
नारायणी नदी के तट पर गूंजेगा विज्ञान का दम! IN-SPACe रॉकेट्री कप में कैनसैट की होगी लॉन्चिंग, डॉ. पवन गोयनका की मौजूदगी पर टिकी निगाहें
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। पूर्वांचल की धरती पर रविवार को विज्ञान, तकनीक और नवाचार का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। कुशीनगर जिले के पिपराघाट जंगली पट्टी में नारायणी नदी के तट पर इन-स्पेस नारायणी रॉकेट्री कप 2026 के तहत कैनसैट लॉन्चिंग कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ होगा। इस आयोजन में देश के प्रख्यात वैज्ञानिक और इन-स्पेस के अध्यक्ष डॉ. पवन गोयनका की मौजूदगी इसे खास बनाएगी। देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे युवा वैज्ञानिक अपने बनाए कैनसैट मॉडल के जरिए अपनी तकनीकी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि युवा प्रतिभाएं अपने प्रयोगों के जरिए विज्ञान की दुनिया में कैसी छाप छोड़ती हैं।
नारायणी तट बनेगा युवा वैज्ञानिकों की प्रतिभा का मंच यह आयोजन महज एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि उन विद्यार्थियों के लिए अपनी कल्पनाओं को प्रयोग में बदलने का अवसर है, जो अंतरिक्ष विज्ञान और उपग्रह तकनीक की दुनिया में आगे बढ़ने का सपना देखते हैं। विद्यार्थियों ने अपने कैनसैट तैयार करने में तकनीकी समझ, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार का सहारा लिया है। अब लॉन्चिंग के दौरान इन मॉडलों की कार्यप्रणाली को वास्तविक परिस्थितियों में परखने का अवसर मिलेगा। छोटे कैनसैट में बड़े वैज्ञानिक प्रयोग कैनसैट आकार में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके माध्यम से विद्यार्थियों को उपग्रह तकनीक की बारीकियों को समझने का व्यावहारिक मौका मिलता है। सेंसर के इस्तेमाल, डेटा संग्रह, संचार और तकनीकी प्रणालियों के संचालन जैसी प्रक्रियाओं से विद्यार्थी रूबरू होंगे। प्रयोग के दौरान प्राप्त अनुभव उन्हें यह समझने में मदद करेगा कि किसी तकनीकी मॉडल को तैयार करने के बाद उसकी कार्यक्षमता की जांच करना कितना महत्वपूर्ण है। इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को किताबों में पढ़े विज्ञान को प्रयोगशाला से बाहर वास्तविक परिस्थितियों तक ले जाने के लिए प्रेरित करते हैं। साथ ही, टीमवर्क, समस्या समाधान और तकनीकी चुनौतियों से निपटने की क्षमता विकसित करने में भी मदद करते हैं। सांसद शशांक मणि ने परखी तैयारियां, युवा वैज्ञानिकों से किया संवाद कार्यक्रम की तैयारियों के बीच देवरिया के सांसद शशांक मणि ने आयोजन से जुड़े विभिन्न स्थलों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने लॉन्च पैड, द प्रेसिडेंट स्कूल और जगदीश पब्लिक स्कूल सहित अन्य स्थलों पर पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रतियोगिता में भाग ले रहे युवा वैज्ञानिकों से बातचीत की और उनके तैयार किए गए मॉडलों तथा तकनीकी प्रयोगों के बारे में जानकारी प्राप्त की। सांसद ने आयोजन से जुड़े वरिष्ठ वैज्ञानिकों से भी मुलाकात कर तैयारियों पर चर्चा की। उनके दौरे का प्रमुख उद्देश्य आयोजन से संबंधित व्यवस्थाओं को समझना और युवा प्रतिभाओं की वैज्ञानिक गतिविधियों से रूबरू होना रहा। अनुसंधान और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा इन-स्पेस नारायणी रॉकेट्री कप 2026 का उद्देश्य विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान, रॉकेट्री और उपग्रह तकनीक से जोड़ना तथा उनमें अनुसंधान, नवाचार और प्रयोगधर्मिता की भावना विकसित करना है। वरिष्ठ वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में आयोजित यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों को अपनी तकनीकी क्षमता प्रदर्शित करने और विज्ञान के क्षेत्र में भविष्य की संभावनाएं तलाशने का मंच प्रदान कर रही है। नारायणी नदी के तट पर होने वाला यह आयोजन पूर्वांचल के लिए भी विज्ञान और तकनीकी शिक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण अवसर है। अब रविवार की लॉन्चिंग पर सभी की नजरें रहेंगी, जहां युवा वैज्ञानिक अपने तैयार किए गए मॉडलों के माध्यम से अपनी मेहनत, कौशल और वैज्ञानिक सोच को सामने रखेंगे।
