
मिशन-2027 के लिए BJP का मेगा प्लान! अमित शाह की 18 मंडलों में रैलियां, PM मोदी भी भरेंगे हुंकार; 23 हजार बूथों पर खास नजर
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की सियासी जंग अभी दूर है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चुनावी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। पार्टी की रणनीति साफ है—एक तरफ बड़े नेताओं की रैलियों से माहौल बनाना, तो दूसरी तरफ बूथ से लेकर परिवार तक संगठन की पकड़ मजबूत करना। चुनावी तैयारियों से जुड़ी चर्चाओं के मुताबिक, मिशन-2027 के तहत करीब 40 बड़ी रैलियों की योजना बनाई गई है। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की प्रदेश के सभी 18 मंडलों में जनसभाएं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की करीब 20 रैलियां कराने की तैयारी शामिल है।
18 मंडलों में अमित शाह की हुंकार, मोदी की 20 रैलियों पर नजर
भाजपा की प्रस्तावित रणनीति के तहत अमित शाह प्रदेश के सभी 18 मंडलों में जनसभाएं कर सकते हैं। इन कार्यक्रमों में संबंधित मंडल के विभिन्न जिलों और विधानसभा क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं तथा समर्थकों को जुटाने की तैयारी है। इन सभाओं के जरिए पार्टी संगठन को सक्रिय करने, सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने और चुनावी माहौल तैयार करने पर जोर देगी। शाह की मंडलवार रैलियां दीपावली के बाद शुरू होने की संभावना जताई गई है। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की करीब 20 रैलियां कराने की योजना है। हालांकि, इन कार्यक्रमों की अंतिम तारीखों और स्थानों की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी। यदि प्रस्तावित कार्यक्रम तय योजना के मुताबिक आगे बढ़ते हैं, तो चुनाव से पहले प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भाजपा के बड़े नेताओं की मौजूदगी देखने को मिल सकती है।
23 हजार फोकस बूथों पर संगठन की परीक्षा
भाजपा की रणनीति केवल मंच, भाषण और भीड़ तक सीमित नहीं है। पार्टी का असली जोर उन बूथों पर है, जहां संगठन की स्थिति मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है। करीब 23 हजार फोकस बूथों पर संगठनात्मक स्थिति, स्थानीय जातीय समीकरण और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से जुड़ी जानकारी जुटाने की योजना है। जिला और विधानसभा स्तर पर समितियां बनाकर तैयारियों की निगरानी की जाएगी। पार्टी की योजना विधानसभा स्तर पर चुनाव संचालन समितियां गठित करने और कार्यकर्ताओं को नियमित जनसंपर्क में लगाने की भी है। राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े की ओर से प्रत्येक 50 परिवारों तक एक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी तय करने की बात कही गई है। इसका मकसद घर-घर संपर्क बढ़ाना और स्थानीय स्तर पर लोगों से संवाद बनाए रखना है।
महिला, युवा और नए मतदाताओं पर भी फोकस
भाजपा नवंबर और दिसंबर में संगठन को धार देने के लिए कई कार्यक्रम चलाने की तैयारी में है। प्रस्तावित कार्यक्रमों में महिला और युवा मोर्चा की सक्रिय भागीदारी के साथ नए मतदाताओं, किसानों तथा सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क बढ़ाने पर जोर रहेगा। प्रदेश के छह संगठनात्मक क्षेत्रों में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत 3 से 5 नवंबर तक पदयात्राएं प्रस्तावित हैं। प्रत्येक पदयात्रा में कम से कम 25 हजार कार्यकर्ताओं की भागीदारी का लक्ष्य बताया गया है। इन कार्यक्रमों के जरिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और संगठन की पहुंच बढ़ाने की कोशिश होगी।
रैलियों से लेकर घर-घर संपर्क तक, भाजपा की दोहरी रणनीति
मिशन-2027 में भाजपा बड़े नेताओं की लोकप्रियता और संगठन के जमीनी नेटवर्क, दोनों का इस्तेमाल करने की तैयारी में है। एक ओर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की प्रस्तावित रैलियों से चुनावी संदेश देने की योजना है, तो दूसरी ओर बूथ प्रबंधन, मतदाता सूची के सत्यापन और परिवार स्तर पर संपर्क को अहम माना जा रहा है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि प्रस्तावित रैलियों का कार्यक्रम कब घोषित होता है और संगठन की तैयारियां जमीन पर कितना असर दिखाती हैं। फिलहाल भाजपा की रणनीति से साफ है कि पार्टी विधानसभा चुनाव से पहले अपनी चुनावी मशीनरी को समय रहते सक्रिय करने में जुटी है।
