कविता

सीप्ज की 51वीं वर्षगांठ पर भव्य रक्तदान शिविर संपन्न 2637 बोतल रक्त जमा

मुंबई(राष्ट्र की परम्परा)भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के सहयोग से विश्व प्रसिद्ध आभूषण केंद्र, सीप्ज-सेज, के 51वीं वर्षगांठ…

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अर्थ–अनर्थ

किसी का पद उसकी श्रेष्ठतानिश्चित नहीं कर सकता है,पर उसका आचार व्यवहार हीउसकी श्रेष्ठता तय करता है। प्रशंसा सभी को…

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रोज़ थोड़ी ज़िंदगी बेंची

ग़ैरों के ख़यालात की लेते हैं ख़बरखुद के गिरेबान में झांका नहीं जाता!बस्ती में ख़ूब सियासत की जाती है,उनकी आवाज़…

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विचारों पर नियंत्रण

अगर हमें यह साधारण सा एहसासहो जाय कि गुज़रा हुआ वक्त दुबाराफिर नहीं आता है तो हमारा आपकासारा भावी जीवन…

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जीवन का सत्कर्म पुण्य देता है

समय, सत्ता, संपत्ति और शरीरकभी हमारा साथ दें या नहीं दें,अच्छा स्वभाव, समझ, सत्संग,संबंध व सत्कर्म सदा साथ देते हैं।…

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नादानों से रिश्ता रखो

जो दिल से दूसरों का सम्मान करते हैं,वह अपने सम्मान का ख़याल रखते हैं,जो झुक कर किसी का मान करते…

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बुद्धम् शरणम् गच्छामि

बुद्धं शरणम् गच्छामि,मैं बुद्ध की शरण लेता हूँ,धम्मं शरणम् गच्छामि,मैं धर्म की शरण लेता हूँ,संघं शरणम् गच्छामि,मैं संघ की शरण…

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फ़िल्मों की संस्कारहीनता

क्या क्या दिखलाया जाता भोलीभाली भारतवर्ष की हमारी जनता को,हिंसा खुलेआम नंगापन, छल कपट,नीचा दिखलाना भाई का भाई को। जो…

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इंसान के गुन और गुनाह

इंसान के गुनों और गुनाहों दोनों कीही कीमत होती है, फ़र्क़ यह होता है,कि गुनों की कीमत तो मिलती है,गुनाह…

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दुनिया का दस्तूर

पिता तो साक्षात वट वृक्ष होते हैं,अंदर से नर्म प्रत्यक्ष सख़्त होते हैं,अब जब नहीं हैं वह इस संसार में,बस…

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