राम नाम के महामंत्र से,
मन का कलुष मिटायेगा,
भवसागर से पार लगेगा,
तन मन निर्मल हो जायेगा।
राम नाम के……

यह तन जो अनमोल मिला है,
प्रभु की कृपा से पाया है,
माया मोह के महाजाल में,
यूँ ही क्यों भरमाया है।
राम नाम के …..

झूठ फ़रेब के अहंकार में,
ख़ुद को ही झुठलाया है,
राम कृपा तो तभी मिलेगी,
नाम के नीर नहाया है।
राम नाम के महामन्त्र से

प्रभू कृपा पायी शबरी ने
मीठे झूठे बेर खिला कर,
ऋषिपत्नी अहिल्या तरगई,
राम चरण की धुली पाकर।
राम नाम के….

गज, गीध, अजामिल औ गणिका
तरे भवसागर प्रभु शरण में जाकर,
आदित्य उबारौ सब जग को तारौ,
तारनहार मिटाओ दुःख के आगर।
राम नाम के महामन्त्र से,
मन का कलुष मिटायेगा,
भव सागर से पार लगेगा
तन मन निर्मल हो जायेगा॥

  • डॉ. कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’