देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। मतदाता सूची और नागरिकों के मताधिकार से जुड़े मुद्दों को लेकर सोमवार को देवरिया में विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन पर मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित करने और भारतीय जनता पार्टी को कथित रूप से लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया। हालांकि, ये आरोप प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता कचहरी चौराहे पर एकत्र हुए और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा की मांग को लेकर नारेबाजी की। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के प्रतीकात्मक पुतले का दहन किया।
प्रदर्शन में अखिलेश सिंह, पुरुषोत्तम सिंह,सुयश मणि,राघवेंद्र सिंह मुकुंद मणि ,रोशन मल्ल, जयदीप तिवारी, नागेंद्र शुक्ला, ऋषिकेश मिश्र, हरिहर त्रिपाठी, भरत मणि,सुहेल, एपी खान, और जितेंद्र आदि समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मतदाता सूची से किसी भी पात्र नागरिक का नाम हटना लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया में निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित किए जाने की मांग उठाई।
गौरतलब है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस चल रही है। हाल के दिनों में निर्वाचन आयोग ने SIR प्रक्रिया और उससे जुड़े निर्णयों को लेकर स्पष्टीकरण भी जारी किया है। आयोग ने कहा है कि मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत संचालित की जा रही है।
देवरिया में हुए इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मतदाता अधिकारों से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाते हुए निर्वाचन प्रक्रिया में आम नागरिकों का विश्वास बनाए रखने पर जोर दिया।