चुनार में दिव्या मित्तल का शक्ति प्रदर्शन! फूलों की बारिश, नारों से गूंजा नगर; हर साल चुनार महोत्सव कराने का किया बड़ा ऐलान

✍️ चुनार (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) मिर्जापुर जिले के चुनार नगर में शनिवार को दिव्या मित्तल के आगमन पर उत्साह का ऐसा नजारा देखने को मिला कि जगह-जगह स्वागत, फूलों की बारिश और समर्थन में गूंजते नारों से माहौल सरगर्म हो उठा। उनकी एक झलक पाने के लिए महिलाएं, पुरुष और बच्चे बड़ी संख्या में पहुंचे। चुनार ही नहीं, आसपास के गांवों से भी लोग उन्हें देखने और सुनने के लिए जुटे। समर्थकों के नारों से पूरा इलाका गूंजता रहा। कोई ‘दिव्या मित्तल जिंदाबाद’ के नारे लगा रहा था, तो कोई ‘दीदी तुम संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं’ कहकर अपना समर्थन जता रहा था।
दिव्या मित्तल का काफिला जब चुनार किला मोड़ स्थित चुनार क्लब के पास पहुंचा तो लोगों ने गुलाब की पंखुड़ियां बरसाकर उनका जोरदार स्वागत किया। निर्धारित समय से करीब एक घंटे पहले ही सैकड़ों महिलाएं हाथों में फूल-मालाएं लेकर वहां पहुंच गई थीं। हर किसी को उनके आने का इंतजार था। चुनार के अलावा अदलपुरा, रुदौली, मगरहा, सीखड़, लरछूट, जमुई और बेरवा समेत आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। भीड़ और समर्थकों के उत्साह ने कार्यक्रम को खास बना दिया।
इसके बाद दिव्या मित्तल नगर के बालूघाट स्थित गुहराज निषाद पार्क पहुंचीं। यहां उन्होंने निषादराज के चित्र पर माल्यार्पण कर पूजन-अर्चन किया और लोगों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “पहले मैं डीएम के रूप में सेवा करने आई थी, अब जननेता बनकर आप लोगों की सेवा करने आई हूं।” उनके इस बयान ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान खींचा।
दिव्या मित्तल ने बताया कि उनकी पार्टी का नाम जननीति भारत है और वह इसकी राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की राजनीति का केंद्र जनता होगी और यहां राजनीति के बजाय जनता का राज स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। उनके इस संदेश के बीच सभा में मौजूद लोगों ने उत्साहपूर्वक समर्थन जताया।
इस दौरान चुनार महोत्सव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। स्थानीय लोगों ने याद दिलाया कि पहले उनके प्रयास से चुनार महोत्सव का आयोजन हुआ था, लेकिन इसके बाद दोबारा यह आयोजन नहीं हो सका। लोगों ने महोत्सव को फिर से शुरू कराने की मांग उठाई। इस पर दिव्या मित्तल ने हर साल चुनार महोत्सव कराने का वादा किया। उन्होंने कहा कि वह अपने पैसे से इस महोत्सव का आयोजन कराएंगी।
उनकी इस घोषणा के बाद सभा में उत्साह बढ़ गया और समर्थकों ने नारे लगाकर खुशी जताई। स्थानीय लोगों के लिए चुनार महोत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नगर की पहचान, सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने से जुड़ा विषय भी है। ऐसे में हर वर्ष महोत्सव कराने की घोषणा लोगों के बीच चर्चा का प्रमुख केंद्र बन गई।
कार्यक्रम में महिलाओं का उत्साह भी देखते ही बन रहा था। सैकड़ों महिलाएं फूल-मालाएं लेकर दिव्या मित्तल के पास पहुंचीं और उन्हें मालाओं से स्वागत किया। दिव्या मित्तल ने भी महिलाओं से आत्मीयता से मुलाकात की और कई महिलाओं को गले लगाकर उनका अभिवादन स्वीकार किया। इसी दौरान शिला देवी नाम की महिला को देखकर उन्होंने उसे माला पहनाई और गले लगा लिया। अपने बीच उन्हें पाकर महिलाएं प्रसन्न नजर आईं।
सभा समाप्त होने के बाद दिव्या मित्तल ने चुनार के सर्राफा बाजार, चौक और अन्य मोहल्लों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने लोगों से समर्थन और सहयोग मांगा। उनके साथ समर्थकों की भीड़ चलती रही और जगह-जगह नारेबाजी होती रही। पूरे कार्यक्रम के दौरान स्वागत, जनसंपर्क और चुनार महोत्सव को लेकर की गई घोषणा चर्चा में रही।
कार्यक्रम में डॉ. एसपी श्रीवास्तव, अवकाश प्राप्त शिक्षक अखिलेश पांडेय, प्राध्यापक दीप नारायण, दीपक सिंह, सत्येंद्र साहू, सभाजीत सिंह, अफसर अली, बच्चा सिंह, अनिल गुप्ता, लव श्रीवास्तव, श्यामजी निषाद, अशोक साहनी, पप्पू साहनी और रामबाबू साहनी समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
अब लोगों की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि हर साल चुनार महोत्सव कराने की घोषणा को किस तरह अमलीजामा पहनाया जाता है। फिलहाल, दिव्या मित्तल के दौरे और महोत्सव को लेकर किए गए वादे ने चुनार में नई चर्चा छेड़ दी है।


राष्ट्रहित बेबाक, निर्भीक, निष्पक्ष।