सेवा से सत्ता तक का सफर: स्वार्थ के अखाड़े में बदलती राजनीति पर गंभीर सवाल
महाराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। कभी राजनीति को जनसेवा का सर्वोच्च माध्यम माना जाता था। स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में राजनीति त्याग, बलिदान, सिद्धांत और राष्ट्रहित का पर्याय थी। उस समय…
