किसी का पद उसकी श्रेष्ठता
निश्चित नहीं कर सकता है,
पर उसका आचार व्यवहार ही
उसकी श्रेष्ठता तय करता है।

प्रशंसा सभी को प्रिय होती है,
पर कोई नहीं समझ पाता है,
कि यह महान विष के समान है,
यह सारे अहंकार की जननी है।

प्रशंसा उर्वरक का काम करती है,
इससे हमारी कुराह शुरू होती है,
प्रशंसा बिन कोई प्रसन्न नहीं होता
झूठ के बिना प्रशंसा नहीं होती है।

जीवन में किसी के आने का एक
उद्देश्य होता है, कुछ आजमाते हैं,
कुछ सिखाते हैं, उपयोग करते हैं,
तो कुछ जीवन का अर्थ बताते हैं।

आदित्य झूठ फ़रेब का जमाना है,
झूठ बोलकर शर्मिंदा नहीं होते हैं,
सच को भी झूठ साबित कर देते हैं,
अब अर्थ का अनर्थ निकाल लेते हैं।

•कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’

rkpnews@desk

Recent Posts

घर-घर पहुंच रही जनगणना टीम, 20 जून तक पूरी होगी मकानों की गणना

जनगणना कार्य में तेजी, प्रगणकों और सुपरवाइजरों को दिए गए आवश्यक निर्देश संत कबीर नगर…

10 hours ago

नई दिल्ली में चार लोकतांत्रिक शक्तियों का मंथन: क्या चीन की चुनौती का जवाब बन चुका है क्वॉड?

दिल्ली में क्वॉड का रणनीतिक मंथन: क्या अब बदल जाएगी वैश्विक शक्ति व्यवस्था? ✒️ लेखक…

11 hours ago

चांद दिखने के बाद बदली बकरीद की तारीख, अब 28 मई को रहेगा सार्वजनिक अवकाश

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। शासन के निर्देश के क्रम में 27 मई 2026…

11 hours ago

पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्य वृद्धि महंगाई भ्र्ष्टाचार के खिलाफ सड़क पर उतरे कांग्रेसी,सौंपा ज्ञापन

कांग्रेसियों ने तपती धूप में नगर के डाकबंगला से तहसील कार्यालय तक प्रदर्शन कर की…

14 hours ago