Friday, May 1, 2026
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निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, सितंबर तक पूरा होगा कृषि विश्वविद्यालय

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)
प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने गुरुवार को निर्माणाधीन महात्मा गौतम बुद्ध कृषि एवं कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र से नामांकन प्रक्रिया शुरू की जा सके।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अब तक प्राप्त बजट और व्यय की जानकारी ली और निर्देश दिया कि सितंबर माह तक एकेडमिक ब्लॉक, छात्रावास, मुख्य द्वार और कक्षाओं सहित सभी आवश्यक निर्माण कार्य हर हाल में पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि समयबद्ध तरीके से निर्माण कार्य पूरा करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की उन्नति और सुविधा के लिए लगातार प्रयास कर रही है। विश्वविद्यालय के शुरू होने से किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक खेती की जानकारी मिलेगी, साथ ही यहां से पढ़ने वाले छात्र भी कृषि क्षेत्र में जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
मंत्री ने मिट्टी की गुणवत्ता को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि अप्रैल माह में विशेष अभियान चलाकर किसानों को मिट्टी परीक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ाई जा सके। इसके साथ ही उन्होंने फॉर्मर रजिस्ट्री पर जोर देते हुए कहा कि सभी ग्राम सभाओं में शिविर लगाकर किसानों के मोबाइल और आधार नंबर पंजीकृत किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि अब तक 3 करोड़ 12 लाख किसान किसान सम्मान निधि योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। जिन किसानों ने अभी तक फॉर्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है, उन्हें योजना का लाभ पंजीकरण के बाद ही मिलेगा। कृषि से जुड़े सभी अनुदानों को भी फॉर्मर रजिस्ट्री से जोड़ा जा रहा है, इसलिए किसानों से इसे अनिवार्य रूप से कराने की अपील की गई।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

मिशन समाधान में बड़ी कार्रवाई: 80 पुराने भूमि विवाद सुलझे, अवैध कब्जे हटाए गए

औरैया (राष्ट्र की परम्परा)
जनपद में मिशन समाधान के तहत प्रशासन ने राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीमों के माध्यम से सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने और पुराने भूमि विवादों के निस्तारण की व्यापक कार्रवाई की। अभियान का उद्देश्य सरकारी संपत्तियों को कब्जामुक्त कराना और ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चले आ रहे विवादों को पारदर्शिता के साथ समाप्त करना रहा।
तहसील औरैया के अंतर्गत जैतापुर, सुरान, खरका मुस्तकिल, खानपुर, उमरी, लखनापुर, रुदौली, ऊमसाना, बिरिया फफूंद, दौही, रूहेरी, कुठर्रा, बत्तारपुर और मुडैना रामदत्त सहित कई गांवों में राजस्व, पुलिस और विकास विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर विवादों का निस्तारण कराया। इस दौरान चकरोड, नाली, तालाब और बंजर भूमि पर हुए अवैध कब्जों को हटाया गया।
तहसील अजीतमल में अटसू, बाबरपुर, सलेमपुर राजकुमार, अमावता, शौहरी गढ़िया, कमालपुर, बहादुरपुर ऊंचा, पूठा, मिर्जापुर, एल्चीनगर, जगदीशपुर, अयाना और जसवंतपुर में कुल 17 पुराने मामलों का निस्तारण किया गया। टीम ने चकमार्ग, नाली, तालाब और खेल के मैदान की पैमाइश कराकर जमीन की निशानदेही की और अवैध कब्जों को हटवाया।
तहसील बिधूना में भी व्यापक अभियान चलाया गया, जहां कस्बा बिधूना सहित दर्जनों गांवों में कुल 63 पुराने मामलों को सुलझाया गया। यहां भी राजस्व और पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए चकरोड, नाली, तालाब, खेल मैदान और बंजर भूमि को कब्जामुक्त कराया और आपसी विवादों का समाधान किया।
इस अभियान में प्रशासन की सक्रिय भूमिका देखने को मिली, जहां मौके पर पहुंचकर टीमों ने माप-जोख कर निष्पक्ष तरीके से विवादों का निस्तारण किया। अभियान से ग्रामीण क्षेत्रों में राहत का माहौल है और लोगों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की है।

