Wednesday, June 17, 2026
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महिला आरक्षण की आड़ में लोकतंत्र पर वार?

लेखक: राजेन्द्र शर्मा

लेखक: राजेन्द्र शर्मा

महिला आरक्षण का रास्ता साफ करने के नाम पर बुलाई गई संसद की तीन दिन की विशेष बैठक में जब सरकार की ओर से संविधान संशोधन समेत तीन विधेयकों पर चर्चा शुरू हो रही थी, तभी एक अहम अधिसूचना जारी की गई। इसमें बताया गया कि सितंबर 2023 में पारित 106वें संविधान संशोधन के जरिए महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण का कानून 16 अप्रैल 2026 से लागू हो गया है।
यह घोषणा आम पाठकों के लिए उलझन भरी थी, क्योंकि जिस आरक्षण को लागू करने के लिए फिर से संशोधन लाया जा रहा था, उसी के लागू होने का दावा भी किया जा रहा था। दरअसल, यह एक तकनीकी प्रक्रिया थी—सरकार को कानून में संशोधन करने से पहले उसे अधिसूचित करना आवश्यक था।
लेकिन इस तकनीकी पहलू ने एक बड़े राजनीतिक सवाल को जन्म दिया। 2023 में लगभग सर्वसम्मति से पारित इस कानून को तीन साल तक ठंडे बस्ते में क्यों रखा गया? और अब अचानक इसे लागू करने की जल्दबाजी क्यों दिखाई गई?
असल में, 2023 के कानून में ही यह सुनिश्चित कर दिया गया था कि महिला आरक्षण तुरंत लागू नहीं होगा। इसे जनगणना और परिसीमन (डिलिमिटेशन) से जोड़ दिया गया था, जिससे इसका क्रियान्वयन वर्षों तक टल सकता था। विपक्ष ने उस समय सुझाव दिया था कि इन शर्तों को हटाकर मौजूदा सीटों में ही एक-तिहाई आरक्षण लागू किया जाए, जिससे अगले चुनाव से ही महिलाएं इसका लाभ उठा सकें।

ये भी पढ़ें – ईरान में एयर डिफेंस एक्टिव, इजरायल तैयार; US के ग्रीन सिग्नल का इंतजार—क्या होगा अगला कदम?

लेकिन सरकार ने इस सुझाव को खारिज कर दिया। कारण स्पष्ट था—पुरुष सांसदों की संख्या घटाए बिना, कुल सीटों की संख्या बढ़ाकर ही महिलाओं को आरक्षण देना सत्ता पक्ष को अधिक अनुकूल लग रहा था।
अब जब सरकार संशोधन की बात कर रही है, तब भी वह मूल समस्या को दूर करने के बजाय परिसीमन का रास्ता खोलने पर ज्यादा केंद्रित दिखती है। यही इस पूरे विवाद का केंद्र है।
परिसीमन पर पिछले दो दशकों से रोक इसलिए लगी थी ताकि राज्यों के बीच प्रतिनिधित्व का संतुलन बना रहे। उत्तर और दक्षिण भारत के बीच जनसंख्या और विकास के अंतर को देखते हुए यह संतुलन बेहद संवेदनशील मुद्दा रहा है।
लेकिन नई संसद के निर्माण के साथ ही लोकसभा सीटों को 770 से बढ़ाकर 850 तक करने की योजना ने संकेत दे दिया था कि भविष्य में बड़े पैमाने पर बदलाव की तैयारी है। अगर परिसीमन जनसंख्या के आधार पर होता है, तो अधिक जनसंख्या वाले राज्यों का राजनीतिक वजन बढ़ेगा, जिससे संघीय ढांचे का संतुलन प्रभावित हो सकता है।
सरकार ने आश्वासन दिया कि सभी राज्यों की सीटों में समानुपातिक वृद्धि होगी, लेकिन संबंधित विधेयक में इसका स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया। यही संदेह को जन्म देता है कि परिसीमन के बाद वास्तविक स्थिति अलग हो सकती है।
इसके अलावा, मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर उठे सवाल भी चिंता बढ़ाते हैं। अगर संस्थाएं निष्पक्षता सुनिश्चित करने में विफल रहती हैं, तो परिसीमन जैसे बड़े फैसले राजनीतिक पक्षपात से प्रभावित हो सकते हैं।
इस पूरे परिदृश्य में महिला आरक्षण एक सकारात्मक पहल होने के बावजूद, उसके जरिए बड़े राजनीतिक बदलावों का रास्ता खोलने की आशंका भी नजर आती है। यही कारण है कि विपक्ष ने इसे सिर्फ महिला सशक्तिकरण का मुद्दा नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संतुलन से जुड़ा प्रश्न बताया है।
अंततः सवाल यह है कि क्या महिला आरक्षण वास्तव में महिलाओं को सशक्त बनाने का माध्यम बनेगा, या फिर यह व्यापक राजनीतिक पुनर्संरचना का औजार साबित होगा?

