जवाहर नवोदय विद्यालय के विद्यार्थियों को स्टार्टअप, पेटेंट और प्रोटोटाइप विकास की दी गई जानकारी

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) ने अपने गोद लिए पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, पिपरसंड में विद्यार्थियों को नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित कीं। डेवलपिंग इनोवेशन कल्चर एंड एंटरप्रेन्योरशिप (DICE) कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को नए विचारों को विकसित करने, उन्हें व्यावहारिक स्वरूप देने और उद्यम स्थापित करने की प्रक्रिया से परिचित कराया गया।
विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल और सेंटर फॉर इनोवेशन, इनक्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (CIIE) की ओर से आयोजित कार्यक्रम में इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के अध्यक्ष प्रो. नवीन कुमार अरोड़ा, प्रो. सुफिया अहमद, नवकल्पना की इन्क्यूबेटर मैनेजर डॉ. मधुलिका और विद्यालय की प्रधानाचार्या सुमन कटियार सहित शिक्षक मौजूद रहे।
प्रो. नवीन कुमार अरोड़ा ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मक सोच और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों पर नवाचारी विचार प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इनमें से उत्कृष्ट विचारों का चयन कर विद्यार्थियों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
प्रो. सुफिया अहमद ने बौद्धिक संपदा अधिकारों की जानकारी देते हुए पेटेंट और कॉपीराइट के बीच अंतर समझाया। उन्होंने बताया कि पेटेंट नए आविष्कारों को कानूनी संरक्षण प्रदान करता है, जबकि कॉपीराइट साहित्यिक, कलात्मक और अन्य रचनात्मक कार्यों के अधिकारों की रक्षा करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने विचारों और रचनाओं के संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी।
डॉ. मधुलिका ने स्टार्टअप की स्थापना, पंजीकरण, आवश्यक दस्तावेजों और निर्धारित प्रक्रियाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नवाचारी विचार को सफल उद्यम में बदलने के लिए उचित योजना और प्रक्रियाओं की समझ जरूरी है।
कार्यक्रम में उद्यमिता कौशल विकास, फील्ड विजिट, प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट, प्रोटोटाइप निर्माण, बिजनेस मॉडल तैयार करने और स्टार्टअप सहायता तंत्र से जुड़े सत्र आयोजित किए गए। विद्यार्थियों को अपने विचारों के प्रदर्शन के लिए डेमो डे तथा स्कूल इनोवेशन प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।
इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्कूली स्तर से ही नवाचार और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ना तथा उन्हें भविष्य में अपने विचारों को उपयोगी उत्पादों और उद्यमों में बदलने के लिए तैयार करना है।