गैस एजेंसी में भारी गड़बड़ी उजागर, डीएम के निर्देश पर FIR के आदेश

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
जनपद के भटनी स्थित सुमित्रा इंडेन गैस सर्विस एजेंसी पर प्रशासनिक जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर एजेंसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
जिला पूर्ति अधिकारी और प्रशासनिक टीम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में एजेंसी के स्टॉक, वितरण व्यवस्था और अभिलेखों में भारी गड़बड़ी पाई गई। जांच के दौरान स्टॉक रजिस्टर, मूविंग रजिस्टर और चालान मौके पर प्रस्तुत नहीं किए जा सके, जिससे गैस आपूर्ति की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई।
जांच में ऑनलाइन स्टॉक और भौतिक स्टॉक के बीच बड़ा अंतर सामने आया। कई सिलेंडर रिकॉर्ड में दर्ज थे, लेकिन मौके पर उपलब्ध नहीं मिले, जबकि कुछ सिलेंडरों की संख्या वास्तविक स्थिति से अलग पाई गई। मौके पर मौजूद उपभोक्ताओं को डीएसआरसी के माध्यम से 88 घरेलू गैस सिलेंडरों का वितरण कराया गया।
उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि एजेंसी द्वारा बुकिंग के क्रम का पालन नहीं किया जा रहा है और मनमाने तरीके से गैस वितरण किया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ उपभोक्ताओं को बिना सिलेंडर दिए ही रिकॉर्ड में डिलीवरी दिखा दी गई थी। इस संबंध में 22 उपभोक्ताओं के बयान दर्ज किए गए, जिनमें अनियमितताओं की पुष्टि हुई।
इसके अलावा एक वाहन से प्राप्त गैस सिलेंडरों को समय पर ऑनलाइन दर्ज नहीं किया गया, जिससे रिकॉर्ड में विसंगति उत्पन्न हुई। बाद में अभिलेखों में हेरफेर कर स्थिति छिपाने का प्रयास भी सामने आया।
पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और एलपीजी (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश 2000 के तहत मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

Acid Attack Case: संत कबीर नगर में आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज, सत्र न्यायालय का सख्त रुख

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के बखिरा थाना क्षेत्र में हुए एसिड हमले के मामले में सत्र न्यायालय ने आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।

छोटी बात पर हुआ बड़ा विवाद

जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव के अनुसार, 15 मार्च 2026 की रात करीब 8:30 बजे मुर्गी द्वारा दरवाजे पर गंदगी करने की बात को लेकर दो परिवारों के बीच विवाद हो गया।

हमले में महिला गंभीर रूप से झुलसी

विवाद के दौरान आरोपी गुलाम हुसैन, मनसूर और मसकूर ने गाली-गलौज करते हुए एसिड फेंक दिया। इस हमले में आसमा खातून की मां अमीरून्निशा गंभीर रूप से झुलस गईं।

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कई लोग हुए घायल

घटना में पीड़िता के भाई फिरोज और अफरोज भी झुलस गए। अमीरून्निशा को पहले मेहदावल अस्पताल, फिर जिला अस्पताल खलीलाबाद और बाद में मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार

मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद आरोपियों ने सत्र न्यायालय में जमानत अर्जी दाखिल की।

कोर्ट ने जमानत अर्जी की खारिज

सरकारी पक्ष ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए इसे जघन्य अपराध बताया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सत्र न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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अवैध प्लाटिंग पर प्रशासन का बुलडोजर, पांच एकड़ में फैला निर्माण ध्वस्त

औरैया (राष्ट्र की परम्परा)
जनपद में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए औरैया-दिबियापुर रोड स्थित ग्राम सेहुद में करीब पांच एकड़ क्षेत्र में की गई अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई जिलाधिकारी इन्द्रमणि त्रिपाठी के निर्देश पर उप जिलाधिकारी सदर अजय आनन्द वर्मा के नेतृत्व में की गई।
प्रशासनिक टीम ने दिबियापुर पुलिस की मौजूदगी में गाटा संख्या 2409 पर चल रही अवैध प्लाटिंग पर बुलडोजर चलाया। कार्रवाई के दौरान जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौके पर मौजूद रहे। अतिक्रमण हटाने के लिए जेसीबी मशीनों का उपयोग किया गया।
कार्रवाई के दौरान स्थानीय स्तर पर विरोध भी देखने को मिला, जिसे पुलिस ने नियंत्रित कर स्थिति को संभाला। प्रशासन के अनुसार, अवैध प्लाटिंग करने वालों को पहले ही नियमानुसार नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उनकी ओर से न तो कोई संतोषजनक जवाब दिया गया और न ही प्लाटिंग को वैध कराने की कोई प्रक्रिया अपनाई गई।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण के खिलाफ इसी प्रकार की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके और भूमि उपयोग में पारदर्शिता बनी रहे।