तीन तिगाड़ा काम बिगाड़ा नहीं, सफलता का आधार: सकारात्मक सोच की असली ताकत


गोंदिया। आधुनिक डिजिटल युग में जहां विज्ञान और तकनीक ने दुनिया को नई दिशा दी है, वहीं आज भी कुछ अंधविश्वास और गलत धारणाएं समाज में गहराई से जमी हुई हैं। “तीन तिगाड़ा काम बिगाड़ा” और 13 अंक को अशुभ मानना भी ऐसी ही एक सोच है। लेकिन यदि हम गहराई से देखें तो यही अंक अनेक सफलताओं और सकारात्मक ऊर्जा के प्रतीक भी हैं।
एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी के अनुसार, जीवन में सफलता का आधार अंधविश्वास नहीं बल्कि सकारात्मक सोच है। हम जैसा सोचते हैं, हमारा मन वैसा ही बनता है। मन एक शक्तिशाली ऊर्जा है, जिसमें यदि विश्वास, आशा और अच्छे विचारों का समावेश हो, तो सफलता स्वतः मिलती है।
भारत में प्राचीन काल से मान्यताओं, परंपराओं और अंकों का विशेष महत्व रहा है। समय के साथ कई कुप्रथाओं को समाप्त करने के प्रयास हुए, लेकिन कुछ धारणाएं आज भी बनी हुई हैं। इनमें 3 और 13 अंक को लेकर फैली भ्रांतियां प्रमुख हैं।
यदि हम इतिहास पर नजर डालें तो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के जीवन में 13 अंक का विशेष महत्व रहा। उन्होंने 13 मई 1996 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, 13 दिन में सरकार गिरी, फिर 13 महीने बाद पुनः प्रधानमंत्री बने और बाद में 13 अप्रैल 1999 को शपथ लेकर पूर्ण कार्यकाल पूरा किया। यह दर्शाता है कि कोई भी अंक शुभ या अशुभ नहीं होता, बल्कि हमारी सोच उसे ऐसा बनाती है।
तीन अंक का सकारात्मक पक्ष
तीन का महत्व हमारे जीवन और संस्कृति में हर जगह दिखाई देता है।
त्रिदेव—ब्रह्मा, विष्णु, महेश;
त्रिदेवी—लक्ष्मी, सरस्वती, पार्वती;
त्रिशूल, तीन परिक्रमा, तीन बार आरती—ये सभी सकारात्मक ऊर्जा के प्रतीक हैं।
प्रकृति और विज्ञान भी तीन के महत्व को दर्शाते हैं—
जल के तीन रूप (ठोस, द्रव, गैस),
समय के तीन काल (भूत, वर्तमान, भविष्य),
सिग्नल के तीन रंग (लाल, पीला, हरा)।
जीवन की अवस्थाएं भी तीन हैं—बाल्यकाल, युवावस्था और वृद्धावस्था। यह दर्शाता है कि तीन संख्या संतुलन और पूर्णता का प्रतीक है।
नकारात्मक सोच का प्रभाव
कुछ लोग तीन को नकारात्मक दृष्टि से देखते हैं—जैसे “तीन लोग साथ न निकलें” या “तीन तिगाड़ा काम बिगाड़ा”। यह केवल मानसिक भ्रम है। वास्तविकता यह है कि कोई भी संख्या हमारे कार्य को प्रभावित नहीं करती, बल्कि हमारी सोच और प्रयास ही परिणाम तय करते हैं।
सकारात्मक सोच ही सफलता की कुंजी
यदि हम अपने विचारों को सकारात्मक दिशा में मोड़ें, तो वही अंक जो हमें डराते हैं, हमारी सफलता का कारण बन सकते हैं।
विचारों की माला विश्वास के फूलों से बनती है।
जब इसमें प्रेम और आशा जुड़ जाती है, तो जीवन में खुशी स्वतः आ जाती है।
निष्कर्ष
“तीन तिगाड़ा काम बिगाड़ा” जैसी कहावतों से बाहर निकलकर हमें सकारात्मक सोच अपनानी चाहिए। आधुनिक युग में सफलता का मूल मंत्र यही है कि हम अंधविश्वासों से दूर रहें और अपने मन को मजबूत बनाएं।

संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र

कानपुर: “पापा मेरे शव को हाथ न लगाएं” — प्रियांशु का दर्दनाक सुसाइड नोट, अपमान और तनाव से टूटी जिंदगी

कानपुर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां 24 वर्षीय प्रशिक्षु अधिवक्ता प्रियांशु श्रीवास्तव ने कचहरी की पांचवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पहले उन्होंने दो पन्नों का सुसाइड नोट लिखा, जिसमें उन्होंने अपने जीवन के दर्द, अपमान और मानसिक तनाव को शब्दों में बयां किया।

“पापा मेरे शव को हाथ न लगाएं”

सुसाइड नोट में प्रियांशु ने अपनी आखिरी इच्छा जाहिर करते हुए लिखा कि उनके पिता राजेंद्र कुमार उनके शव को हाथ न लगाएं। उन्होंने अपने बचपन से लेकर अब तक के अनुभवों को साझा करते हुए लिखा कि पिता की डांट, अपमान और कठोर व्यवहार ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया था।

बचपन की घटनाएं बनीं गहरे घाव

प्रियांशु ने लिखा कि छह साल की उम्र में एक छोटी सी गलती पर उन्हें निर्वस्त्र कर घर से निकालने की धमकी दी गई थी। यह घटना उनके मन में गहरे तक बैठ गई। समय के साथ पढ़ाई का दबाव, हर बात पर शक और सार्वजनिक रूप से अपमान ने उनके मानसिक स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित किया।

“हर पल निगरानी और दखल”

सुसाइड नोट के अनुसार, उनके जीवन में जरूरत से ज्यादा हस्तक्षेप किया जाता था—किससे बात कर रहे हैं, कहां जा रहे हैं—हर चीज पर नजर रखी जाती थी। उन्होंने यह भी लिखा कि उन्होंने परिवार की मदद के लिए ट्यूशन पढ़ाया और आर्थिक सहयोग किया, इसके बावजूद उन्हें ताने सुनने पड़े।

घटना से पहले व्हाट्सएप स्टेटस पर डाला नोट

जानकारी के अनुसार, घटना से लगभग तीन घंटे पहले प्रियांशु ने अपना सुसाइड नोट व्हाट्सएप स्टेटस पर साझा किया था। इसके बाद वह कचहरी पहुंचे और वहां से छलांग लगा दी। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना

बताया जा रहा है कि बीते एक साल में यह दूसरी ऐसी घटना है। इससे पहले भी एक महिला कर्मी ने न्यायालय भवन से कूदकर आत्महत्या की थी।

यह घटना पारिवारिक दबाव, मानसिक तनाव और संवाद की कमी के गंभीर परिणामों को उजागर करती है। समाज और परिवार के स्तर पर ऐसे मामलों को संवेदनशीलता से समझना और समय रहते मदद उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।

MI vs CSK Highlights: चेन्नई की ऐतिहासिक जीत, मुंबई की IPL में सबसे बड़ी हार, 103 रन से रौंदा

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आईपीएल में एक ऐतिहासिक मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स ने मुंबई इंडियंस को 103 रनों से हराकर बड़ा रिकॉर्ड बना दिया। वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मैच में चेन्नई ने मुंबई को उसी के घरेलू मैदान पर करारी शिकस्त दी।
MI की सबसे बड़ी हार, CSK की सबसे बड़ी जीत

यह हार मुंबई इंडियंस के IPL इतिहास की सबसे बड़ी हार साबित हुई। इससे पहले मुंबई को 87 रनों से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस मैच में 103 रनों की हार ने पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।

वहीं चेन्नई सुपर किंग्स के लिए यह IPL में रनों के हिसाब से सबसे बड़ी जीत बन गई। इससे पहले टीम की सबसे बड़ी जीत 97 रनों की थी।

सैमसन का तूफानी शतक

संजू सैमसन ने इस मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 54 गेंदों में 101 रन बनाए। उनकी इस पारी की बदौलत चेन्नई ने 207 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया।

अकील होसेन की घातक गेंदबाजी

इसके बाद गेंदबाजी में अकील होसेन ने कमाल कर दिया। इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में उतरते हुए उन्होंने 4 ओवर में केवल 17 रन देकर 4 विकेट झटके और मुंबई की बल्लेबाजी पूरी तरह ढहा दी।

