लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। इसी बीच 403 विधानसभा सीटों को लेकर सामने आए Matrize के ताजा ओपिनियन पोल ने चुनावी चर्चाओं को और तेज कर दिया है। सर्वे के मुताबिक बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA को 245 से 265 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि INDIA गठबंधन के खाते में 135 से 155 सीटें आने की संभावना जताई गई है।
हालांकि, इन आंकड़ों को फिलहाल चुनावी नतीजे के तौर पर देखना उचित नहीं होगा। यह एक ओपिनियन पोल का अनुमान है और चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण कई बार बदल सकते हैं। उम्मीदवारों का चयन, गठबंधन की स्थिति, स्थानीय मुद्दे, चुनावी अभियान और मतदाताओं के रुख का अंतिम परिणाम पर बड़ा असर पड़ सकता है।
Matrize के सर्वे में NDA को करीब 44 प्रतिशत वोट शेयर मिलने का अनुमान लगाया गया है, जबकि INDIA गठबंधन के लिए लगभग 38 प्रतिशत वोट शेयर का आकलन किया गया है। BSP को करीब 8 प्रतिशत और अन्य दलों को लगभग 10 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान बताया गया है। यानी अनुमानित वोट शेयर में NDA और INDIA गठबंधन के बीच करीब 6 प्रतिशत का अंतर दिखाई देता है।
क्षेत्रवार आंकड़ों की बात करें तो पूर्वांचल की करीब 136 विधानसभा सीटों में NDA को लगभग 80 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है, जबकि INDIA गठबंधन को करीब 47 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। पूर्वांचल में दोनों प्रमुख गठबंधनों के अनुमानित वोट शेयर के बीच अंतर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तुलना में अपेक्षाकृत कम बताया गया है, जिससे यह इलाका चुनावी दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बन जाता है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 136 विधानसभा सीटों के लिए भी सर्वे में NDA को बढ़त मिलने का अनुमान है। यहां NDA के खाते में करीब 93 सीटें और INDIA गठबंधन को लगभग 43 सीटें मिलने का अनुमान सामने आया है। क्षेत्रवार सीटों के इस अनुमान में दोनों गठबंधनों के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है।
अवध क्षेत्र की 118 विधानसभा सीटों में NDA को करीब 76 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है, जबकि INDIA गठबंधन के खाते में लगभग 41 सीटें आने की संभावना बताई गई है। वहीं बुंदेलखंड की 19 सीटों में NDA को 17 और INDIA गठबंधन को सिर्फ 2 सीटों का अनुमान दिया गया है। क्षेत्रवार आंकड़े बताते हैं कि सर्वे में बीजेपी नेतृत्व वाले गठबंधन को अधिकांश क्षेत्रों में बढ़त दिखाई गई है।
इस बीच 2027 के चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे की चर्चा भी लगातार राजनीतिक सुर्खियों में है। दोनों दलों के बीच सीटों को लेकर सहमति, गठबंधन का स्वरूप और चुनावी रणनीति आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण मुद्दे हो सकते हैं। अखिलेश यादव की ओर से पार्टी नेताओं को सीट बंटवारे से जुड़ी चिंताओं को संगठन के भीतर रखने की सलाह दिए जाने की चर्चा है, वहीं कांग्रेस की ओर से भी सम्मानजनक सीट हिस्सेदारी की अपेक्षा जताई जाती रही है।
ऐसे में एक तरफ Matrize का सर्वे NDA को स्पष्ट बढ़त का अनुमान दे रहा है, तो दूसरी तरफ विपक्षी गठबंधन अपनी रणनीति, संगठन और सीटों के समीकरण को मजबूत करने में जुटा है। 2027 का चुनाव अभी दूर है और आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम भी घोषित नहीं हुआ है। इसलिए मौजूदा सर्वे को केवल वर्तमान राजनीतिक माहौल का संकेत माना जा सकता है। आने वाले महीनों में गठबंधन, प्रत्याशी, मुद्दे और मतदाताओं की प्राथमिकताएं बदलने के साथ सीटों का यह अनुमान भी बदल सकता है।