एक साथ 4 सैटेलाइट का ड्रोन से होगा लॉन्च, IN-SPACe चेयरमैन पवन गोयनका की मौजूदगी ने बढ़ाया उत्साह


कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा) अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीकी नवाचार की दिशा में एक रोमांचक पहल के तहत कैनसैट लॉन्चिंग की तैयारियां तेज हो गई हैं। लॉन्चिंग के लिए ड्रोन को तैयार कर लिया गया है और उसमें कैनसैट लोड करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस आयोजन का रोमांच उस समय और बढ़ गया, जब भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) के चेयरमैन पवन गोयनका भी कार्यक्रम में पहुंच गए। अब सभी की निगाहें कैनसैट के आसमान की ओर बढ़ते सफर और तकनीकी प्रयोग के परिणाम पर टिकी हैं।

ड्रोन से एक साथ चार कैनसैट लॉन्च करने की तैयारी

इस आयोजन का सबसे खास आकर्षण एक साथ चार कैनसैट को ड्रोन के माध्यम से लॉन्च करने की तैयारी है। ड्रोन में कैनसैट लोड किए जा रहे हैं। इस प्रयोग में ड्रोन की भूमिका बेहद अहम है, क्योंकि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कैनसैट को लॉन्च करने के बाद ड्रोन की सुरक्षित वापसी भी सुनिश्चित की जानी है। यह पूरा क्रम तकनीकी समन्वय, सटीक संचालन और टीम की तैयारी की परीक्षा होगा।
कैनसैट छोटे आकार का ऐसा शैक्षणिक उपकरण होता है, जिसे वास्तविक उपग्रह जैसी प्रणाली की अवधारणा को समझने और विभिन्न तकनीकी प्रयोगों के लिए तैयार किया जाता है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को सेंसर, डेटा संग्रह, संचार और मिशन संचालन जैसी प्रक्रियाओं को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिलता है। हालांकि, इस आयोजन में इस्तेमाल किए जा रहे कैनसैट के विशिष्ट प्रयोगों और उनकी तकनीकी क्षमताओं की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

मॉडल रॉकेट भी लॉन्च पैड की ओर रवाना

ड्रोन के जरिए कैनसैट लॉन्चिंग की तैयारियों के बीच मॉडल रॉकेट को भी लॉन्च पैड के लिए रवाना कर दिया गया है। इससे आयोजन में उत्साह और बढ़ गया है। ड्रोन से कैनसैट लॉन्चिंग और मॉडल रॉकेट की तैयारी, दोनों ही गतिविधियां प्रतिभागियों के लिए अंतरिक्ष तकनीक को करीब से समझने का अवसर प्रस्तुत करती हैं।
मॉडल रॉकेट की लॉन्चिंग के दौरान उसकी तैयारी, लॉन्च पैड पर तैनाती और निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन महत्वपूर्ण होगा। आयोजन में शामिल टीमों के लिए यह केवल प्रदर्शन नहीं, बल्कि योजना, तकनीकी कौशल और सामूहिक प्रयास को परखने का भी अवसर है।

पवन गोयनका की मौजूदगी से बढ़ा आयोजन का महत्व

IN-SPACe के चेयरमैन पवन गोयनका की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को विशेष महत्व दिया है। भारत में अंतरिक्ष क्षेत्र में नवाचार, निजी भागीदारी और नई पीढ़ी को वैज्ञानिक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
फिलहाल ड्रोन में कैनसैट लोड करने और मॉडल रॉकेट को लॉन्च पैड तक पहुंचाने की तैयारियां जारी हैं। अब सबकी उत्सुकता लॉन्चिंग के क्षण और उसके बाद होने वाली गतिविधियों को लेकर है। यदि निर्धारित योजना के अनुसार सभी चरण पूरे होते हैं, तो यह आयोजन प्रतिभागियों के लिए अंतरिक्ष विज्ञान और रॉकेट तकनीक का यादगार व्यावहारिक अनुभव साबित हो सकता है।