सुबह गाजियाबाद की विशेष PMLA कोर्ट में पेशी, सुरक्षा में तैनात रहे पुलिस और अर्धसैनिक बलों के करीब 100 जवान

गाजियाबाद (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुश्किलें जेल से बाहर आने के कुछ ही घंटों बाद फिर बढ़ गईं। शनिवार शाम रामपुर जेल से रिहा होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद जांच एजेंसी उन्हें दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय ले गई, जहां रातभर पूछताछ की गई। रविवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें गाजियाबाद की विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया।जानकारी के मुताबिक, आजम खान शनिवार शाम करीब 7:15 बजे अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ रामपुर जेल से बाहर आए थे। लगभग 11 महीने बाद उनकी रिहाई हुई थी। इससे पहले 29 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में उनकी 10 साल की सजा पर रोक लगाई थी, जिसके बाद उनकी जेल से रिहाई का रास्ता साफ हुआ था।हालांकि, जेल से बाहर निकलने के कुछ समय बाद ही ED ने जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में कथित तौर पर सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें दिल्ली ले जाकर जांच अधिकारियों ने पूछताछ की। बताया जा रहा है कि इस दौरान उनसे 50 से अधिक सवाल किए गए।रविवार सुबह करीब 10:30 बजे ED का पांच गाड़ियों का काफिला आजम खान को लेकर गाजियाबाद की विशेष PMLA कोर्ट पहुंचा। उनकी पेशी को देखते हुए अदालत परिसर और आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। करीब 100 पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों के जवानों को सुरक्षा में लगाया गया था।कोर्ट पहुंचने के दौरान आजम खान अर्टिगा कार में बैठे नजर आए। मीडिया कर्मियों ने जब उनसे बातचीत करने की कोशिश की और पूछा कि क्या वह कुछ कहना चाहेंगे, तो उन्होंने संक्षिप्त जवाब दिया, “क्या रह गया है बोलने को।” इसके बाद उन्होंने कार की खिड़की बंद कर ली।जेल से रिहाई के बाद दोबारा गिरफ्तारी और फिर रातभर पूछताछ के घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। अब सबकी निगाहें अदालत की कार्यवाही पर टिकी हैं।