मुंबई 104 रन पर ऑलआउट

207 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए मुंबई इंडियंस की पूरी टीम 20 ओवर भी नहीं खेल पाई और सिर्फ 104 रन पर ऑलआउट हो गई।

रिकॉर्ड लिस्ट

मुंबई इंडियंस की सबसे बड़ी हार (रनों से):

• 103 रन – बनाम चेन्नई सुपर किंग्स
• 87 रन – बनाम राजस्थान रॉयल्स
• 85 रन – बनाम सनराइजर्स हैदराबाद

CSK की सबसे बड़ी जीत (रनों से):

• 103 रन – बनाम मुंबई इंडियंस
• 97 रन – बनाम पंजाब किंग्स
• 93 रन – बनाम दिल्ली कैपिटल्स

इस जीत के साथ चेन्नई सुपर किंग्स ने IPL इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया, जबकि मुंबई इंडियंस के लिए यह मुकाबला एक बुरे सपने जैसा साबित हुआ।

ईरान में एयर डिफेंस एक्टिव, इजरायल तैयार; US के ग्रीन सिग्नल का इंतजार—क्या होगा अगला कदम?

US Iran War: पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंचता दिख रहा है। ईरान की राजधानी तेहरान में एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव होने की खबरों ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई इलाकों में एयर डिफेंस यूनिट्स संदिग्ध हवाई लक्ष्यों को इंटरसेप्ट करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।

इसी बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर विवाद और गहराता जा रहा है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए हैं कि डोनाल्ड ट्रंप ने आदेश दिया है कि माइन्स बिछाने वाली किसी भी संदिग्ध नाव को तुरंत नष्ट कर दिया जाए। उन्होंने दावा किया कि इस समय होर्मुज क्षेत्र पर पूरी तरह अमेरिका का नियंत्रण है।

भारत ने भी अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है और उन्हें ईरान छोड़ने की सलाह दी है। हाल ही में ईरान के आईआरजीसी कमांडो द्वारा एक जहाज को जब्त किए जाने की घटना ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

इजरायल की कड़ी चेतावनी

स्थिति को और गंभीर बनाते हुए इजरायल ने ईरान को खुली चेतावनी दी है। इजरायल के रक्षा मंत्री ने साफ कहा है कि सेना किसी भी संभावित हमले के लिए पूरी तरह तैयार है और टारगेट पहले ही चिन्हित किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कार्रवाई के लिए अमेरिका की मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।

ईरान की शर्त: संपत्ति रिलीज करो, तब खुलेगा होर्मुज

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए नई शर्त रख दी है। तेहरान का कहना है कि जब तक उसकी लगभग 11 ट्रिलियन डॉलर की जब्त संपत्ति वापस नहीं की जाती, तब तक वह जलमार्ग को खोलने पर विचार नहीं करेगा।

अमेरिका को देनी पड़ी सफाई

एक अलग विवाद में अमेरिका को सफाई भी देनी पड़ी। ट्रंप के सोशल मीडिया रीपोस्ट में भारत को लेकर विवादित टिप्पणियां सामने आई थीं। हालांकि बाद में अमेरिकी दूतावास ने स्पष्ट किया कि ट्रंप भारत को “महान देश” मानते हैं और उसके नेतृत्व को अपना मित्र बताते हैं।

तेहरान में एयर डिफेंस एक्टिवेशन, होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ता तनाव, और इजरायल की सैन्य तैयारी—ये सभी संकेत देते हैं कि पश्चिम एशिया एक बड़े भू-राजनीतिक संकट की ओर बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में अमेरिका की भूमिका इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय कर सकती है।

