कविता

उपवन जैसे झाड़ झंखाड़ न हों

हाथ की अंगूठी उँगली में हमारेरिश्तों की तरह सुंदर लगती है,उँगली से निकालते ही अपनानिशान उँगली पर छोड़ देती है।…

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वट सावित्री

स्त्री तो माता लक्ष्मी है,पार्वती व सरस्वती है,दुर्गा काली भी वह है,सत्यवान की सावित्री है। झाँसी की रानी है,स्त्री इंदिरा…

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मंगल के भण्डारे लखनऊ में

श्री हनुमान जी की कृपा से आजयह अति पावन शुभ कार्य हो रहा है,उनकी दया है हम पर, उनके भंडारेकी…

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नेता नगरी

हाथ जोड़कर ये वोट माँगते नेता,विजयी होकर माननीय बन जाते हैं,इनकी अपनी डफली बजती फिर,ये केवल अपना ही राग सुनाते…

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सीप्ज की 51वीं वर्षगांठ पर भव्य रक्तदान शिविर संपन्न 2637 बोतल रक्त जमा

मुंबई(राष्ट्र की परम्परा)भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के सहयोग से विश्व प्रसिद्ध आभूषण केंद्र, सीप्ज-सेज, के 51वीं वर्षगांठ…

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अर्थ–अनर्थ

किसी का पद उसकी श्रेष्ठतानिश्चित नहीं कर सकता है,पर उसका आचार व्यवहार हीउसकी श्रेष्ठता तय करता है। प्रशंसा सभी को…

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रोज़ थोड़ी ज़िंदगी बेंची

ग़ैरों के ख़यालात की लेते हैं ख़बरखुद के गिरेबान में झांका नहीं जाता!बस्ती में ख़ूब सियासत की जाती है,उनकी आवाज़…

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विचारों पर नियंत्रण

अगर हमें यह साधारण सा एहसासहो जाय कि गुज़रा हुआ वक्त दुबाराफिर नहीं आता है तो हमारा आपकासारा भावी जीवन…

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जीवन का सत्कर्म पुण्य देता है

समय, सत्ता, संपत्ति और शरीरकभी हमारा साथ दें या नहीं दें,अच्छा स्वभाव, समझ, सत्संग,संबंध व सत्कर्म सदा साथ देते हैं।…

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नादानों से रिश्ता रखो

जो दिल से दूसरों का सम्मान करते हैं,वह अपने सम्मान का ख़याल रखते हैं,जो झुक कर किसी का मान करते…

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