सांकेतिक तस्वीर AI निर्मित

बिजनौर (✍️ राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में शुक्रवार देर रात शहीद एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में अचानक धुआं उठने से यात्रियों में हड़कंप मच गया। नगीना रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन के S-6 कोच से धुआं निकलता देख यात्रियों में दहशत फैल गई। देखते ही देखते कोच में धुआं भरने लगा और लोग अपनी जान बचाने के लिए परेशान हो उठे। ट्रेन रुकते ही करीब 80 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। राहत की बात यह रही कि किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है, हालांकि कुछ यात्रियों के बैग आग की चपेट में आकर जल गए। जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात लक्सर से मुरादाबाद की ओर जा रही शहीद एक्सप्रेस के S-6 स्लीपर कोच में अचानक धुआं उठने लगा। घटना नगीना रेलवे स्टेशन के पास हुई। कोच में धुआं फैलते ही यात्रियों के बीच अफरातफरी मच गई। किसी को अपने सामान की चिंता सताने लगी तो कोई सुरक्षित बाहर निकलने की कोशिश करने लगा। ट्रेन रुकने के बाद यात्रियों को कोच से बाहर निकाला गया और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू किए गए। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारी और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। आग पर काबू पाने के बाद कोच की बिजली आपूर्ति और तारों की जांच की गई। आवश्यक मरम्मत और सुरक्षा जांच के बाद ट्रेन को आगे रवाना करने की अनुमति दी गई। इस घटना के चलते करीब आधे घंटे तक रेल संचालन प्रभावित रहा। स्थिति सामान्य होने के बाद यात्रियों को दोबारा कोच में बैठाया गया और ट्रेन को मुरादाबाद की ओर रवाना कर दिया गया। प्रारंभिक जानकारी में कोच के चार्जिंग सॉकेट के पास शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारण की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नगीना जीआरपी प्रभारी राहुल यादव ने बताया कि घटना के बाद यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। कुछ यात्रियों के बैग जलने से सामान का नुकसान हुआ है। रेलवे सुरक्षा के लिहाज से यह घटना एक बार फिर अहम सवाल खड़े करती है कि चलती ट्रेन के कोच में बिजली के उपकरणों और चार्जिंग सॉकेट की निगरानी कितनी जरूरी है। फिलहाल, आग लगने के सही कारण का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों की जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।
डिस्क्लेमर: आग लगने के कारण को लेकर शॉर्ट सर्किट की आशंका शुरुआती जानकारी पर आधारित है। इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

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