यूपी बोर्ड रिजल्ट: 10वीं में कलीम, 12वीं में पूनम टॉपर

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा वर्ष 2026 के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम घोषित किए जाने के बाद जिले के मेधावी छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। हाईस्कूल (10वीं) में मो. कलीम शाह ने 95.67 प्रतिशत अंक हासिल कर जिला स्तर पर पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि इंटरमीडिएट (12वीं) में पूनम यादव ने 94 प्रतिशत अंकों के साथ टॉप किया।
परिणाम जारी होते ही छात्रों और अभिभावकों में उत्साह का माहौल देखा गया। कलीम शाह को कुल 600 में से 574 अंक प्राप्त हुए, जबकि पूनम यादव ने 500 में से 472 अंक अर्जित किए। दोनों छात्रों की उपलब्धि से जिले में खुशी का माहौल है।
हाईस्कूल की मेरिट सूची में फातमा खातून (572 अंक) दूसरे और आलोक यादव (571 अंक) तीसरे स्थान पर रहे। इसके अलावा कई अन्य छात्रों ने भी 94 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर शीर्ष सूची में जगह बनाई।
इंटरमीडिएट की मेरिट सूची में प्रवीण सिंह (460 अंक) दूसरे तथा आर्या त्रिपाठी (454 अंक) तीसरे स्थान पर रहे। अन्य मेधावी छात्रों ने भी बेहतर अंक प्राप्त कर जिले का गौरव बढ़ाया है।
छात्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in या upresults.nic.in पर जाकर अपना रोल नंबर और कैप्चा कोड दर्ज कर परिणाम देख सकते हैं।

30 लाख के 101 मोबाइल बरामद, मालिकों को सौंपे—महराजगंज पुलिस की बड़ी कामयाबी

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)।पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के कुशल नेतृत्व में जनपद पुलिस ने तकनीक आधारित पुलिसिंग का शानदार उदाहरण पेश किया है। सर्विलांस सेल और पोर्टल की मदद से 101 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिया गया। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई गई है।
इस विशेष अभियान में सर्विलांस टीम ने आईएमईआई नंबर के आधार पर ट्रैकिंग, तकनीकी विश्लेषण और आधुनिक संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए विभिन्न कंपनियों के स्मार्टफोन खोज निकाले। 23 अप्रैल को सभी मोबाइल स्वामियों को बुलाकर विधिक प्रक्रिया पूरी की गई और उनके मोबाइल फोन सुपुर्द कर दिए गए। अपने खोए मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली और उन्होंने पुलिस प्रशासन का आभार जताया।
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने इस उपलब्धि पर सर्विलांस टीम को बधाई देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पोर्टल जैसे तकनीकी प्लेटफॉर्म का अधिक से अधिक उपयोग कर नागरिकों की संपत्ति को सुरक्षित रखने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। साथ ही लोगों से अपील की कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तुरंत नजदीकी थाने या सर्विलांस सेल में सूचना दें।
जांच में सामने आया कि अधिकांश मोबाइल भीड़-भाड़ वाले बाजारों, सब्जी मंडियों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में गिरने या छूटने से खो गए थे। इसके अलावा कई मोबाइल यात्रा के दौरान ऑटो, बस या अन्य वाहनों में छूट गए, जबकि कुछ बाइक चलाते समय जेब से गिर गए। वहीं पार्कों, शादियों, बड़े आयोजनों और बच्चों द्वारा खेलते समय भी मोबाइल गुम होने की घटनाएं सामने आईं।
इस सफलता में सर्विलांस सेल की टीम—शिवानंद पासवान, चंद्रशेखर यादव, राजकुमार राजभर, आलोक पांडेय, सुधीर कुमार यादव, सूरज गुप्ता और नीरज कुमार गोंड—की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

अस्मिता खेल प्रतियोगिता में बालिकाओं ने दिखाया दम, कबड्डी और हैण्डबाल मुकाबले संपन्न

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय खेल प्राधिकरण एवं उत्तर प्रदेश ओलम्पिक एसोसिएशन के तत्वावधान में डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में अस्मिता खेल प्रतियोगिता के अंतर्गत बालिका कबड्डी और हैण्डबाल प्रतियोगिताओं का आयोजन उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। प्रतियोगिता का उद्देश्य बालिकाओं में खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करना, प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करना और खेलों के माध्यम से सशक्तिकरण को बढ़ावा देना रहा।
प्रतियोगिता का शुभारंभ क्रीड़ाधिकारी देवी प्रसाद सिंह ने किया। कबड्डी प्रतियोगिता में पांच टीमों ने प्रतिभाग किया। फाइनल मुकाबला स्टेडियम ए और स्टेडियम बी के बीच खेला गया, जिसमें स्टेडियम ए ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया।
वहीं हैण्डबाल प्रतियोगिता में चार टीमों ने हिस्सा लिया। फाइनल मुकाबला स्टेडियम रेड और स्टेडियम ब्लू के बीच खेला गया, जिसमें स्टेडियम रेड विजेता रही। दोनों प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन किया।
विजेता टीमों को पुरस्कार वितरण अपर जिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह द्वारा किया गया। आयोजन के दौरान जिला ओलम्पिक संघ मऊ के पदाधिकारियों, विभिन्न खेल संघों के प्रतिनिधियों, वरिष्ठ खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की।
इसी अवसर पर उत्तर प्रदेश ओलम्पिक संघ द्वारा आमेन्द्र सिंह को जिला ओलम्पिक संघ मऊ का अध्यक्ष चुने जाने की घोषणा भी की गई। इस मौके पर संघ के पदाधिकारियों ने उन्हें बधाई देते हुए खेल गतिविधियों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई।
कार्यक्रम के समापन पर जिला ओलम्पिक संघ मऊ के सचिव आनन्द सिंह ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। आयोजन ने बालिका खेल प्रतिभाओं को मंच देने के साथ जिले में खेल संस्कृति को मजबूती प्रदान करने का संदेश भी दिया।