बुद्ध के शांति संदेश पर वैश्विक मंथन, अंतरराष्ट्रीय कॉन्क्लेव में पैनल चर्चा आकर्षण का केंद्र

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)
अंतरराष्ट्रीय बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव-2026 के तीसरे दिन महापरिनिर्वाण मुख्य मंदिर परिसर में “युद्ध के समय में बुद्ध की प्रासंगिकता” विषय पर विचारोत्तेजक पैनल चर्चा आयोजित की गई। इस सत्र में देश-विदेश से आए विद्वानों, बौद्ध भिक्षुओं, शोधकर्ताओं और चिंतकों ने भाग लेकर वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में बुद्ध के सिद्धांतों की उपयोगिता पर विस्तृत चर्चा की।
पैनल चर्चा का मुख्य उद्देश्य युद्ध और संघर्ष के दौर में शांति, करुणा और अहिंसा के महत्व को रेखांकित करना रहा। वक्ताओं ने कहा कि आज दुनिया जिस प्रकार के तनाव और संघर्षों से गुजर रही है, उसमें भगवान बुद्ध का मध्यम मार्ग, सहिष्णुता और संवाद का सिद्धांत मानवता को नई दिशा दे सकता है। उन्होंने जोर दिया कि बुद्ध के विचार केवल आध्यात्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और वैश्विक शांति स्थापित करने में भी बेहद प्रभावी हैं।
चर्चा के दौरान संवाद, धैर्य और करुणा के माध्यम से स्थायी समाधान निकालने पर विशेष बल दिया गया। सत्र के अंत में श्रोताओं ने भी प्रश्नोत्तर के माध्यम से अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं, जिससे कार्यक्रम और अधिक संवादात्मक बना। यह सत्र कॉन्क्लेव के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा।
कार्यक्रम में फाजिलनगर विधायक सुरेंद्र सिंह कुशवाहा ने सभी आगंतुकों, विद्वानों और श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि महापरिनिर्वाण स्थली होने के कारण कुशीनगर का वैश्विक महत्व है। उन्होंने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से जिले की पहचान मजबूत होती है और पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा निवेश के नए अवसर भी विकसित होते हैं।
उन्होंने युवाओं से बुद्ध के शांति और अहिंसा के संदेशों को अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील की। साथ ही प्रदेश में पर्यटन विकास, आधारभूत संरचना सुदृढ़ीकरण और रोजगार सृजन के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि कुशीनगर को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए सड़क, हवाई और अन्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
अंत में आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई दी गई और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की उम्मीद जताई गई।

ग्राम सभा हथौज में मकान गिराने की कार्रवाई के बाद युवक की मौत, प्रशासन पर उठे सवाल


बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
सिकन्दरपुर तहसील के अंतर्गत ग्राम सभा हथौज में राजस्व विभाग और पुलिस की कार्रवाई के बाद एक दुखद घटना सामने आई है। आरोप है कि दिनांक 3 फरवरी 2026 को प्रशासन की टीम गांव में कथित अतिक्रमण हटाने पहुंची थी, जहां उन्होंने कुछ मकानों को गिराने की कार्रवाई की। इस दौरान स्थानीय निवासी राम गोविन्द का घर भी गिरा दिया गया, जबकि परिजनों का दावा है कि उनके खिलाफ न तो कोई स्पष्ट न्यायालय आदेश था और न ही पूर्व में कोई नोटिस दी गई थी।ग्रामीणों के अनुसार, प्रशासन ने अपनी कार्रवाई को उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन बताया, लेकिन आरोप है कि उस आदेश का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। बताया जा रहा है कि गांव में अन्य लोगों के मकान, जिन पर भी विवाद था, उन्हें नहीं गिराया गया, जिससे पक्षपात के आरोप भी सामने आए हैं।राम गोविन्द के परिवार और ग्रामीणों का कहना है कि उनका घर उनके जीवनभर की जमा पूंजी से बना था। घर टूटने के बाद वे गहरे मानसिक तनाव में आ गए। लगातार चिंता और आर्थिक संकट के कारण उनकी हालत बिगड़ती गई और अंततः 31 मार्च 2026 को उनकी मृत्यु हो गई। परिजनों का आरोप है कि यह मौत सीधे तौर पर प्रशासन की कठोर और कथित रूप से अवैध कार्रवाई का परिणाम है।घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर मनमानी और गरीबों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि किसी के खिलाफ कार्रवाई करनी थी तो नियमों के तहत नोटिस देकर और उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए की जानी चाहिए थी।परिवार ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
है। साथ ही, उन्होंने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और न्याय दिलाने की भी अपील की है।
यह घटना न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कानून का पालन करते समय संवेदनशीलता और पारदर्शिता कितनी आवश्यक है। अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन इस मामले को किस प्रकार संज्ञान में लेकर आगे की कार्रवाई करता है।

गेहूं खरीद व्यवस्था को पारदर्शी बनाने पर जोर, 48 क्रय केंद्रों पर शुरू होगी खरीद

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं खरीद को सुचारु और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह की अध्यक्षता में कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें संबंधित विभागों के अधिकारी, क्रय केंद्र प्रभारी और अन्य जिम्मेदार कर्मी शामिल हुए।
कार्यशाला में डिप्टी आरएमओ ने जानकारी दी कि जनपद में गेहूं खरीद के लिए कुल 48 क्रय केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है। गेहूं खरीद 30 मार्च से 15 जून तक चलेगी और क्रय केंद्रों का समय सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित किया गया है।
अपर जिलाधिकारी ने सभी केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे केंद्रों पर आने वाले किसानों के साथ मधुर और सम्मानजनक व्यवहार करें। उन्होंने कहा कि शासनादेश के अनुसार सभी अभिलेख व्यवस्थित रखें और टोकन सिस्टम के तहत ही नियमानुसार गेहूं खरीद की जाए। साथ ही चेतावनी दी कि जिन केंद्रों पर खरीद की स्थिति खराब पाई जाएगी, वहां भविष्य में धान खरीद के लिए केंद्र निर्धारित नहीं किए जाएंगे।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि गेहूं में किसी प्रकार की कमी मिलने पर उसकी सैंपलिंग अनिवार्य रूप से की जाए और खरीद प्रक्रिया पूरी तरह शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही हो। अधिक से अधिक गेहूं खरीद सुनिश्चित करने के लिए केंद्र प्रभारियों को किसानों से संपर्क बढ़ाने और प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
कार्यशाला में डिप्टी आरएमओ विनय प्रताप सिंह, जिला प्रबंधक पीसीएफ, मंडी सचिव, बाट-माप अधिकारी, एफसीआई के प्रबंधक सहित सभी क्रय केंद्रों के प्रभारी उपस्थित रहे।

