चंदेल मायका, गोंड ससुराल—दुर्गावती हमारी ढाल
रानी दुर्गावती के शौर्य, स्वाभिमान और मातृभूमि के लिए बलिदान को समर्पित वीर रस की कविता हाँ, वह चंदेलों की बेटी थी, गोंडों की बनी थी बहू,माटी की आन बचाने…
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रानी दुर्गावती के शौर्य, स्वाभिमान और मातृभूमि के लिए बलिदान को समर्पित वीर रस की कविता हाँ, वह चंदेलों की बेटी थी, गोंडों की बनी थी बहू,माटी की आन बचाने…