मुंबई(राष्ट्र की परम्परा)भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के सहयोग से विश्व प्रसिद्ध आभूषण केंद्र, सीप्ज-सेज, के 51वीं वर्षगांठ…
किसी का पद उसकी श्रेष्ठतानिश्चित नहीं कर सकता है,पर उसका आचार व्यवहार हीउसकी श्रेष्ठता तय करता है। प्रशंसा सभी को…
ग़ैरों के ख़यालात की लेते हैं ख़बरखुद के गिरेबान में झांका नहीं जाता!बस्ती में ख़ूब सियासत की जाती है,उनकी आवाज़…
अगर हमें यह साधारण सा एहसासहो जाय कि गुज़रा हुआ वक्त दुबाराफिर नहीं आता है तो हमारा आपकासारा भावी जीवन…
समय, सत्ता, संपत्ति और शरीरकभी हमारा साथ दें या नहीं दें,अच्छा स्वभाव, समझ, सत्संग,संबंध व सत्कर्म सदा साथ देते हैं।…
जो दिल से दूसरों का सम्मान करते हैं,वह अपने सम्मान का ख़याल रखते हैं,जो झुक कर किसी का मान करते…
बुद्धं शरणम् गच्छामि,मैं बुद्ध की शरण लेता हूँ,धम्मं शरणम् गच्छामि,मैं धर्म की शरण लेता हूँ,संघं शरणम् गच्छामि,मैं संघ की शरण…
क्या क्या दिखलाया जाता भोलीभाली भारतवर्ष की हमारी जनता को,हिंसा खुलेआम नंगापन, छल कपट,नीचा दिखलाना भाई का भाई को। जो…
इंसान के गुनों और गुनाहों दोनों कीही कीमत होती है, फ़र्क़ यह होता है,कि गुनों की कीमत तो मिलती है,गुनाह…
पिता तो साक्षात वट वृक्ष होते हैं,अंदर से नर्म प्रत्यक्ष सख़्त होते हैं,अब जब नहीं हैं वह इस संसार में,बस…