की प्रवृत्ति को सटीक रूप से अपनाना होगा।
साथियों बात अगर हम गुरुवार दिनांक 2 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री द्वारा कर्मयोगी साधना सप्ताह के दौरान दिए गए संदेश को समझने की करें तो वह इसी दिशा में एक प्रेरणास्रोत है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि शासन का मूल मंत्र नागरिक देवो भव होना चाहिए और प्रत्येक लोक सेवक को अपने कर्तव्यों का पालन पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ करना चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि आम नागरिक के लिए स्थानीय सरकारी कार्यालय ही सरकार का चेहरा होता है, इसलिए वहां का व्यवहार और कार्यशैली अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि वहां पारदर्शिता, संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व होगा, तो जनता का विश्वास स्वतः ही मजबूत होगा।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे क़िनागरिक देवो भव केवल एक विचार नहीं, बल्कि एक क्रांति है,एक ऐसी क्रांति, जो भारत की प्रशासनिक, सामाजिक और नैतिक संरचना को बदल सकती है।यदि:हर अधिकारी सेवाभाव अपनाए,हर नागरिक जागरूक बने,हर निर्णय में जनहित सर्वोपरि होतो वह दिन दूर नहीं, जब भारत वास्तव में भ्रष्टाचार मुक्त बन जाएगा।और तब विकसित भारत 2047 केवल एक सपना नहीं,बल्कि एक साकार वास्तविकता होगी।अंततः, यह समय है,रुतबे को त्यागने का,सेवा को अपनाने का,और “नागरिक देवो भव” को जीवन का मूल मंत्र बनाने का।
-संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यम सीए (एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र
मऊ (राष्ट्र की परम्परा) जनपद के ऑफीसर कॉलोनी भुजौटी निवासी राहुल ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित पीसीएस परीक्षा में सफलता हासिल कर नायब तहसीलदार के पद पर चयनित होकर जिले का नाम रोशन किया है। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले राहुल की यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है। राहुल के पिता भूमि संरक्षण कार्यालय मऊ में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी रहे हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद राहुल ने अपने लक्ष्य को स्पष्ट रखते हुए निरंतर मेहनत की। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी इंटर कॉलेज से पूरी की, जहां से 10वीं और 12वीं उत्तीर्ण की। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने कानपुर स्थित एचबीटीआई में बीटेक में प्रवेश लिया और अच्छे अंकों के साथ स्नातक की पढ़ाई पूरी की। पीसीएस परीक्षा में यह राहुल का दूसरा प्रयास था, जिसमें उन्होंने सफलता प्राप्त कर नायब तहसीलदार पद हासिल किया। इससे पहले वे संघ लोक सेवा आयोग की सीएपीएफ परीक्षा के इंटरव्यू तक पहुंच चुके थे, जो उनकी निरंतर तैयारी और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। राहुल की इस सफलता से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इसे मेहनत और लगन का परिणाम बताते हुए युवाओं को इससे प्रेरणा लेने की बात कही है। प्रशासनिक सेवा में चयनित होकर राहुल अब समाज और क्षेत्र के विकास में अपनी भूमिका निभाएंगे।
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला मुख्यालय खलीलाबाद के पुरानी पुलिस लाइन स्थित शिव मंदिर, हाइडिल कॉलोनी में श्रीराम कथा का भव्य आयोजन गुरुवार से प्रारंभ हो गया है, जो 9 अप्रैल 2026 तक चलेगा। आयोजन के पहले दिन गुरुवार प्रातः 7 बजे भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आयोजन के तहत प्रतिदिन सायं 4 बजे से रात्रि 8 बजे तक श्रीराम कथा का श्रवण कराया जाएगा। 10 अप्रैल, शुक्रवार को प्रातः 10 बजे पूर्णाहुति एवं हवन का कार्यक्रम होगा, वहीं सायं 5 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जो देर रात तक चलेगा। कथा व्यास के रूप में गोरखनाथ जी मिश्र श्रद्धालुओं को श्रीराम कथा का रसपान करा रहे हैं। यह आयोजन बाबा तामेश्वरनाथ एवं मां समय महारानी की प्रेरणा से किया जा रहा है। आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण कररहे हैं।