Category: कविता

अंतर्राष्ट्रीय बेटी दिवस आज है

——XXXXX—— बेटियों, बहनों, माताओं सबकाअंतर्राष्ट्रीय बेटी दिवस आज है,मातृशक्ति वंदन क़ानून बना है,आप सभी को अनंत बधाईयाँ हैं। आधी आबादी को पचास प्रतिशतआरक्षण अधिकार मिलना चाहिये,जिसकी जितनी जनसंख्या, उसकोउतनी ही…

समय

कविता समय की चाल भीअनोखी हैयूं ही चलती रहती हैजब हो किसी काइंतजार,तो काटे नहीं कटती हैऔर हो अगर जल्दीतो सरपटदौड़ लगाती हैकहते हैंसमय से अच्छाकोई दोस्त नहीं होतागर करो…

मेरी कविता : सकारात्मक सोच

घड़ी की क़ीमत कितनी भी होसमय नहीं वश में कर पाती है,कितना भी शक्तिमान कोई होनियति न कभी वश में आती है। पद की महिमा से मिला मान,क्षण भंगुर सा…

कवि और समालोचक

हे कविवर, आपसे क्या कहूँ,आप कवि हृदय तो हैं ही,शब्दों के जादूगर और एक़अच्छे, सच्चे इंसान भी तो हैं। आप में मौजूद देशकाल, इतिहास,संस्कृति, समाज, राजनीति व,मानवता की प्रामाणिक ज्ञानप्राप्त…

वक्त का बदलता मिज़ाज है

इंसान को अक्ल और गलतियाँहमेशा डराने का काम करती हैं,अक्सर अपनी अक्ल और दूसरों कीगलती हमेशा ज्यादा ही दिखती हैं। स्वयं को संभालने के लिए मस्तिष्कका उपयोग करें, दूसरे को…

दो कविताएं

1- ज़रूरत है कुछ और बदलने की एक तो वैसे ही बेरोजगारी थी,कोरोना वाइरस ने और बढ़ा दी है,सरकारें बड़े भाव खा रही हैं,बड़े उद्योगपति मालामाल हो रहे हैं,युवक युवतियाँ…

सुधार लो जीवन धीरे धीरे

माया मोह से मन को हटा लो,सुधार लो जीवन धीरे धीरे। ज़िन्दगी बीत रही है पल पल,उम्र हमारी ढलती प्रतिपल,चौबीस घंटे धीरे धीरे,माया मोह से मन को हटा लो,सुधार लो…

क़यामत आने वाली है

कविता दुनिया वालों संभल जाओ,क़यामत आने वाली है,अपराधों से करो तौबा,मुसीबत बढ़ने वाली है। दुशवारियाँ करी पैदाजो औरों को सताओगे,पलट कर वार झेलोगे,ख़ुदा की मार खाओगे। डरो अंजामें क़ुदरत से,उसे…

हिंदी दिवस और राजभाषा हिंदी

अपनी प्यारी मातृभाषा हिंदी केआलिंगन से हम दूर चले आये हैं।इसके मूल रूप से बहकते हुये,अंग्रेज़ी के प्रभाव में भरमाये हैं । इतनी सुंदर देवनागरी लिपि कोछोड़ रोमन में लिखना…

मेरी रचना, मेरी कविता: मन काला तन श्वेत है

आँखों में पानी भरे जनता भूखी आज,सूखी है धरती, कहीं वर्षा लाई बाढ़,कोई चारा चर रहा बेंच रहा कोई खेत,डाकू घूमे हर शहर धर नेता का बेश। इंटरनेट भी कर…

मेरी रचना, मेरी कविता: क़र्म योग एवं आत्म-दर्शन

छिति, जल, पावक, गगन, समीर,पाँच तत्व मिल बना अग़म शरीर,सत, रज, तम गुण मानव तन के,मन रहता इनसे ही अति अधीर । गीता ज्ञान यही देता है, क़र्म योगकर देता…

धर्म और राजनीति

हे नेता जी यह बतला दो,मैं मतदाता हूँ तो पूँछ रहा,भूखे को रोटी मिल जाये,बहुत पुण्य का काम है यह।पर इसी क्षेत्र में आज हज़ारों,वोटर क्यों भूखे सो जाते हैं…

मेरी रचना, मेरी कविता: हाँ घर एक मंदिर होता है

हाँ घर एक मंदिर होता है,बड़े बुजुर्ग सब ये कहते हैं,घर की बुनियादें गहरी होती,पर दीवारें तो ऊँची होती हैं। हो वास्तु परक द्वार आँगन,दीवारों पर रोशन रंग रोगन,आग्नेय कोण…

हे कुञ्जबिहारी, है वंदना तुम्हारी

हे कुंजबिहारी, है वन्दना तुम्हारी,हे मन मोहन, हे बाँके बिहारी,हे गोवर्धनधर, हे भवभय हारी, मैं आया हूँ अब शरण तुम्हारी। हे कुंजबिहारी, हे कुंजबिहारी,है वंदना तुम्हारी। मोह माया में अटका…

मुस्कुराना बहुत लाभदायक होता है

कविता आशा की ज्योति जलाये रखने सेनिराशा और अंधकार मिट जाते हैं,प्रयास, अभ्यास निरंतर करते रहने से,सफलता, प्रसन्नता दोनो मिलते हैं। इंसान के जीवन में धैर्य व साहस,उसे सब कुछ…