
बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। मिहींपुरवा के सुजौली थाना क्षेत्र के कैलाशपुरी निवासी करिश्मा की प्रसव के बाद इलाज के दौरान मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को मिहींपुरवा स्थित न्यू इंडिया हॉस्पिटल को सील कर दिया। पीड़ित परिवार की तहरीर और प्रार्थना पत्र के आधार पर हुई जांच के बाद यह कार्रवाई की गई। हालांकि, महिला की मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
बताया गया कि प्रसव पीड़ा होने पर करिश्मा को न्यू इंडिया हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार जांच के दौरान उसका हीमोग्लोबिन करीब 7.7 ग्राम पाया गया था। अस्पताल में ऑपरेशन के बाद उसने बच्ची को जन्म दिया। प्रसव के बाद तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे उपचार के लिए पहले बहराइच और फिर लखनऊ लेकर गए, जहां मंगलवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
महिला की मौत के बाद परिजन शव लेकर न्यू इंडिया हॉस्पिटल पहुंचे और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने अस्पताल में उपचार और ऑपरेशन को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं, ऑपरेशन से संबंधित अनुमति और अन्य चिकित्सकीय व प्रशासनिक बिंदुओं की पड़ताल की गई। इसके बाद बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने न्यू इंडिया हॉस्पिटल को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान नोडल अधिकारी डॉ. थानेदार और सीएचसी अधीक्षक महेश कुमार विश्वकर्मा मौजूद रहे।
पहले भी दो बार सील होने का स्थानीय लोगों का दावा
स्थानीय लोगों का कहना है कि न्यू इंडिया हॉस्पिटल के खिलाफ इससे पहले भी दो बार सील की कार्रवाई हो चुकी है। उनका दावा है कि दोनों बार कुछ समय बाद अस्पताल दोबारा संचालित होने लगा। हालांकि, पूर्व में हुई कार्रवाई और अस्पताल के दोबारा खुलने की परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार अस्पताल तीसरी बार सील किया गया है और अब स्वास्थ्य विभाग की अगली कार्रवाई पर नजर है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मामले की जांच अभी जारी है। महिला की मौत के कारणों और अस्पताल की भूमिका को लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