शांति व्यवस्था सुदृढ़ करने को पुलिस का पैदल गश्त और सघन वाहन चेकिंग अभियान

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में शांति एवं कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से थाना रामपुर कारखाना क्षेत्र में विशेष पैदल गश्त और सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया और पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
अभियान के तहत कस्बा क्षेत्र के प्रमुख चौराहों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पैदल गश्त की गई। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर विशेष नजर रखी गई। आमजन से संवाद स्थापित कर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया तथा लोगों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई।
वाहन चेकिंग अभियान के दौरान दोपहिया और चारपहिया वाहनों की गहन जांच की गई। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट और अन्य नियमों की अनदेखी करने वालों पर वैधानिक कार्रवाई कर यातायात अनुशासन का संदेश दिया गया। साथ ही संदिग्ध वाहनों की तलाशी लेकर अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने का प्रयास किया गया।
अभियान के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को सतर्कता और निष्पक्षता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि जनपद में कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
यह अभियान आमजन में सुरक्षा का भरोसा मजबूत करने, अपराध नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

गर्मी को देखते हुए जनपद न्यायालय का समय बदला, 1 मई से सुबह 7 बजे शुरू होगी सुनवाई

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। भीषण गर्मी और उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में जनपद न्यायालय देवरिया के न्यायालयों एवं कार्यालयों के कार्य समय में 1 मई से 30 जून तक परिवर्तन किया गया है। इस संबंध में जनपद न्यायाधीश धनेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा नई समय-सारिणी निर्धारित की गई है।
निर्धारित व्यवस्था के अनुसार न्यायालयों में कार्य सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक होगा। इस दौरान सुबह 10:30 बजे से 11 बजे तक आधे घंटे का लंच अवकाश रहेगा। वहीं न्यायालय कार्यालयों का संचालन सुबह 6:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक किया जाएगा। कार्यालयों में लंच अवकाश सुबह 10:30 बजे से 11 बजे तक निर्धारित किया गया है।
यह व्यवस्था गर्मी के मौसम में न्यायिक कार्यों के सुचारू संचालन, कर्मचारियों की सुविधा और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावी बनाए रखने के उद्देश्य से लागू की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समय परिवर्तन के बावजूद न्यायिक एवं शासकीय कार्य प्रभावित नहीं होंगे।
तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि लंच अवधि का उपयोग इस प्रकार किया जाए कि कार्यालयी कार्य बाधित न हो। किसी भी स्थिति में कार्यालय बंद कर सामूहिक रूप से लंच नहीं किया जाएगा और कार्य निरंतर जारी रहेगा।
नई समय-सारिणी से न्यायालय परिसर में कार्य व्यवस्था अधिक व्यवस्थित होने और गर्मी के दौरान आमजन व कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

आईपीएमएस पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य, 26 अप्रैल तक मौका, चूकने पर लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। कीटनाशक दवाओं की बिक्री में पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के लिए जिले के सभी कीटनाशक विक्रेताओं के लिए विभागीय आईपीएमएस (इंटीग्रेटेड पेस्टीसाइड मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। जिला कृषि रक्षा विभाग ने 26 अप्रैल तक पंजीकरण कराने की अंतिम तिथि निर्धारित करते हुए इसे अंतिम अवसर बताया है।
विभाग के अनुसार जनपद में कुल 692 लाइसेंसधारी कीटनाशक विक्रेता हैं, जिनमें से 365 विक्रेताओं ने बार-बार निर्देशों के बावजूद अब तक पंजीकरण नहीं कराया है। इसके चलते संबंधित विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। पहले पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर अब 26 अप्रैल किया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकरण न कराने वाले विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। यह व्यवस्था कीटनाशक बिक्री को व्यवस्थित करने, गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करने और किसानों के हितों की सुरक्षा के उद्देश्य से लागू की गई है।
विभाग ने यह भी बताया कि 26 अप्रैल के बाद जिले भर में औचक निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। बिना पंजीकरण या निलंबित लाइसेंस के व्यापार करते पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध कीटनाशी अधिनियम 1968 के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने सभी लाइसेंसधारी विक्रेताओं से समय रहते पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कार्रवाई से बचा जा सके।

