गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने अपने दिव्यांग पूर्व छात्र सुनील कुमार को ट्राइसाइकिल प्रदान कर सामाजिक सरोकार और संवेदनशीलता का उदाहरण पेश किया। विश्वविद्यालय के डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर (डीएसडब्ल्यू) कार्यालय की ओर से आयोजित कार्यक्रम में यह सहायता उपलब्ध कराई गई।
सुनील कुमार ने वर्ष 2006 में विश्वविद्यालय से इतिहास विषय में परास्नातक की उपाधि प्राप्त की थी। वर्तमान में वे स्टेशनरी की छोटी दुकान संचालित कर आजीविका चला रहे हैं। चलने-फिरने में कठिनाई के कारण उन्हें प्रतिदिन आवागमन में परेशानी होती थी। इसे देखते हुए विश्वविद्यालय ने उन्हें ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों के समग्र कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल एक साधन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता, सम्मान और सामाजिक संवेदनशीलता को मजबूत करने का प्रयास है।
डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. अनुभूति दुबे ने कहा कि विश्वविद्यालय दिव्यांग विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों की आवश्यकताओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। भविष्य में भी जरूरतमंद विद्यार्थियों एवं पूर्व छात्रों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इस अवसर पर डीन साइंस प्रो. अजय सिंह, डॉ. मनीष पांडेय, डॉ. ओ.पी. सिंह, जितेंद्र बहादुर, संजय यादव, राम पलट सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने विश्वविद्यालय की इस पहल को सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरणादायी उदाहरण बताया।
