Category: लेख

संस्था निर्माता से जीवन मार्गदर्शक तक-डॉ. विजय गर्ग की यात्रा

भारत में शिक्षा की दुनिया आज आंकड़ों, प्रतिशतों और रैंकिंग की चकाचौंध में उलझती जा रही है। स्कूलों और कॉलेजों की गुणवत्ता का मूल्यांकन अब इस आधार पर किया जाता…

घुमक्कड़ी का दर्शन और ज्ञान का विराट संसार: राहुल सांकृत्यायन

नवनीत मिश्र “सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल, ज़िंदगानी फिर कहाँ… ज़िंदगी गर कुछ रही, तो ये जवानी फिर कहाँ॥”उक्त पंक्तियाँ केवल काव्य-सौंदर्य नहीं, बल्कि जीवन को खुली आँखों से देखने…

8 अप्रैल 2026 का ईरान-अमेरिका युद्धविराम: राहत की सांस या बड़े टकराव से पहले रणनीतिक विराम?

गोंदिया पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक सुर्खियों में है। 8 अप्रैल 2026 को Donald Trump द्वारा United States और Iran के बीच दो सप्ताह के अस्थायी युद्धविराम की घोषणा…

“6 साल बाद इंसाफ: सातानकुलम केस में 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा”

सातानकुलम कस्टोडियल डेथ केस: मदुरै कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, मानवाधिकारों की रक्षा में न्याय की निर्णायक जीत गोंदिया वैश्विक स्तर पर वर्ष 2020 में जब दुनिया कोविड-19 महामारी के अभूतपूर्व…

बाढ़ राहत में भ्रष्टाचार का भंडाफोड़: तहसील से तंत्र तक हिल गया सिस्टम

भ्रष्टाचार कोविड महामारी या कैंसर से भी अधिक खतरनाक बीमारी है, क्योंकि यह धीरे-धीरे पूरे तंत्र को अंदर से खोखला कर देता है गोंदिया – वैश्विक स्तरपर भारत जैसे विशाल…

डर से भरोसे तक: जन विश्वास कानून 2026 कैसे बदल रहा है भारत का कानूनी ढांचा

700+ प्रावधानों में बदलाव: जन विश्वास अधिनियम से व्यापार और नागरिकों को बड़ी राहत गोंदिया – वैश्विक स्तरपर भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण लोकतंत्र में न्याय प्रणाली की सबसे बड़ी…

एफसीआरए 2026: राष्ट्रीय सुरक्षा की ढाल या लोकतांत्रिक स्वतंत्रता पर प्रहार?

फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल 2026: संप्रभुता, सिविल सोसाइटी और लोकतंत्र के बीच संतुलन का संघर्ष गोंदिया – वैश्विक स्तरपर भारत में विदेशी धन के प्रवाह और उसके उपयोग को…

“नैतिकता से कानून तक: माता-पिता की सेवा न करने पर सैलरी कटौती का नया सामाजिक संदेश”

पिता की देखभाल न करने पर वेतन से 15 प्रतिशत त्वरित कटौती: सामाजिक न्याय,नैतिक जिम्मेदारी और कानून के बीच संतुलन काबिल-ए-तारीफ़ गोंदिया – वैश्विक स्तरपर आज का समाज अभूतपूर्व परिवर्तन…

“नागरिक देवो भव: सुशासन की नई परिभाषा और भ्रष्टाचार मुक्त भारत की राह”

नागरिक देवो भव:भ्रष्टाचार-मुक्त भारत की ओर एक निर्णायक यात्रा- आम नागरिक के लिए सरकार का मतलब संसद या मंत्रालय नहीं,उसका स्थानीय सरकारी तहसील कार्यालय, नगर निगम,पुलिस स्टेशन, सरकारी अस्पताल ही…

विकसित भारत 2047 के सपने पर भिक्षावृत्ति का साया: क्या योजनाओं की विफलता है असली वजह?

विस्तृत होता भिक्षावृत्ति क्षेत्र- क़्या भ्रष्टाचार, प्रशासनिक लापरवाही और जागरूकता की कमी के कारण सरकारी सहायता वास्तविक जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पाती? गोंदिया – वैश्विक स्तरपर भारत आज विकसित भारत…

टैलेंट की ताकत बनाम ताकत का टैलेंट

ऊर्जा, युद्ध और प्रतिष्ठा: वैश्विक राजनीति में शक्ति का बढ़ता वर्चस्व नोबेल शांति पुरस्कार: प्रतिष्ठा या राजनीति?-वैश्विक राजनीति,शक्ति- संतुलन और बदलती विश्व व्यवस्था और नेतृत्व की नई भाषा -समग्र विश्लेषण…

तेल से पानी तक जंग का विस्तार: ईरान-इज़रायल संघर्ष ने बदली युद्ध की परिभाषा

वैश्विक ऊर्जा इमरजेंसी-तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत में ही दुनियाँ पर पड़ा असर-जंग का बदलता चेहरा-नेताओं के दावों से जनता की पीड़ा तक गोंदिया – वैश्विक स्तरपर पश्चिम एशिया में…

निजी स्कूलों की महंगी फीस, बड़े दावे और हकीकत

चमकदार विज्ञापन बनाम वास्तविक परिणाम: निजी स्कूलों की पड़ताल (विज्ञापनों में सफलता की गारंटी, लेकिन परिणामों में सच्चाई—क्या अभिभावकों को मिल रहा है उनके पैसे का सही मूल्य?) – डॉ.…

पंडित गणेशशंकर विद्यार्थी: निर्भीक पत्रकारिता और मानवता के प्रहरी

नवनीत मिश्र भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में गणेशशंकर विद्यार्थी का नाम एक ऐसे जुझारू सेनानी के रूप में दर्ज है, जिन्होंने अपनी कलम से अंग्रेजी हुकूमत की नींव को…

धर्म परिवर्तन और एससी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: संवैधानिक संतुलन या सामाजिक विवाद?

सुप्रीम कोर्ट का फैसला केवल एक कानूनी व्याख्या नहीं, बल्कि भारतीय संविधान की मूल भावना,ऐतिहासिक अन्याय के प्रतिकार और आधुनिक सामाजिक संरचना के बीच संतुलन बनाने का प्रयास भी है…