लेडी लायल चिकित्सालय विस्तार कार्य का निरीक्षण, निर्माण गुणवत्ता और प्रगति तेज करने के निर्देश

आगरा (राष्ट्र की परम्परा)। लेडी लायल महिला चिकित्सालय परिसर में चल रही विस्तारीकरण योजना के निर्माण कार्य का मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप ने स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में तेजी लाने, गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने और धूल प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।
विस्तारीकरण योजना के तहत अस्पताल ब्लॉक, मोर्चरी, मेडिकल ब्लॉक और ईएसएस ब्लॉक का निर्माण कराया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना की भौतिक प्रगति लगभग 30 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। प्रस्तावित सात मंजिला मेडिकल कॉलेज ब्लॉक में बेसमेंट फ्लोर का आरसीसी कार्य पूरा हो चुका है, जबकि ग्राउंड फ्लोर का 95 प्रतिशत और प्रथम तल का 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है। अन्य ब्लॉकों में भी बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर स्तर तक निर्माण कार्य प्रगति पर है।
निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर निर्माण गुणवत्ता को लेकर कमियां सामने आईं। शटरिंग की लाइन और लेवल में त्रुटियां मिलने पर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जांच के बाद ही आरएफआई जारी की जाए और अधोमानक कार्यों पर तत्काल एनसीआर जारी कर सुधार कराया जाए।
निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर चिंता जताते हुए श्रमिकों की संख्या बढ़ाने और तय समय सीमा के भीतर योजना पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि परियोजना में गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
कार्यस्थल पर धूल नियंत्रण के पर्याप्त उपाय न मिलने पर वायु प्रदूषण रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया। साथ ही ट्रांसपोर्टेशन प्लान के अनुसार जीएसबी कार्य सुनिश्चित करने, निर्माण सामग्री और शटरिंग को व्यवस्थित रखने तथा सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए, ताकि दुर्घटनाओं से बचाव हो सके।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य और निर्माण विभाग के अधिकारियों ने भी मौजूद रहकर परियोजना की प्रगति की जानकारी दी। यह विस्तारीकरण योजना क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

खरीफ सीजन के लिए बीज मिनीकिट वितरण शुरू, 10 मई तक ऑनलाइन आवेदन का मौका

औरैया (राष्ट्र की परम्परा)। खरीफ सीजन 2026 के लिए किसानों को सामान्य और संकर बीज तथा तिलहन-दलहन बीज मिनीकिट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों से 10 मई तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
उप कृषि निदेशक शैलेन्द्र कुमार वर्मा ने बताया कि योजना के तहत संकर मक्का, संकर धान, सामान्य धान, बासमती धान तथा तिलहन एवं दलहन बीज मिनीकिट किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे। योजना का उद्देश्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराकर उत्पादन बढ़ाना और खरीफ फसलों को प्रोत्साहन देना है।
इस योजना का लाभ लेने के लिए कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। बीज मिनीकिट वितरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी गई है। यदि निर्धारित लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं तो लाभार्थियों का चयन ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।
चयनित किसानों को पीओएस मशीन के जरिए राजकीय कृषि बीज भंडारों से बीज वितरित किए जाएंगे। प्रशासन ने किसानों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है, ताकि वे इस योजना का लाभ उठा सकें।
कृषि विभाग के अनुसार यह पहल किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराने, खेती की लागत कम करने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इच्छुक किसान विभागीय पोर्टल पर आवेदन कर निःशुल्क बीज मिनीकिट प्राप्त कर सकते हैं।

भीषण गर्मी में चुनाव ड्यूटी बनी जानलेवा: कर्मी बीमार, वोटर की मौत, हुमायूं के काफिले पर हमला