महत्वपूर्ण बैठक आयोजित

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

तहसील सिकन्दरपुर में प्रशासन द्वारा किसानों से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें विशेष रूप से फार्मर रजिस्ट्री अभियान को प्राथमिकता दी गई। उपजिलाधिकारी सिकन्दरपुर की अध्यक्षता में प्रातः 10:00 बजे तहसील परिसर में आयोजित इस बैठक में तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं सभी कानूनगो उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य शासन के निर्देशों के अनुरूप फार्मर रजिस्ट्री कार्य को तेजी और पारदर्शिता के साथ पूरा करना रहा।
बैठक में निर्देश दिए गए कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार गांव-गांव विशेष शिविर (कैम्प) आयोजित कर फार्मर रजिस्ट्री का कार्य अभियान के रूप में चलाया जाएगा, ताकि कोई भी किसान पंजीकरण से वंचित न रहे। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शिविर लगाकर अधिकतम किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित करें और इसकी नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें।इसके साथ ही अंश निर्धारण, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना, धारा 67 के अंतर्गत कार्यवाही, पैमाइश रिपोर्ट तथा भूमि आवंटन जैसे विषयों की भी समीक्षा की गई, लेकिन बैठक का मुख्य फोकस फार्मर रजिस्ट्री अभियान को सफल बनाना रहा।अपराह्न 3:00 बजे तहसील सभागार में एक और समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें खंड विकास अधिकारी, पंचायत अधिकारी, एटीएम, बीटीएम, कानूनगो एवं लेखपालों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की गई। इस बैठक में भी फार्मर रजिस्ट्री को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई और निर्देश दिए गए कि सभी अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य करते हुए अभियान को गति दें।उपजिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे गांव स्तर पर जागरूकता बढ़ाएं, समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करें और शासन की इस प्राथमिक योजना को सफल बनाने में कोई लापरवाही न बरतें।यह बैठक किसानों को सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने और फार्मर रजिस्ट्री अभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

रबी कटाई में आग से बचाव को लेकर प्रशासन सख्त, कंबाइन मालिकों को दिए निर्देश

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
रबी मौसम 2026 के दौरान फसल कटाई के समय आगजनी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी दिव्या मित्तल की अध्यक्षता में कंबाइन हार्वेस्टर मालिकों और संबंधित विभागीय अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य किसानों और मशीन संचालकों को आग से बचाव के प्रति जागरूक करना तथा आवश्यक सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित कराना रहा।
बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि कंबाइन हार्वेस्टर और भूसा बनाने वाली मशीनों के साथ अनिवार्य रूप से बालू से भरी बोरी, पानी से भरा ड्रम और अग्निशमन यंत्र रखा जाए। बिना इन व्यवस्थाओं के किसी भी स्थिति में कटाई कार्य न करने की सख्त हिदायत दी गई, ताकि आग लगने की स्थिति में तुरंत नियंत्रण पाया जा सके।
प्रशासन ने विद्युत विभाग को भी सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए। अधिशासी अभियंता को ढीले और जर्जर बिजली के तारों को तत्काल ठीक कराने को कहा गया। किसानों से अपील की गई कि वे बिजली के तारों के नीचे खड़ी फसल की समय रहते कटाई कर लें, जिससे संभावित हादसों से बचा जा सके।
उप कृषि निदेशक ने किसानों और कंबाइन मालिकों को जागरूक करते हुए कहा कि फसल अवशेष जलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। उन्होंने किसानों से अवशेषों को जलाने के बजाय उसका उपयोग भूसा बनाने में करने की सलाह दी। साथ ही मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए फसल कटाई जल्द पूरी करने पर जोर दिया गया, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

डायल 112 की चार नई गाड़ियों को एसपी ने दिखाई हरी झंडी, पत्रकारों संग की संवाद गोष्ठी

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में पुलिस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में गुरुवार को महत्वपूर्ण पहल की गई। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने पुलिस लाइन परिसर से डायल 112 की चार नई गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर एसपी ने कहा कि आपातकालीन सेवाओं की त्वरित उपलब्धता पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नई गाड़ियों के संचालन से घटनास्थल पर पुलिस की शीघ्र पहुंच सुनिश्चित होगी, जिससे आमजन को समयबद्ध, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण सहायता मिल सकेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि डायल 112 पर प्राप्त हर सूचना पर संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई की जाए।
इसके बाद पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस लाइन सभागार में जनपद के पत्रकारों के साथ प्रथम परिचयात्मक एवं संवादात्मक गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने, अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, जनसुनवाई की प्रभावशीलता तथा सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
एसपी ने मीडिया को लोकतंत्र का सशक्त स्तंभ बताते हुए कहा कि पुलिस और मीडिया के बीच सकारात्मक समन्वय, त्वरित एवं तथ्यात्मक सूचना के आदान-प्रदान तथा निष्पक्ष संवाद से न केवल अफवाहों पर नियंत्रण पाया जा सकता है, बल्कि आमजन में सुरक्षा और विश्वास की भावना भी मजबूत होती है। उन्होंने पत्रकारों से जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए रचनात्मक सहयोग की अपेक्षा जताई।
अंत में उन्होंने आश्वस्त किया कि महराजगंज पुलिस आमजन की सुरक्षा, सेवा और विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करती रहेगी।

