नदियाँ और उनका रौद्र रूप
नदियाँ अपना रौद्र रूप धरती हैं, तो सिर्फ़ घर नहीं बहते- बह जाते हैं सपने भी, किसी माँ की उम्मीद, किसी पिता की प्रतीक्षा, बच्चों की आँखों में पलता कल…
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नदियाँ अपना रौद्र रूप धरती हैं, तो सिर्फ़ घर नहीं बहते- बह जाते हैं सपने भी, किसी माँ की उम्मीद, किसी पिता की प्रतीक्षा, बच्चों की आँखों में पलता कल…