हर अंत की एक नई शुरुआत होती है,
इतना क्यों सोचना जीवन के बारे में,
ज़िंदगी देने वाले ने भी तो कुछ सोच
रखा होगा नादान इंसान हमारे बारे में।
मेहनत करके उसका फल मिलता है,
मेहनत से समस्या का हल मिलता है,
देर से ही सही, सदकर्मों का फल व
प्रभूकृपा से सदा हर कष्ट दूर होता है।
थोड़ी सी दवा खाकर गम्भीर रोग से
हर रोगी अक्सर निरोगी हो जाता है,
हृदय से ईश्वर पर आस्था रखकर,
विनती से हर दुःख दूर हो जाता है।
ईश्वर को अपना मानो तो वह अपना
और पराया मानो तो पराया होता है,
क्या फ़र्क़ है ईश्वर में और ख़ुदा में
मानो तो अपना न मानो तो पराया है।
हाँ, जो भावना से परे होता है वही
अक्सर जीवन भर पराया होता है,
दूर होकर भी हृदय में हो, अपना भी
वो और परमात्मा भी वही होता है।
कोई हमारी क्षमता पर संदेह करे तो
भी हम अपने कमतर कहाँ आंकते हैं,
स्वयं पर पूरा भरोसा रखना क्योंकि
लोग सोने को भी नहीं खरा मानते हैं।
दुनिया सोने की शुद्धता पर ही संदेह
करती है, लोहे को सभी शुद्ध मानते हैं,
आदित्य सच्चाई की राह चलते रहो
लोग तो चाँद पर भी दाग देखते हैं।
डा. कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’ ‘विद्यावाचस्पति’
बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक बन गया।…
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया शहर के मालवीय रोड ओवरब्रिज पर सोमवार को उस समय…
तेहरान/वॉशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा)। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर…
शामली (राष्ट्र की परम्परा)। हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड में शामली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई…
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया की पूर्व जिलाधिकारी और 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या…
बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। बरहज विधानसभा क्षेत्र के विकास, बदहाल मोहन सेतु, सोनूघाट से बरहज…