चिड़िया रानी
सुबह-सुबह नन्ही चिड़िया,आँगन में जब आती है।फुदक-फुदक कर चूं-चू करती,मीठी लोरी रोज सुनाती है।। चिड़िया फुर्र फुर्र उड़ती है,चोंच से दाने चुगती है।बच्चों को है देती खाना,सबसे पहले उठ जाती…
निष्पक्ष खबर, सशक्त विचार
सुबह-सुबह नन्ही चिड़िया,आँगन में जब आती है।फुदक-फुदक कर चूं-चू करती,मीठी लोरी रोज सुनाती है।। चिड़िया फुर्र फुर्र उड़ती है,चोंच से दाने चुगती है।बच्चों को है देती खाना,सबसे पहले उठ जाती…
शब्द भी एक स्वादिष्ट भोजन होते हैं,अगर स्वयं को ही वह अच्छे ना लगे,तो दूसरों को भी उन्हें मत परोसिए,सदा सुखद शब्द ही उपयोग करिये। सपने जादू के बल पर…
आग इतनी लगी है यहाँ कि,इन्सान इन्सान से जलता है,पूजा तो भगवान की करता हूँ,क़त्ल सुंदर फूलों का होता है। जाता हूँ मंदिर में पुण्य कमाने,पर पाप करके ही तो…
कभी ख़ुशी की धूप,हक़ीक़त की छाया,कहीं ख़ुशी की आशा, दुःख की निराशा,कुछ खोकर पाना कुछ पाकर खोना,यही है जीवन की सच्ची परिभाषा। प्रेम से चुनौतियाँ भी जीती जाती हैं,क्योंकि प्रेम…
बलिया(राष्ट्र की परम्परा)रंगो का हमारे जीवन में बहुत महत्व होता है रंगों से हमारा जीवन सुंदर बनता है अर्थात यदि जीवन में रंग ना होते तो निश्चित रूप से हमारा…
कवि की कविता की सीमा है,वह जितनी कल्पना करता है,बस उतना ही तो कह पाता है,शेष सभीअनकहा रह जाता है। मन जब खोया खोया लगता है,तब तन भी मुरझाया सा…
मन बसत मेरो वृंदावन में,मन बसत मेरो वृंदावन में,रंग रंगीली होली आयी,सारे जग की ख़ुशियाँ लायी,रंग गुलाल अबीर फ़िज़ायें,फागुन की मदमस्त हवायें॥ होली आयी होली आयी,सरसों फूल बहारें लायी,राधा खोजें…
हर अंत की एक नई शुरुआत होती है,इतना क्यों सोचना जीवन के बारे में,ज़िंदगी देने वाले ने भी तो कुछ सोचरखा होगा नादान इंसान हमारे बारे में। मेहनत करके उसका…
केवल गोली, टेबलेट, कैप्सूल याइंजेक्शन ही औषधि नहीं होते हैं,रात में जल्दी सोना, ब्रह्ममुहूर्त मेंजल्दी उठना औषधि से होते हैं। रोज़ व्यायाम, ध्यान मनन करना,योग, प्राणायाम, उपवास करना,हँसना, हँसाना और…
क्या लेकर साथ आये थे हम,क्या लेकर साथ जायेंगे हम,पैसा पैसा पैसा करते हरदम,बताओ कितना कमायेंगे हम। जीवन में बड़ा आदमी बनने की नहीं,आदमी बनने की फ़िक्र होनी चाहिये,अपने आप…
सफलता की चाभी से ख़ुशी नहीं मिलती,परंतु ख़ुशियों की चाभी सफलता देती है,हम जो कुछ करते हैं, यदि दिल से करते हैं,तो ऐसे कार्य सफलता भी प्राप्त करते हैं। जो…
रमता जोगी, बहता पानी एक से,साधू – सन्यासी भी चलते फिरते,जीवन की रीति नदी के बहाव जैसेजिनको कभी भी रोक नहीं सकते। यदि जोगी सन्यासी के पैर थमे,तो ज्ञानगंगा का…
मैं कैसे कहूँ प्रभु कि मैं हूँ तुम्हारा,बिना बात की बात का है सहारा,दिन रात स्मरण करता हूँ तुम्हारा,दिन रात जपता हूँ नाम मैं तुम्हारा। शपथ की शपथ हूँ तुम्हें…
ज़िन्दगी का तराना कभी भीअपना स्वरूप बदल देता है,इसलिए हमें किसी तरह काअभिमान शोभा नहीं देता है। जब सफलता बुलंदियों परपहुँचा देती है, अच्छी बात है,उसके बाद गुनाह करना तो,इंसान…
सिया, राम- लक्ष्मण संग वन मेंचलते थक कर विश्राम कर रहे थे,वटवृक्ष तले शीतल छाया में बैठे,रघुबीर अगले पथ के चिंतन में थे। ललनायें कहतीं धन्य हुई हैं वे सब,सिया,…