Category: लेख

सोशल मीडिया, हेट स्पीच और कानून : 2026 के ऐतिहासिक फैसले का बड़ा संदेश

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम हेट स्पीच : डिजिटल युग में कानून, लोकतंत्र और सामाजिक संतुलन का बड़ा सवाल डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ती नफरत भरी भाषा ने सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक…

उच्च शिक्षा में ‘मार्केट फॉर लेमन्स’: गुणवत्ता बनाम विस्तार की चुनौती

लेखिका: डॉ. प्रियंका सौरभ हरियाणा (राष्ट्र की परम्परा)। भारत में उच्च शिक्षा का तीव्र विस्तार अवसरों के साथ-साथ गंभीर चुनौतियाँ भी लेकर आया है। एक ओर विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और निजी…

अमेरिका-ईरान युद्ध विराम 2026: क्या मध्य पूर्व में युद्ध की आहट तेज हो रही है?

हॉर्मुज़ संकट और अमेरिकी सैन्य तैनाती: वैश्विक शांति पर बड़ा खतरा तीन अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर की मौजूदगी: शक्ति प्रदर्शन या युद्ध की तैयारी? अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम:…

स्त्री को देह से आगे देखने की आवश्यकता

समाज की प्रगति केवल इमारतों, तकनीक और आर्थिक विकास से नहीं मापी जाती, बल्कि इस बात से भी तय होती है कि वह अपने नागरिकों, विशेषकर महिलाओं, को किस दृष्टि…

“शहरी भारत का नया ब्लूप्रिंट: नीति आयोग की बड़ी पहल”

नीति आयोग की रिपोर्ट: शहरी भारत के भविष्य को नई दिशा देने वाली व्यापक रूपरेखा भारत तेजी से शहरीकरण के दौर से गुजर रहा है, जहां शहर अब केवल आवासीय…

निंदा छोड़ें, आत्मचिंतन अपनाएं: यही है श्रेष्ठता का मार्ग

गोंदिया, महाराष्ट्र।“न विना परवादेन रमते दुर्जनोजन:। काक: सर्वरसान भुक्ते विनामध्यम न तृप्यति।।“अर्थात् दुष्ट व्यक्ति बिना निंदा किए आनंद नहीं पाते, जैसे कौआ सभी रसों का सेवन करता है, परंतु गंदगी…

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: राजनीतिक उठा-पटक और आक्रामक प्रचार का संग्राम

पश्चिम बंगाल का चुनाव भारतीय लोकतंत्र का एक अत्यंत जीवंत, संवेदनशील और संघर्षपूर्ण अध्याय माना जाता है। यहाँ की राजनीतिक उठा-पटक, तीखा और आक्रामक प्रचार, वैचारिक टकराव तथा जमीनी गतिविधियाँ…

मन को हल्का बनाएं, अपेक्षाओं से दूरी बढ़ाएं

— नवनीत मिश्रमनुष्य का जीवन अपेक्षाओं के ताने-बाने से बुना हुआ है। हम हर दिन, हर संबंध और हर परिस्थिति से कुछ न कुछ उम्मीद रखते हैं। ये अपेक्षाएँ कभी…

जब पड़ोसी से पहले सोशल मीडिया देता है खबर

पड़ोस अब मोबाइल में: रिश्तों की बदलती तस्वीर लेखिका: सुनीता कुमारी, पूर्णियां (बिहार) आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। यह केवल…

महिला आरक्षण की आड़ में लोकतंत्र पर वार?

लेखक: राजेन्द्र शर्मा महिला आरक्षण का रास्ता साफ करने के नाम पर बुलाई गई संसद की तीन दिन की विशेष बैठक में जब सरकार की ओर से संविधान संशोधन समेत…

तीन तिगाड़ा काम बिगाड़ा नहीं, सफलता का आधार: सकारात्मक सोच की असली ताकत

गोंदिया। आधुनिक डिजिटल युग में जहां विज्ञान और तकनीक ने दुनिया को नई दिशा दी है, वहीं आज भी कुछ अंधविश्वास और गलत धारणाएं समाज में गहराई से जमी हुई…

ज़ेप्टो आईपीओ और भारत का रिटेल युद्ध: 10 मिनट डिलीवरी बनाम किराना अस्तित्व

भारत का खुदरा बाजार एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। एक ओर सदियों पुराना पारंपरिक किराना मॉडल है, जो सामाजिक और आर्थिक संरचना की रीढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर…

अमेरिका में बढ़ती मुस्लिम-विरोधी बयानबाजी: लोकतंत्र और सामाजिक सौहार्द के लिए खतरे की घंटी

लेखक: राजकुमार अग्रवाल संयुक्त राज्य अमेरिका में शुरुआती 2025 से रिपब्लिकन पार्टी के निर्वाचित अधिकारियों द्वारा मुस्लिम-विरोधी बयानबाजी में चिंताजनक और नाटकीय वृद्धि देखी गई है। सेंटर फॉर द स्टडी…

स्किल्ड वर्कफोर्स के दम पर भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़त

भारत की उभरती वैश्विक ताकत: लोकतंत्र, युवा जनसांख्यिकी और स्किल्ड वर्कफोर्स का अनोखा संगम गोंदिया (महाराष्ट्र)। भारत आज वैश्विक मंच पर केवल एक देश नहीं, बल्कि स्थिरता, अवसर और विकास…

तेल-डॉलर समीकरण बिगड़ा तो दुनिया में आर्थिक भूचाल तय

तेल-डॉलर समीकरण और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराता संकट — प्रभात पटनायक अमेरिका और इज़राइल की सैन्य कार्रवाई के जवाब में ईरान द्वारा होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने से वैश्विक तेल…