Tag: नागरिक अधिकार

सुशासन बनाम दंडहीनता: विकसित भारत की असली चुनौती

विकसित भारत 2047 और सुशासन का संकटड्रेसकोड, पहचान पत्र और जवाबदेही की अनदेखी बनाम नागरिक-केन्द्रित शासन भारत आज वैश्विक स्तर पर एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। प्रधानमंत्री से लेकर…

मतदान से लोकतंत्र सशक्त, उदासीनता से कमजोर होती जनशक्ति

लेखक – कैलाश सिंह महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। लोकतंत्र में मतदान केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि वह सबसे सशक्त माध्यम है, जिसके जरिए जनता अपने भविष्य की दिशा तय…

जनता की पीड़ा पर सत्ता की चुप्पी — आखिर कब टूटेगी?

कैलाश सिंह महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। देश की राजनीति में वादों और भाषणों की गूंज तो खूब सुनाई देती है, लेकिन जनता की असल पीड़ा पर सत्ता की खामोशी गहरी होती…