जनता की पीड़ा पर सत्ता की चुप्पी — आखिर कब टूटेगी?
कैलाश सिंह महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। देश की राजनीति में वादों और भाषणों की गूंज तो खूब सुनाई देती है, लेकिन जनता की असल पीड़ा पर सत्ता की खामोशी गहरी होती…
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कैलाश सिंह महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। देश की राजनीति में वादों और भाषणों की गूंज तो खूब सुनाई देती है, लेकिन जनता की असल पीड़ा पर सत्ता की खामोशी गहरी होती…