Category: लेख

समाज बनाम नशा: क्यों यह लड़ाई पुलिस नहीं, हर नागरिक की है

अदृश्य संकटों का महायुद्ध: बौद्धिक प्रदूषण और नशे के खिलाफ समाज की साझा जिम्मेदारी 21वीं सदी मानव सभ्यता को तकनीक, विज्ञान, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व ऊँचाइयों तक…

संसद की हलचल से बाजार में भूचाल: निवेशकों का भरोसा क्यों डगमगाया

संसद से सेंसेक्स तक: 16-17 अप्रैल 2026 के राजनीतिक झटके ने कैसे हिलाया बाजार का विश्वास भारत में शेयर बाजार को अक्सर केवल आर्थिक आंकड़ों और कॉर्पोरेट प्रदर्शन के आधार…

संसद में रणनीति बनाम लोकतंत्र: किसकी होगी जीत?

संसद का रण: महिला आरक्षण पर सियासी शतरंज, रूल 66 ने बदली बहस की दिशा भारत की संसद में 16 से 18 अप्रैल 2026 के विशेष सत्र के दौरान जो…

850 सीटों की लोकसभा: प्रतिनिधित्व बढ़ेगा या संतुलन बिगड़ेगा?

महिला आरक्षण से आगे बढ़ी बहस: परिसीमन के साथ जुड़ते ही ‘सत्ता संतुलन’ का राष्ट्रीय सवाल बना मुद्दा भारत की संसदीय राजनीति इस समय एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है,…

तेल, ताकत और टकराव: 2026 का सबसे बड़ा वैश्विक संकट

होर्मुज़ संकट 2026: अमेरिकी नाकेबंदी, चीनी चुनौती और बदलता वैश्विक शक्ति संतुलन पश्चिम एशिया में 15 अप्रैल 2026 को उत्पन्न घटनाक्रम ने वैश्विक राजनीति को एक बार फिर अस्थिरता के…

नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023: सशक्तिकरण या प्रॉक्सी राजनीति का नया खतरा?

नारी शक्ति कानून पर सवाल: क्या बढ़ेगा प्रॉक्सी कंट्रोल? विशेष संसद सत्र (16-18 अप्रैल 2026) के संदर्भ में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 एक बार फिर राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र…

मेष संक्रांति: नव ऊर्जा, नव आरंभ का पर्व

✍️ नवनीत मिश्र भारतीय संस्कृति में समय-चक्र को अत्यंत सूक्ष्मता और वैज्ञानिक दृष्टि से समझा गया है। इसी परंपरा में मेष संक्रांति एक महत्वपूर्ण खगोलीय और सांस्कृतिक पर्व है, जो…

विश्लेषण: शिक्षित युवाओं में बढ़ती बेरोज़गारी – एक गंभीर चुनौती

भारत में युवाओं की बड़ी आबादी को लंबे समय से “डेमोग्राफिक डिविडेंड” के रूप में देखा जाता रहा है, लेकिन मौजूदा हालात इस उम्मीद पर सवाल खड़े कर रहे हैं।…

महिला आरक्षण कानून: सशक्तिकरण या पर्दे के पीछे की राजनीति?

नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023: क्या बढ़ेगा वास्तविक नेतृत्व या सिर्फ़ संख्या? प्रॉक्सी राजनीति पर सख़्त कानून की ज़रूरत गोंदिया। भारत में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को सशक्त बनाने के…

विभाजन से विद्रोह तक: ऋत्विक घटक के सिनेमा पर गहन चर्चा

ऋत्विक घटक पर मंथन, दो महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन—मीरा रोड में सिनेमा और समाज पर गूंजती बहस लेखक: संजय भिसे / हृदयेश मयंक मुंबई, (राष्ट्र की परम्परा) जनवादी लेखक संघ…

भारत की सुरसम्राज्ञी आशा भोसले का अवसान: एक युग का अंत, एक अमर धरोहर की शुरुआत

“सुरों की रानी चली गईं: आशा भोसले के साथ खत्म हुआ एक स्वर्णिम युग” Rkpnews गोंदिया/मुंबई। भारतीय संगीत जगत के लिए 12 अप्रैल 2026 का दिन गहरे शोक और ऐतिहासिक…

ईरान-अमेरिका वार्ता: शांति की उम्मीद या टकराव की तैयारी?

इस्लामाबाद वार्ता 2026: शांति की पहल या वैश्विक रणनीति का नया शतरंज? गोंदिया/वैश्विक डेस्क। पश्चिम एशिया में हालिया 14 दिनों के युद्धविराम के बाद पूरी दुनिया की निगाहें 11 अप्रैल…

“जनगणना 2027: विकास, राजनीति और समाज का नया ब्लूप्रिंट”

भारत की जनगणना 2027: सुप्रीम कोर्ट की मुहर के साथ डेटा क्रांति की ओर बढ़ता देश, सामाजिक न्याय और नीतिगत बदलाव का नया अध्याय भारत में प्रस्तावित जनगणना 2027 केवल…

आस्था का बाज़ारीकरण: वीआईपी दर्शन बनाम आम श्रद्धालु, बराबरी पर बड़ा सवाल

आस्था या सुविधा? वीआईपी दर्शन पर उठते गंभीर सवाल भारत में धर्म और आस्था केवल व्यक्तिगत विश्वास नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन की मजबूत नींव हैं। मंदिर और तीर्थ…

“रेवती की बहादुरी और महिला आरक्षण: बदलते भारत की नई तस्वीर”

नारी शक्ति का उभार: हेड कांस्टेबल रेवती की बहादुरी और महिला आरक्षण की ऐतिहासिक पहल से बदलता भारत बदलते भारत में नारी शक्ति अब केवल एक भावनात्मक विचार नहीं, बल्कि…