कोलकाता (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)भीषण गर्मी के बीच चल रहे चुनावी माहौल ने एक बार फिर व्यवस्था और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेज धूप और लू के थपेड़ों के बीच जहां एक ओर चुनाव कर्मी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हालात इतने खराब हो गए कि एक कर्मी की तबीयत बिगड़ गई, एक मतदाता की मौत हो गई और एक प्रत्याशी हुमायूं के काफिले पर हमला होने की घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी।
चुनाव के दौरान तापमान लगातार 42 डिग्री के पार बना हुआ है, जिससे मतदान केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों और वोट डालने आए लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच एक मतदान केंद्र पर ड्यूटी कर रहे कर्मचारी अचानक चक्कर खाकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद अन्य कर्मियों ने उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार दिया और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा। डॉक्टरों के अनुसार, गर्मी और डिहाइड्रेशन इसकी मुख्य वजह हो सकती है।
वहीं दूसरी ओर, मतदान करने पहुंचे एक बुजुर्ग मतदाता की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि लंबी लाइन में खड़े रहने और भीषण गर्मी के कारण उन्हें घबराहट हुई, जिसके बाद वे बेहोश हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया और मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पानी और चिकित्सा व्यवस्था की समीक्षा शुरू की गई।
इसी बीच चुनावी माहौल उस समय और तनावपूर्ण हो गया जब उम्मीदवार हुमायूं के काफिले पर अज्ञात लोगों द्वारा हमला कर दिया गया। घटना उस समय हुई जब काफिला एक संवेदनशील क्षेत्र से गुजर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक कुछ लोगों ने काफिले पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे वाहनों के शीशे टूट गए और अफरा-तफरी मच गई। हालांकि इस हमले में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ, लेकिन यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही चुनाव आयोग ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए रिपोर्ट तलब की है।
भीषण गर्मी और सुरक्षा चुनौतियों के बीच चुनाव कराना प्रशासन के लिए एक बड़ी परीक्षा बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की परिस्थितियों में मतदान का समय सुबह और शाम के बीच सीमित करना, अधिक छायादार इंतजाम और मेडिकल सहायता बढ़ाना बेहद जरूरी है।
फिलहाल, इन घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव सिर्फ लोकतंत्र का उत्सव नहीं बल्कि एक चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया भी है, जिसमें मानवीय संवेदनाओं और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है।

मिर्ज़ापुर हादसा: ब्रेक फेल ट्रक ने मचाई तबाही, 11 की मौत, कार बनी आग का गोला


मिर्जापुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर जिले से बुधवार रात एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। ड्रमंडगंज घाटी के खतरनाक ढलान वाले रास्ते पर एक अनियंत्रित ट्रक ने कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे 11 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे की भयावहता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दो भारी ट्रकों के बीच फंसी एक कार पूरी तरह कुचल गई और कुछ ही क्षणों में आग के गोले में तब्दील हो गई।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसा रात करीब 8:30 बजे घाटी के निचले हिस्से में हुआ, जहां ढलान के कारण वाहनों की रफ्तार सामान्य से अधिक रहती है। बताया जा रहा है कि जिस ट्रक ने पीछे से कार में टक्कर मारी, उसके ब्रेक फेल होने की आशंका है। तेज रफ्तार और नियंत्रण खोने के चलते ट्रक ने एक के बाद एक कई वाहनों को टक्कर मार दी, जिससे घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकालने के लिए अभियान शुरू किया गया। कई वाहनों में फंसे लोगों को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में सक्रिय सहयोग दिया। आग लगने के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई, जिससे बचाव कार्य में बाधाएं आईं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब तक मिली जानकारी के अनुसार, इस हादसे में 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन ने घटनास्थल पर ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया है और क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि दुर्घटना में शामिल एक ट्रक का रजिस्ट्रेशन बिहार का है, जबकि दूसरे ट्रक का मध्य प्रदेश का है। जिन कारों को नुकसान पहुंचा है, उनमें से एक सोनभद्र जिले की और दूसरी मिर्ज़ापुर की बताई जा रही है। हादसे के कारण कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित हो गया था, जिसे अब धीरे-धीरे सामान्य किया जा रहा है।
इस भीषण हादसे पर देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50,000 रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की है।
स्थानीय प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और ट्रक के ब्रेक फेल होने की संभावना को गंभीरता से जांचा जा रहा है। साथ ही घाटी क्षेत्र में सड़क सुरक्षा उपायों को और सख्त करने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और विशेषकर घाटी क्षेत्रों में भारी वाहनों के संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील मार्गों पर वाहनों की नियमित तकनीकी जांच और गति नियंत्रण के सख्त उपाय जरूरी हैं।