12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, मऊ में अधिकाधिक मामलों के निस्तारण की तैयारी

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर 12 सितंबर 2026 को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मऊ संजय कुमार यादव के मार्गदर्शन में प्री-ट्रायल बैठक आयोजित की गई।

बैठक की अध्यक्षता अपर जनपद न्यायाधीश प्रथम एवं राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी बाकर समीम रिजवी ने की। इसमें विभिन्न बैंकों, वित्तीय एवं फाइनेंस कंपनियों के अधिकारियों के साथ संबंधित विभागों के अधिकारी और प्रतिनिधि शामिल हुए।

बैठक में राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान अधिकाधिक प्रकरणों के निस्तारण को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। खास तौर पर बैंकों और वित्तीय संस्थाओं के प्री-लिटिगेशन मामलों, नगर पालिका से जुड़े वादों तथा पंचायती राज विभाग से संबंधित मामलों को चिन्हित कर आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित करने पर जोर दिया गया।

नोडल अधिकारी बाकर समीम रिजवी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक प्री-लिटिगेशन प्रकरणों की पहचान कर संबंधित पक्षकारों को समय से सूचना उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि पक्षकारों के बीच आपसी सहमति और समझौते की संभावनाओं का अधिकतम उपयोग करते हुए मामलों का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आमजन को सरल, सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम है। इसमें विवादों का समाधान पक्षकारों की आपसी सहमति से सौहार्दपूर्ण वातावरण में कराया जाता है। इसलिए सभी संबंधित विभागों, बैंकों और वित्तीय संस्थाओं को आपसी समन्वय के साथ अधिकाधिक मामलों के निस्तारण के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

बैठक में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मऊ सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने भी अधिकारियों से 12 सितंबर को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए आवश्यक कार्रवाई समय से पूरी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अधिकाधिक मामलों के निस्तारण से आम लोगों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत मिलेगी और उनके समय व धन की बचत होगी।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने संबंधित विभागों और वित्तीय संस्थाओं से अपील की है कि वे पात्र प्रकरणों को चिन्हित कर राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण के लिए प्रस्तुत करें, ताकि अधिक से अधिक लोगों को त्वरित न्याय का लाभ मिल सके।