Tag: Poem on Disaster

नदियाँ और उनका रौद्र रूप 

नदियाँ अपना रौद्र रूप धरती हैं, तो सिर्फ़ घर नहीं बहते- बह जाते हैं सपने भी, किसी माँ की उम्मीद, किसी पिता की प्रतीक्षा, बच्चों की आँखों में पलता कल…