बिहार MLC चुनाव: कड़ी सुरक्षा में सील हुआ स्ट्रांग रूम, 27 अक्टूबर को खुलेगा प्रत्याशियों की किस्मत का पिटारा!


पटना (✍️ राष्ट्र की परम्परा डेस्क) बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए मतदान संपन्न होने के बाद अब सभी की निगाहें मतगणना पर टिक गई हैं। शुक्रवार को चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में वोटिंग पूरी होने के बाद मतदान केंद्रों से बैलेट बॉक्स को कड़ी सुरक्षा के बीच पटना के बांकीपुर गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल स्थित वज्रगृह में पहुंचाया गया। देर रात तक नवादा, नालंदा और पटना समेत संबंधित क्षेत्रों से मतपेटियां जमा कराई गईं। इसके बाद प्रशासन की निगरानी में उन्हें सील कर दिया गया। अब 27 अक्टूबर को मतगणना के साथ प्रत्याशियों की राजनीतिक किस्मत का फैसला होगा। जिलाधिकारी कुंदन कुमार और एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा की सीधी निगरानी में पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई। मतपेटियों को त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया है, जहां पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती के साथ सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था की गई है। प्रशासन का जोर मतगणना तक मतपेटियों की सुरक्षा और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने पर है। शिक्षक मतदाताओं ने दिखाया ज्यादा उत्साह बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए मतदान के दौरान शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं की भागीदारी स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की तुलना में अधिक रही। शाम चार बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, शिक्षक सीटों पर 74.55 प्रतिशत और स्नातक सीटों पर 43.87 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। दोनों श्रेणियों को मिलाकर औसत मतदान करीब 59.21 प्रतिशत बैठता है। मतदान के आंकड़े बताते हैं कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं ने अपेक्षाकृत अधिक सक्रियता दिखाई, जबकि स्नातक सीटों पर मतदान का प्रतिशत कम रहा। चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की इन सीटों पर कुल 150 प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटियों में बंद हो गई है। मतदान समाप्त, कतार में लगे मतदाताओं को मिला मौका मतदान का निर्धारित समय समाप्त होने के बाद केवल उन्हीं मतदाताओं को वोट डालने की अनुमति दी गई, जो समय रहते मतदान केंद्रों पर कतार में लग चुके थे। निर्धारित समय के बाद पहुंचने वाले लोगों को मतदान का अवसर नहीं मिला। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतपेटियों को सुरक्षित वज्रगृह तक पहुंचाने और सील करने की कार्रवाई की गई। अब 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना पर राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों और समर्थकों की नजरें टिकी हैं। नतीजे सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि किस निर्वाचन क्षेत्र में किस प्रत्याशी को विधान परिषद तक पहुंचने का मौका मिलता है। छह गाड़ियों का काफिला लेकर बूथ पर पहुंचे नवल किशोर यादव मतदान के दौरान प्रत्याशी नवल किशोर यादव भी अपने काफिले के साथ बूथ निरीक्षण के लिए पहुंचे। उनके साथ छह गाड़ियों का काफिला और कई बाउंसर्स मौजूद थे। मतदान केंद्र पर कुछ देर रुककर उन्होंने वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली और फिर रवाना हो गए। उनके काफिले की मौजूदगी भी मतदान के दौरान चर्चा का विषय बनी रही। बेसिकॉन-2026 में जुटे बिहार के सर्जन, लाइव सर्जरी से मिला प्रशिक्षण इधर, पटना के शास्त्रीनगर स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम में चिकित्सा जगत का बड़ा आयोजन हुआ। एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया के 45वें वार्षिक अधिवेशन बेसिकॉन-2026 में बिहार के 32 जिलों से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों और 150 पीजी छात्रों ने भाग लिया। अधिवेशन के दौरान आईजीआईएमएस के ऑपरेशन थिएटर से जटिल ऑपरेशनों का लाइव प्रसारण किया गया। वरिष्ठ चिकित्सकों ने ई-टीईपी और रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से हर्निया, गॉल ब्लैडर और अपेंडिक्स से संबंधित बीमारियों के उपचार की जानकारी दी। इस व्यावहारिक प्रशिक्षण का उद्देश्य चिकित्सकों को आधुनिक शल्य चिकित्सा तकनीकों से अवगत कराना और मरीजों के उपचार की गुणवत्ता बेहतर बनाने में मदद करना रहा। अब 27 अक्टूबर पर टिकी निगाहें बिहार विधान परिषद चुनाव का मतदान पूरा होने के साथ ही सियासी मुकाबले का अगला और निर्णायक चरण शुरू हो गया है। स्ट्रांग रूम की कड़ी सुरक्षा के बीच प्रत्याशियों और उनके समर्थकों को अब मतगणना का इंतजार है। 27 अक्टूबर को आने वाले नतीजे बताएंगे कि मतदाताओं ने किसके पक्ष में अपना भरोसा जताया है।