महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए टेलीग्राम के जरिए पैसा दुगुना-तिगुना करने का झांसा देकर ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में 5 शातिर अभियुक्तों समेत एक बाल अपचारी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 4 आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं।
7 लाख की ठगी का खुलासा
जांच में सामने आया कि गिरोह टेलीग्राम ग्रुप बनाकर लोगों को कम समय में पैसा दुगुना-तिगुना करने का लालच देता था।
आगरा निवासी एक पीड़ित से करीब 7 लाख रुपये की ठगी की गई।
आरोपियों ने अलग-अलग बैंक खातों में पैसे मंगवाकर एटीएम और चेक के माध्यम से रकम निकाल ली।
कैसे काम करता था गिरोह?
• फर्जी आधार कार्ड बनवाकर बैंक खाते खुलवाते थे
• लोगों और जनसेवा केंद्र संचालकों को कमीशन का लालच देते थे
• उनके खातों का इस्तेमाल लेनदेन के लिए करते थे
• खाते फ्रीज होने के बाद पीड़ितों को ठगी का पता चलता था
• पुलिस के अनुसार गिरोह पिछले 8 महीनों से सक्रिय था।
क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने आरोपियों के पास से:
• 7 एंड्रॉयड मोबाइल
• 7 एटीएम कार्ड
• फर्जी आधार कार्ड
• पैन कार्ड, पासबुक, क्रेडिट कार्ड
• एक चार पहिया वाहन
बरामद किया है।
कौन-कौन गिरफ्तार?
गिरफ्तार आरोपियों में रवि प्रताप सिंह, आकाश पटेल, विजय कुमार मौर्य, आशीष पांडेय, कार्तिकेय पटेल और एक बाल अपचारी शामिल हैं।
पुलिस की चेतावनी
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने कहा कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
ऑनलाइन ठगी से कैसे बचें?
खुद को सुरक्षित रखने के लिए ये जरूरी सावधानियां अपनाएं:
• पैसा दुगुना-तिगुना करने वाले ऑफर से दूर रहें
• अनजान Telegram/WhatsApp लिंक पर क्लिक न करें
• OTP, बैंक डिटेल, आधार-पैन किसी से साझा न करें
• संदिग्ध कॉल या मैसेज को तुरंत ब्लॉक करें
किसी भी ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 (Cyber Helpline) पर शिकायत करें।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
जल्दी पैसा कमाने के लालच में अक्सर लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं।
सतर्कता और जागरूकता ही इससे बचने का सबसे बड़ा तरीका है।
