
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। मानसून की विदाई के बाद उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक 5 से 10 अक्टूबर के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। पूर्वी और पश्चिमी यूपी के अलग-अलग जिलों में मौसम का असर अलग-अलग दिनों में दिखाई देने की संभावना है।
मौसम में यह बदलाव निचले ट्रोपोस्फेरिक स्तर पर बनी मौसमी परिस्थितियों के कारण माना जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वी बांग्लादेश तक ट्रफ रेखा सक्रिय है। इसके साथ ही एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा है। इन प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में बादल बनने और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 5 से 10 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश की संभावना है। इस दौरान बादल छाने के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने जैसी स्थिति बन सकती है। 6 से 8 अक्टूबर के बीच कुछ इलाकों में आंधी-तूफान के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है। हवाओं की रफ्तार करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 6 से 10 अक्टूबर के बीच मौसम में बदलाव के संकेत हैं। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है, जबकि 6 से 9 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। बारिश और बादलों के कारण तापमान में कुछ गिरावट आने की संभावना है, जिससे गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है।
बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों पर अनावश्यक जाने से बचने और आंधी के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों तथा कमजोर ढांचों से दूर रहने की सलाह दी गई है। बिजली चमकने के समय विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।
किसानों के लिए भी यह मौसम महत्वपूर्ण है। कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने और खेतों में जलभराव रोकने के लिए पानी की निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। मौसम तेजी से बदलने की स्थिति में स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा।