स्कूल चलो अभियान के तहत को लेकर जागरूकता रैली

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
प्राथमिक विद्यालय जयनगर नंबर -2 पर नायब तहसीलदार एवं थानाध्यक्ष ने अंक पत्र वितरित किया एवं जागरूकता रैली को हरि झंडी दिखा कर रवाना किए।
गुरुवार को स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय जयनगर नंबर -2 पर नायब तहसीलदार रवीन्द्र मौर्य एवं थानाध्यक्ष बरहज द्वारा स्कूल चलो अभियान के रैली को हरि झंडी दिखा कर रवाना किया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को रिपोर्ट कार्ड वितरण किया गया रिपोर्ट कार्ड वितरण करते हुए नायब तहसीलदार रवीन्द्र मौर्य कहा कि विद्यालय बच्चो की शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र होता है, यही से बच्चे शिक्षा ग्रहण कर राष्ट्र के निर्माण मे अपना महत्वपूर्ण योगदान देते है।

इस अवसर पर प्रधानाध्यापक एवं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के नगर अध्यक्ष जय नारायण त्रिपाठी ने आये हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
रविन्द्र मौर्य एव थानाध्यक्ष ने मेधावी बच्चों को रिपोर्ट कार्ड एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया,प्रथम स्थान पर दीपिका एवं सजना द्वितीय स्थान प्राप्त किये। अन्य बच्चो को भी
रिपोर्ट कार्ड वितरण करते हुए थानाध्यक्ष ने कहा कि विद्यालय का वातावरण काफी सराहनीय है और इस तरह के भव्य आयोजन मे प्रधानाध्यापक और शिक्षकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कार्यक्रम को रामबृक्ष एवं रत्नेश मणि त्रिपाठी आदि ने संबोधित किया।
प्रधानाध्यापक ने आए हुए सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह (बालक राम) की प्रतिमा एवं अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम के अवसर पर रत्नेश मणि त्रिपाठी द्वारा मुख्य अतिथि नायब तहसीलदार रवीन्द्र मौर्य एवं थानाध्यक्ष बरहज ,अमरेंद्र गुप्ता,अमित जायसवाल, गोपाल जायसवाल, रामबृंक्ष को बैज लगाकर सम्मानित किया गया।
स्कूल चलो अभियान को लेकर जागरूकता रैली को हरि झंडी दिखा कर रवाना किया गया, रैली जयनगर होते हुए पलिया, मैलटा, भर टोली होते हुए पुनः विद्यालय पर आकर समाप्त हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से अर्चना त्रिपाठी, आशा यादव,आशा देवी,वंदना सिंह,श्वेता जैसवाल, मंजू, सरिता देवी, मीना देवी,माला देवी सहित सैकड़ों बच्चे अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जय नारायण त्रिपाठी ने किया।

निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण की समीक्षा बैठक, गुणवत्ता पर विशेष जोर

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। कलेक्ट्रेट सभागार में मण्डलायुक्त बस्ती मण्डल/रोल प्रेक्षक अखिलेश सिंह की अध्यक्षता में निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) की प्रगति और गुणवत्ता को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी आलोक कुमार, उप जिला निर्वाचन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) जय प्रकाश सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत करते हुए बताया कि 01 अप्रैल 2026 के आलेख्य प्रकाशन के अनुसार मेहंदावल में 4,12,243, खलीलाबाद में 4,07,189 तथा धनघटा (अजा) में 3,49,885 मतदाता दर्ज हैं। जनपद में दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 9,429 है, जबकि जेंडर रेशियो 811 और ईपिक रेशियो 51 दर्ज किया गया।
रोल प्रेक्षक ने पुनरीक्षण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि कम जेंडर रेशियो वाले बूथों को चिन्हित कर वहां के आंकड़ों का क्रॉस चेक किया जाए, ताकि सामान्य जनसंख्या और मतदाता सूची के जेंडर रेशियो में सामंजस्य सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने फार्म 6, 7 और 8 के आधार पर नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, नाम विलोपन और त्रुटि संशोधन कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि अंतिम प्रकाशन से पूर्व सभी स्तरों पर बार-बार जांच की जाए, जिससे 10 अप्रैल 2026 को होने वाला अंतिम प्रकाशन त्रुटिरहित हो।
जिलाधिकारी आलोक कुमार ने अधिकारियों को निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करते हुए गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के लिए कहा।
बैठक में उप जिलाधिकारी सदर अरुण कुमार, उप जिलाधिकारी मेहंदावल संजीव राय, उप जिलाधिकारी डॉ. सुनील कुमार, तहसीलदार एवं अन्य संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

