सांकेतिक

पलामू (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। झारखंड के पलामू जिले में करमा पर्व के दौरान दो अलग-अलग नदी हादसों ने उत्सव की खुशियों को मातम में बदल दिया। बुधवार सुबह करम डाली और झुर विसर्जन के दौरान नदी में डूबने से छह लोगों की मौत हो गई। इनमें कोयल नदी में डूबे पांच बच्चे/युवक और पाटन क्षेत्र की एक 17 वर्षीय किशोरी शामिल है।
चैनपुर थाना क्षेत्र के पतरिया खुर्द गांव से सटे बोकया गांव के पास सुबह करीब छह बजे कोयल नदी में हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, गांव के बच्चे करमा पर्व के लिए करम डाली लेकर नदी में विसर्जन करने पहुंचे थे। इसी दौरान एक बच्चा गहरे पानी में चला गया। उसे बचाने के प्रयास में अन्य बच्चे भी नदी में उतर गए। नदी के तेज बहाव और गहराई के कारण एक के बाद एक कई बच्चे डूब गए।

विधायक मौके पर

हादसे की जानकारी मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में नदी तट पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। काफी प्रयास के बाद चार शव बरामद कर लिए गए, जबकि एक अन्य की तलाश जारी थी। सूचना पर चैनपुर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
घटना की सूचना मिलने पर डालटनगंज विधायक आलोक कुमार चौरसिया भी घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना जताई और प्रशासन से पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की।
पाटन में 17 वर्षीय किशोरी की डूबने से मौत
दूसरा हादसा पाटन थाना क्षेत्र के हिसरा बरवाडीह के नानी झरिया गांव में हुआ। यहां दिलीप पासवान की 17 वर्षीय बेटी सिंपी कुमारी करमा पर्व के बाद सहेलियों के साथ झुर विसर्जन के लिए गांव के समीप जिंजोई नदी गई थी।
विसर्जन के दौरान सिंपी गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। ग्रामीणों ने उसे बाहर निकाला और तत्काल मेदिनीनगर स्थित एमएमसीएच ले गए, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
किशोरी की मौत की खबर मिलते ही गांव में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पाटन पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। एमएमसीएच स्थित पुलिस चौकी की टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
करमा पर्व के मौके पर हुए इन हादसों से पलामू के प्रभावित गांवों में शोक का माहौल है।