AAP Rajya Sabha: राघव चड्ढा से छीना उपनेता पद, पार्टी ने सचिवालय को भेजा नोटिस

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को बड़ा झटका देते हुए उन्हें उपनेता पद से हटा दिया है।

अशोक मित्तल बने नए उपनेता

पार्टी ने उनकी जगह सांसद अशोक मित्तल को राज्यसभा में उपनेता नियुक्त किया है। इसके साथ ही पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को नोटिस भेजकर स्पष्ट किया है कि अब राघव चड्ढा को पार्टी की ओर से बोलने की अनुमति न दी जाए।

सदन में बोलने के समय पर भी असर

सूत्रों के मुताबिक, अब राघव चड्ढा को संसद में बोलने के लिए मिलने वाले समय में भी कटौती हो सकती है। यानी उनकी भूमिका अब सीमित हो जाएगी।

पार्टी लाइन से अलग बोलने का आरोप

बताया जा रहा है कि राघव चड्ढा कई बार पार्टी से बिना चर्चा किए सदन में मुद्दे उठा रहे थे। वह किन विषयों पर बोलेंगे, इसकी जानकारी भी पार्टी नेतृत्व को नहीं दे रहे थे।

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जनहित के मुद्दे उठाते रहे चड्ढा

हाल के दिनों में उन्होंने संसद में आम लोगों से जुड़े मुद्दों—जैसे महंगे एयरपोर्ट पर चाय और डिलीवरी बॉयज की समस्याएं—को प्रमुखता से उठाया था।

अनुशासनहीनता बन सकती है वजह

हालांकि पार्टी ने आधिकारिक तौर पर कारण स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन सूत्रों का मानना है कि यह कार्रवाई अनुशासनहीनता और पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाने के कारण की गई है।

सियासी चर्चाएं तेज

राजनीतिक गलियारों में पहले से ही चर्चा थी कि राघव चड्ढा कई मामलों में पार्टी के आधिकारिक रुख से अलग नजर आते हैं। हाल ही में पार्टी के शीर्ष नेताओं से जुड़े मामलों पर उनकी चुप्पी भी चर्चा का विषय बनी रही।

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Lucknow BKT Bulldozer Action: अवैध मस्जिद पर चला बुलडोजर, हाई कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बख्शी का तालाब (BKT) क्षेत्र में प्रशासन ने अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मस्जिद को ध्वस्त कर दिया।

हाई कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई

यह कार्रवाई हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन में बुधवार (1 अप्रैल) देर रात की गई। प्रशासन के अनुसार, संबंधित जमीन ग्रामसभा की थी, जिस पर अवैध रूप से निर्माण किया गया था।

लंबे समय से चल रहा था विवाद

मामला बीकेटी तहसील के ग्राम अस्ति स्थित गाटा संख्या 648 से जुड़ा है। इस जमीन को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था और मामला कोर्ट में विचाराधीन था।

मस्जिद कमेटी नहीं साबित कर पाई अधिकार

सुनवाई के दौरान मस्जिद कमेटी इस निर्माण को वैध साबित करने में असफल रही, जिसके बाद कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी और प्रशासन को ध्वस्तीकरण की अनुमति मिल गई।

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भारी पुलिस बल की तैनाती

ध्वस्तीकरण के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे। देर रात बड़ी संख्या में लोग भी घटनास्थल पर एकत्र हो गए।

तनाव की आशंका के बीच सख्ती

स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां बाहरी लोगों की आवाजाही अधिक थी, जिससे तनाव की स्थिति बन रही थी। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई को आवश्यक बताया।

आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।

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